अजमेर दरगाह प्रमुख के उत्तराधिकारी ने बताए वक्फ बिल के फायदे, ओवैसी बोले- 'वो सरकारी कर्मचारी है'
सैयद नसरुद्दीन चिश्ती का बयान शेयर किया है. वो कह रहे हैं, “संशोधन का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मस्जिदें या संपत्तियां छिन जाएंगी. यह कहना गलत होगा. बिल चर्चा के बाद ही लाया गया है. इस पर जेपीसी में भी चर्चा की गई. सरकार ने सबको सुना. इसके बाद ही बिल लाया गया."
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