दावासोशल मीडिया पर तीन तस्वीरों का एक कोलाज तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल कोलाज कीतीनों तस्वीरों में पुलिस की वर्दी पहने लोग नज़र आ रहे हैं. इनमें से कुछपुलिसकर्मियों की वर्दी पर नेमप्लेट नहीं दिख रही है. अब सोशल मीडिया यूज़र्स औरकांग्रेस के नेता इस वायरल कोलाज को दिल्ली पुलिस का बताकर शेयर कर रहे हैं. दावाहै कि जब दिल्ली पुलिस ने 15 जून को कांग्रेस मुख्यालय में घुसकर कार्रवाई की थी,तब कुछ पुलिस वाले बिना बिना नेमप्लेट वाली वर्दी पहने नज़र आए थे.कांग्रेस नेता सौरभ चौधरी ने वायरल कोलाज ट्वीट कर लिखा, (आर्काइव)दिल्ली पुलिस ने बीच में RSS के गुंडे घुसा कर कांग्रेस दफ्तर पर हमला किया है. येबिना नेम प्लेट वाले पुलिस की वर्दी में घुसकर कौन हमला कर रहे हैं. सबका हिसाबहोगा, वक्त का इंतजार हैं. नकली पुलिस भेज कर भाजपा सरकार ने हमला करवाया. भाजपासरकार होश में आओ, शर्म करो शर्म करो.दिल्ली पुलिस ने जो बीच में RSS के गुंडे घुसा कर कांग्रेस दफ्तर पर हमला किया है।।ये बिना नेम प्लेट वाले पुलिस की वर्दी में घुसकर कोन हमला कर रहे हैं। सबका हिसाबहोगा,, वक्त का इंतेजार हैं नकली पुलिस भेज कर भाजपा सरकार ने हमला करवाया भाजपासरकार होश में आओ शर्म करो शर्म करो pic.twitter.com/Qc6ZVcnb47— SAURABH CHAUDHARY (@INC_saurabh) June 15, 2022वेरिफाइड ट्विटर यूज़र हिम्मत सिंह गुर्जर ने वायरल कोलाज के साथ लिखा,सावधान सतर्क रहें. अब संघी पुलिस वर्दी पहनकर आपके आंदोलन को कुचलने आ सकते है,किसान आंदोलन में भी पुलिस वर्दी में संघी गुंडे भेजे थे. दिल्ली में कांग्रेस केविरोध प्रदर्शन को रोकने इसी तरह आये पुलिस यूनिफॉर्म में कौन हैं ये लोग ?अगर वे पुलिसकर्मी है, तो नेमप्लेट और बैज कहां हैं ?अब बात उस ट्वीट की जहां से इस कोलाज को सबसे ज्यादा रीच मिली. कांग्रेस की नेशनलकोऑर्डिनेटर रितु चौधरी ने 15 जून 2022 को रात 10 बजकर 4 मिनट पर ट्वीट किया था औरपड़ताल लिखे जाने तक इस ट्वीट 19 हजार लाइक्स और 8 हजार से ज्यादा रीट्वीट्स मिलचुके हैं. हालांकि रितु ने अपने ट्वीट में दिल्ली पुलिस और कांग्रेस मुख्यालय जैसेशब्दों का इस्तेमाल नहीं किया है. (आर्काइव)इन सबके अलावा कांग्रेस से जुड़े कुछ और ट्विटर अकाउंट्स ने वायरल कोलाज को ट्वीटकिया है.पड़तालवायरल कोलाज का सच जानने के लिए सबसे पहले हमने रितु चौधरी के ट्वीट को खंगाला.ट्वीट के रिप्लाई में कुछ यूज़र्स ने ट्विटर हैंडल The Hawk Eye को कोट कर वायरलतस्वीरों को केरल पुलिस का बताया.The Hawk Eye ने अपने ट्वीट में लिखा,रितु चौधरी और कांग्रेस से जुड़े दूसरे ट्विटर हैंडल जिस "नेमप्लेट-लेस" पुलिस कीतस्वीर साझा कर रहे हैं, उसमें पुलिसवाले असल में केरल पुलिस का बैज लगाए हुए हैं.The Hawk Eye के अलावा और भी ट्विटर यूज़र्स ने वायरल तस्वीर को जूम कर केरल पुलिसका बताया.अरे रितु जी आप क्या दिमाग से पैदल है एक बार फोटो डालने के पहले फैक्ट चेक तो करलेना चाहिए था या केरल पुलिस की वर्दी है 🙃🤲 pic.twitter.com/4ZGh1ry2px— your time's up. (@TakeTheJab) June 15, 2022तस्वीर के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए हमने केरल पुलिस में जनसंपर्क प्रमुख वीपी प्रमोद कुमार से बात की. उन्होंने बताया,'तस्वीरें केरल पुलिस से जुड़ी हुई हैं. वर्दी में कंधे की आस्तीन के प्रतीक चिन्हको देखकर इस बात की पुष्टि की जा सकती है. हालांकि यह बता पाना मुश्किल है कि येतस्वीर केरल में किस जगह की है. बीते एक सप्ताह में केरल में कई जगह विरोध-प्रदर्शनहुए हैं, संभवत: ये तस्वीर उसी दौरान खींची गई है.'सर्च से हमें फेसबुक पर कुछ ऐसे पोस्ट भी मिले जिनमें साल 2018 में सबरीमाला विवादके दौरान केरल पुलिस को बिना नेमप्लेट के देखा जा सकता है.नतीजाहमारी पड़ताल में वायरल कोलाज के साथ किया जा रहा दावा गलत साबित हुआ. वायरल कोलाजमें मौजूद तस्वीरों का दिल्ली पुलिस से नहीं बल्कि केरल पुलिस से है. खुद केरलपुलिस के जनसंपर्क विभाग ने वायरल तस्वीरों को केरल पुलिस से जुड़ा हुआ बताया है.