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कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली पुलिस का बताकर जो तस्वीरें शेयर कीं, वो तो कहीं और की निकलीं!

सोशल मीडिया पर लोग दिल्ली पुलिस पर सवाल उठा रहे हैं.

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सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरें.
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अंशुल सिंह
16 जून 2022 (अपडेटेड: 16 जून 2022, 08:01 PM IST)
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दावा

सोशल मीडिया पर तीन तस्वीरों का एक कोलाज तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल कोलाज की तीनों तस्वीरों में पुलिस की वर्दी पहने लोग नज़र आ रहे हैं. इनमें से कुछ पुलिसकर्मियों की वर्दी पर नेमप्लेट नहीं दिख रही है. अब सोशल मीडिया यूज़र्स और कांग्रेस के नेता इस वायरल कोलाज को दिल्ली पुलिस का बताकर शेयर कर रहे हैं. दावा है कि जब दिल्ली पुलिस ने 15 जून को कांग्रेस मुख्यालय में घुसकर कार्रवाई की थी, तब कुछ पुलिस वाले बिना बिना नेमप्लेट वाली वर्दी पहने नज़र आए थे.

कांग्रेस नेता सौरभ चौधरी ने वायरल कोलाज ट्वीट कर लिखा, (आर्काइव)

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वेरिफाइड ट्विटर यूज़र हिम्मत सिंह गुर्जर ने वायरल कोलाज के साथ लिखा,

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हिम्मत सिंह गुर्जर के ट्वीट का स्क्रीनशॉट.

अब बात उस ट्वीट की जहां से इस कोलाज को सबसे ज्यादा रीच मिली. कांग्रेस की नेशनल कोऑर्डिनेटर रितु चौधरी ने 15 जून 2022 को रात 10 बजकर 4 मिनट पर ट्वीट किया था और पड़ताल लिखे जाने तक इस ट्वीट 19 हजार लाइक्स और 8 हजार से ज्यादा रीट्वीट्स मिल चुके हैं. हालांकि रितु ने अपने ट्वीट में दिल्ली पुलिस और कांग्रेस मुख्यालय जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया है. (आर्काइव)

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रितु चौधरी के ट्वीट का स्क्रीनशॉट.


इन सबके अलावा कांग्रेस से जुड़े कुछ और ट्विटर अकाउंट्स ने वायरल कोलाज को ट्वीट किया है.

पड़ताल

वायरल कोलाज का सच जानने के लिए सबसे पहले हमने रितु चौधरी के ट्वीट को खंगाला. ट्वीट के रिप्लाई में कुछ यूज़र्स ने ट्विटर हैंडल The Hawk Eye को कोट कर वायरल तस्वीरों को केरल पुलिस का बताया.

The Hawk Eye ने अपने ट्वीट में लिखा,

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The Hawk Eye के ट्वीट का स्क्रीनशॉट.


The Hawk Eye के अलावा और भी ट्विटर यूज़र्स ने वायरल तस्वीर को जूम कर केरल पुलिस का बताया.

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तस्वीर के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए हमने केरल पुलिस में जनसंपर्क प्रमुख वी पी प्रमोद कुमार से बात की. उन्होंने बताया,

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सर्च से हमें फेसबुक पर कुछ ऐसे पोस्ट भी मिले जिनमें साल 2018 में सबरीमाला विवाद के दौरान केरल पुलिस को बिना नेमप्लेट के देखा जा सकता है.

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फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट.
नतीजा

हमारी पड़ताल में वायरल कोलाज के साथ किया जा रहा दावा गलत साबित हुआ. वायरल कोलाज में मौजूद तस्वीरों का दिल्ली पुलिस से नहीं बल्कि केरल पुलिस से है. खुद केरल पुलिस के जनसंपर्क विभाग ने वायरल तस्वीरों को केरल पुलिस से जुड़ा हुआ बताया है.

 

 

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