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'गोल्ड की स्मगलिंग पिनराई विजयन ने शुरू कराई, खुद ले गए थे पैसे', स्वप्ना का कोर्ट में बड़ा खुलासा!

क्या है केरल का गोल्ड स्मगलिंग केस जिसके घेरे में अब सीएम पिनराई विजयन भी आ गए?

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7 जून 2022 (अपडेटेड: 7 जून 2022, 01:36 AM IST)
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स्वप्ना सुरेश (दाएं) के खुलासों से सीएम पिनराई विजयन (बाएं) की मुसीबत बढ़ने वाली है | फोटो: आजतक/ एएनआई-ट्विटर
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केरल में सोने की तस्करी (Kerala Gold Smuggling) मामले की मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश (Swapna suresh) ने बड़ा खुलासा किया है. मंगलवार, 7 जून को कोच्चि की एक अदालत में पेश होने के बाद स्वप्ना ने मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि सोने की तस्करी मामले में मुख्यमंत्री न सिर्फ शामिल थे, बल्कि उन्होंने ही इसे शुरू करवाया था. स्वप्ना सुरेश ने दावा किया कि उसने अदालत को मुख्यमंत्री, उनके पूर्व प्रमुख सचिव एम शिवशंकर, मुख्यमंत्री की पत्नी कमला, बेटी वीना और पूर्व मंत्री केटी जलील सहित कई बड़े अधिकारियों की संलिप्तता के बारे में बता दिया है.

2016 में पिनराई विजयन ने क्या किया था?

इंडिया टुडे के विवेक राजगोपाल के मुताबिक मंगलवार को स्वप्ना सुरेश गोल्ड तस्करी मामले में बयान दर्ज कराने के लिए कोच्चि की एक अदालत में पहुंचीं. कोर्ट से बाहर निकलते समय उनसे पत्रकारों ने कई सवाल किए. इनके जवाब में स्वप्ना ने कहा,

'यह सब 2016 में शुरू हुआ था, जब मुख्यमंत्री पिनराई विजयन संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की यात्रा पर गए थे. तब मैं वाणिज्य दूतावास में सचिव थी. उस समय मुझे विजयन के पूर्व प्रधान सचिव एम शिवशंकर ने यूएई में उनकी यात्रा की व्यवस्था देखने के लिए कहा था. मैंने पूरी व्यवस्था केरल में हमारे यूएई वाणिज्य दूतावास के माध्यम से की थी. अगले दिन मुझे शिवशंकर का फोन आया कि विजयन एक बैग भूल गए हैं और इसे तुरंत दुबई भेजा जाना चाहिए. हमने इसे सीएम के पास भेजा. वाणिज्य दूतावास कार्यालय में, एक स्कैनर है और जब हमने बैग को स्कैन किया, तो उसमें पैसे भरे हुए थे. इस तरह यह पूरा खेल शुरू हुआ था.'

समय आने पर और खुलासे करूंगी

इंडिया टुडे के मुताबिक स्वप्ना सुरेश ने इस दौरान ये भी कहा,

‘शिवशंकर के निर्देशों का पालन करते हुए बिरयानी के भारी बर्तनों को वाणिज्य दूतावास से मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास क्लिफ हाउस ले जाया जाता था. इनमें बिरयानी के अलावा अन्य भारी चीजें भी होती थीं. मैं अभी सब कुछ नहीं बता सकती. समय आने पर मैं और खुलासे करूंगी.’

स्वप्ना सुरेश ने दावा किया कि उन्होंने केंद्रीय जांच एजेंसियों को काफी सबूत दिए हैं. लेकिन, अभी इस मामले में कई ऐसे तथ्य हैं, जिन पर गंभीरता से जांच किए जाने की जरूरत है. स्वप्ना ने अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर भी कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है.

स्वप्ना सुरेश | फ़ाइल फोटो: आजतक
सोने की तस्करी का मामला क्या है?

5 जुलाई 2020 को तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क अधिकारियों ने 30 किलोग्राम से अधिक वजन और लगभग 15 करोड़ रुपये मूल्य के सोने का सामान जब्त किया था. यह सोना एयर कार्गो पर उतारा गया था और यूएई के वाणिज्य दूतावास में आए सामान में छिपाकर लाया गया था. सीमा शुल्क अधिकारियों ने एक मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की थी.

बताया गया था कि सामान एक तस्करी सिंडिकेट का हिस्सा है, जिसे राजनयिक छूट प्राप्त व्यक्ति के जरिए इंडिया लाया गया. यह 30 किलो तस्करी का सोना बाथरूम और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में छुपाकर रखा गया था.

केरल सोना तस्करी मामले की आरोपी स्वप्ना सुरेश (बाएं) और एम शिवशंकर (फाइल फोटो: आजतक)
एम शिवशंकर कौन हैं?

एम शिवशंकर सीएम पिनराई विजयन के प्रधान सचिव थे और आईटी विभाग के प्रमुख थे. बताया जाता है कि उनके कहने पर ही स्वप्ना सुरेश को काम पर रखा गया था. इस मामले से जुड़ी जांच में उनका नाम सामने आने के बाद जुलाई 2020 में उन्हें पद से हटा दिया गया था. शिवशंकर का सस्पेंशन जुलाई 2021 में समाप्त होना था जिसे छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया, क्योंकि उन्हें सोने की तस्करी के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था. वह 98 दिनों तक जेल में रहे और बाद में 4 फरवरी, 2021 को जमानत पर रिहा हुए.

वीडियो देखें | केरल हाईकोर्ट ने एक्शन लेने को कहा तो PFI नेता ने जजों पर टिप्पणी कर डाली

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