असम में भयानक बाढ़ का कहर जारी है. आलम ये है कि कछार जिले का सिलचर शहर बाढ़(Assam Flood) के पानी में डूब गया है. यहां के कई इलाकों की गलियों में पानी भराहै और लोग नावों पर सवार हो कर निकल रहे हैं. बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रोंमें बचाव और राहत अभियान जारी है. असम में बाढ़ से हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं. मंगलवार, 21 जून को 7 और लोगों कीमौत की खबर आई. इससे इस साल राज्य में बाढ़ और भूस्खलन में मरने वालों की संख्या 88हो गई है. बराक घाटी के दो जिलों करीमगंज और कछार में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुईहै. #WATCH | Silchar town in Cachar district submerged, people commute on boats dueto inundated lanes#AssamFloods pic.twitter.com/5gOSXsdQTB— ANI (@ANI) June 22, 2022इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्टर तोरा अग्रवाल की एक रिपोर्ट के मुताबिक यहां केनिवासियों ने बताया कि सोमवार, 20 जून की दोपहर बाढ़ का पानी अचानक आया. लगातारबारिश के कारण असम के दूसरे हिस्सों की तरह सिलचर में भी बाढ़ आई, लेकिन मंगलवार कोयहां स्थिति गंभीर हो गई. हालात देखते हुए केंद्र ने बचाव कार्यों में मदद के लिएभुवनेश्वर से एनडीआरएफ की चार टीमें भेजी हैं.Rescue operation underway in flood-affected areas all over Silchar townpic.twitter.com/r02MMCKqfY— Deputy Commissioner Cachar (@dccachar) June 21, 2022बाढ़ में फंसे सिलचर निवासियों ने क्या कहा?रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार, 22 जून की दोपहर NDRF की टीम ने एक प्रेग्नेंट महिलाउदेशना देबरॉय और उनकी मां को निकाला. देबरॉय के पति निरुपम दत्ता ने अखबार कोबताया,हमें लगा था कि पहली मंजिल पर होने से हम सुरक्षित हैं, लेकिन जब पानी हमारी सीढ़ीपर पहुंचा, तब हमें एहसास हुआ कि ये कोई साधारण बाढ़ नहीं है.वहीं एक और निवासी जॉयदीप विश्वास ने मौजूदा हालात को "भयानक" बताते हुए कहा,मुझे 1980 के दशक की बड़ी बाढ़ याद है, लेकिन इस साल अब तक की सबसे भयंकर बाढ़ है.न बिजली, न पानी, हर जरूरी चीज का स्टॉक कम पड़ रहा है.बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान जारीबाढ़ से तबाही की स्तर इतना ज्यादा है कि जिला प्रशासन के लिए बचाव और राहत कार्यभी एक कठिन चुनौती बन गई है. कछार की डिप्टी कमिश्नर कीर्ति जल्ली ने कहा कि शहर भरमें पानी भर गया है और बहुत सारे लोग फंसे हुए हैं. उन्होंने ट्वीट कर बताया,बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने में मदद के लिए सिलचर के सबसेबुरी तरह प्रभावित इलाकों में चौबीसों घंटे बचाव और राहत अभियान जारी है. मदद केलिए कई अनुरोध आ रहे हैं, ऐसे में तुरंत मदद पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है.Massive rescue evacuation and relief operations are continuing round the clockin the worst affected areas of Silchar Town to help the marooned people move tosafer places.Many requests are being received for help which are being tried to be addressedimmediately. pic.twitter.com/tmLZTGaE7q— Deputy Commissioner Cachar (@dccachar) June 22, 2022असम के 36 में से 32 जिलों में अब तक करीब 55 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. दोलाख से अधिक लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं. एनडीआरएफ (NDRF) के साथ-साथभारतीय सेना भी राहत और रेस्क्यू के काम में जुटी हुई है. आजतक के अनुपम मिश्रा केमुताबिक पिछले कई दिनों में आर्मी की ओर से 4500 से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू कियागया है.