गाजा अस्पताल हमले में 500 की मौत, कई देशों में हुआ प्रदर्शन, किसको सजा देने की मांग हुई?
फिलिस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इजरायल के इस हमले में कम से कम 500 लोग मारे गए हैं. इजरायल ने इन आरोपों को सिरे से नकारा है और कहा है कि 'फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद' की तरफ से दागा गया एक रॉकेट मिसफायर होकर अस्पताल पर गिर गया.
गाजा के एक अस्पताल में धमाके (Gaza Hospital Attack) में सैकड़ों लोगों की जान जाने के बाद मिडिल ईस्ट के अलग-अलग देशों में विरोध प्रदर्शन हुए. इन देशों में लेबनान, तुर्की और ईरान भी शामिल हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेस्ट बैंक के कई शहरों में फिलिस्तीनी नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान सुरक्षाबलों और लोगों के बीच झड़पें भी हुईं.
फिलिस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि इजरायल के इस हमले में कम से कम 500 लोग मारे गए हैं. इजरायल ने इन आरोपों को सिरे से नकारा है और कहा है कि 'फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद' की तरफ से दागा गया एक रॉकेट मिसफायर होकर अस्पताल पर गिर गया. देश के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि बर्बर आतंकियों ने ये हमला किया है, वो जो हमारे बच्चों को मारते हैं, अपने बच्चों की भी हत्या करते हैं. दूसरी तरफ, फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद की तरफ से कहा गया है कि इजरायल झूठे आरोप लगाकर अपनी जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रहा है.
इधर, लेबनान में अमेरिकी दूतावास के बाहर 17 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन हुए. अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हुई. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले चलाए. इधर, प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की.
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लेबनान में ही फ्रांस के दूतावास के बाहर भी प्रदर्शन हुए. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हिजबुल्लाह के झंडे लहराए. प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान पत्थरबाजी भी की. पत्थर, दूतावास के मुख्य प्रवेश द्वार के पास इकट्ठे हो गए. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तुर्किए और जॉर्डन में इजरायली दूतावासों के बाहर भी विरोध प्रदर्शन हुए. वहीं यमन, मोरक्को और इराक से भी प्रदर्शनकारियों की तस्वीरें आईं. ईरान की राजधानी तेहरान में ब्रिटेन और फ्रांस के दूतावासों के बाहर भी लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया.
गाजा के अस्पताल में यह धमाका तब हुआ है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मिलने आ रहे हैं. बाइडन को कई अरब नेताओं से भी मुलाकात करनी थी. अब ये मुलाकातें रद्द कर दी गई हैं. इधर, फिलिस्तीन में इस हमले के चलते तीन दिन का शोक घोषित किया गया है.
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