नहीं, मैं नहीं मानता. ऐसा हो ही नहीं सकता. कुछ AI वाला झोल होगा या फिर कोई और करामात की गई होगी. कुछ ऐसे ही ख्याल मेरे दिमाग में कुलबुलाये थे जब मैंने इस डिवाइस (Vivo X200 review) के बारे में जाना था. सच्ची में मुझे लगा था कि पक्का किसी प्रोफेशनल फोटोग्राफर से फोटो क्लिक करवाए होंगे और फिर पोस्ट किए होंगे. मगर फिर अपन ने ‘आदमी जानिए बसें और सोना जानिए कसें’ वाला फॉर्मूला अपनाया. मतलब जैसे सोने को कसौटी पर परखते हैं, वैसे ही अपन इस फोन के साथ वक्त बिताए. पता चला बात कैमरे से कहीं आगे की है.
iPhone से कमतर नहीं Vivo X200 का कैमरा, लेकिन बाकी फीचर्स में कितना दम है?
Vivo X200 review: दिसंबर में लॉन्च होने के बाद से ही इसके पोर्ट्रेट शॉट्स वायरल हैं. रंगीन के साथ ब्लैक एंड वाइट तस्वीरें हर जगह नजर आती हैं. टेक एक्सपर्ट भी इसकी दिल खोलकर तारीफ कर रहे. iPhone के मुकाबले या उससे बेहतर तक बता रहे. हमें इससे इतर भी कुछ मिला.

बात हो रही है Vivo X200 स्मार्टफोन की. पिछले साल दिसंबर में लॉन्च होने के बाद से ही इसके पोर्ट्रेट शॉट्स वायरल हैं. रंगीन के साथ ब्लैक एंड वाइट तस्वीरें हर जगह नजर आती हैं. टेक एक्सपर्ट भी इसकी दिल खोलकर तारीफ कर रहे. iPhone के मुकाबले या उससे बेहतर तक बता रहे. हमें इससे इतर भी कुछ मिला.
Vivo X200 (कहानी सिर्फ कैमरा की नहीं है)भारतीय स्मार्टफोन में बाजार की नंबर एक कंपनी की फ्लैगशिप सीरीज जो महीने भर पहले दिसंबर 2024 में लॉन्च हुई. स्मार्टफोन का कैमरा वाकई में क्या कर सकता है, उसकी एक बानगी x100 सीरीज में नजर आई थी. मगर जैसा हमने कहा, लगा कि सब एडिटिंग का कमाल होगा. लेकिन X200 के साथ एक महीने से ज्यादा बसने और हर तरीके से कसौटी पर कसने के बाद अपन इसके कैमरे के मुरीद हो गए. अपने साथ जिसे भी इसके फोटो दिखाए वो सिर्फ वाह बोला.

पहले भी हमने कभी फोन के मेगापिक्सल पर फ़ोकस नहीं किया और अभी भी नहीं करेंगे. सिर्फ एंड रिजल्ट मायने रखता है और यहां उसमें X200 को पूरे नंबर. फोन का कैमरा ओपन कीजिए और बस खिचक-खिचक कीजिए. नॉर्मल लेंस के फोटो देखकर शानदार लगेगा. पोर्ट्रेट शॉट्स देखकर जबरदस्त वाली फीलिंग आएगी और ब्लैक एंड वाइट फोटो देखकर जिंदाबाद निकलेगा.

बिना एडिट किए सिर्फ क्लिक करने से इतने अच्छे फोटो. वीवो और ZEISS ने वाकई कमाल किया है.

वीवो ने फोन के साथ लैंडस्केप मोड भी दिया है. बताने की जरूरत नहीं की ये भी बखूबी काम करता है. लेकिन क्या कमाल फोटो से काम चल जाएगा. नहीं इसलिए हम आगे बात करते हैं.

एक समय आईफोन के फोटो को मार्केट स्टैंडर्ड माना जाता था. फ़ंडा वही था. बस क्लिक करने से जो काम बन जाए. लेकिन गूगल पिक्सल और सैमसंग ने इस धारणा को तोड़ा. पिक्सल फोन की पहचान उनके कैमरे के लिए बनी. आज तो शाओमी, ओप्पो और वीवो इसमें बहुत आगे हैं. मतलब सिर्फ फोटो खींचनी है तो वीवो से अच्छा कुछ नहीं. लेकिन वीडियो में अभी भी आईफोन की बादशाहत है. कोई कितना भी बोले, लेकिन वीडियो के लिए वो आईफोन पर ही भरोसा करता है. कई सारे यूट्यूबर की दुकान ही आईफोन से चल रही. मगर तभी तक जब तक Vivo X200 नहीं था.
फोन वीडियो क्वालिटी में आईफोन से भले आगे नहीं है मगर बरोबर टक्कर दे रहा है. कई सारे एक्सपर्ट आजकल इसी से वीडियो बनाकर सीधे अपलोड कर रहे हैं. माने यहां भी वीवो नंबर बना रहा. लेकिन क्या इतने से काम चल जाएगा? नहीं, इसलिए हम आगे बात करते हैं.
बैटरी और डिजाइन फ़िलॉसफ़ीवीवो मतलब एक स्लिम सा स्मार्टफ़ोन. पतला-दुबला जरूर है मगर बैटरी में कोई कमी नहीं. पारंपरिक लीथियम-आयन की जगह कंपनी सिलिकॉन-कार्बन बैटरी इस्तेमाल कर रही है. सिम खोंसकर इंटरनेट चलाते हुए भी पूरा दिन आराम से निकलता है. कंपनी चार्जर अभी भी दे रही जो एक हिसाब से अच्छा है. चार्जिंग स्पीड पर दिमाग खपाने की जरूरत नहीं क्योंकि जितनी देर में चाय बनेगी या आप नहाकर बाथरूम से निकलेंगे, उतनी देर में फोन चार्ज हो चुका होगा. कंपनी का कहना है कि बैटरी इतनी बढ़िया है कि लद्दाख की ठंड में भले आपके हाथ काम करना बंद कर दें, फोन चलता रहेगा. कभी लद्दाख गए तो ये भी टेस्ट कर लेंगे.

वीवो यहां खूब काम कर रहा है. फोन एंड्रॉयड 15 के साथ में आया था और उसके बाद अपडेट भी आ गया. इसकी वजह से फोन में theft protection जैसा फीचर भी आ गया. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि जनवरी के महीने में भी कई सारे फोन में लेटेस्ट सॉफ्टवेयर नहीं आया है. यूजर इंटरफेस के मामले में भी कोई दिक्कत नहीं. उदाहरण के लिए दो सिम मैनेज करने के लिए सिर्फ कंट्रोल पैनल पर उंगली सरकाने से काम चल जाएगा.

जो तारीफ करना थी वो कर दी. अब हक़ीक़त के धरातल पर वापस आते हैं. Vivo X 200 के 12 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज मॉडल का दाम ₹65,999 है. ये दाम कहीं से ज्यादा नहीं क्योंकि फोन वाकई में बहुत कुछ ऑफर करता है. लेकिन क्या यूजर इतना पैसा देना पसंद करेगा? शायद अभी नहीं, क्योंकि 50 हजार के ऊपर के बजट में वो अभी भी दूसरे ब्रांड पर भरोसा रखता है.
मगर वीवो पर भी भरोसा कोई कम नहीं है. कंपनी बिक्री के मामले में पहले नंबर पर है. लेकिन उसमें मिडरेंज और प्रीमियम मिडरेंज का बड़ा हिस्सा है. फ्लैगशिप डिवाइस का झंडा गड़ने में अभी वक्त है. मगर कंपनी ने बेबी स्टेप तो लिया है. पूत के पांव पालने में नजर आ रहे हैं. सलीके से कदम रखेंगे तो मंजिल मिल ही जाएगी.
वीडियो: ये हैं 2024 का बेस्ट स्मार्टफोन्स, क्या इस लिस्ट में आपका फोन भी शामिल है?