आप हाइवे पर अपनी कार में फर्राटा भर रहे हैं. स्पीड की तयशुदा लिमिट से ऊपर मीटर भाग रहा है मगर आपको कोई टेंशन नहीं. क्योंकि आपके मोबाइल में तो ऐप है जो बता देगा कि आगे कहां कैमरा लगा है. अब झूठ मत बोलना कि ये वाला ऐप आपने डाउनलोड नहीं किया है. चलो नहीं भी है तो आप ठहरे स्मार्ट क्योंकि आपने स्पीड कैमरा दूर से ही देख लिया और फिर ब्रेक पर पैर रख दिया था. मतलब, ओवर स्पीड वाले चालान का कोई चांस ही नहीं. मगर ये क्या? आपकी यात्रा खत्म हुई नहीं कि उसके पहले चालान (Overspeeding Challan) वाला मैसेज आ गया.
हाईवे पर चालान से बचने की सारी चालाकियां धरी रह जाएंगी, फाइन से कोई नहीं बचा पाएगा
Highway Traffic Chalan: आपने स्पीड कैमरा दूर से ही देख लिया था और फिर ब्रेक पर पैर भी रख दिए थे मगर चालान वाला मैसेज (Overspeeding Challan) आ गया. जमाना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है तो कैमरे भी बुद्धिमान हो चले हैं. अगर आपको लगे कि सड़क पर AI कहां से आई तो बस इतना समझ लीजिए कि आप पांचवीं क्लास की गणित में फंस गए हैं.

ये क्या हुई, कैसे हुई! फर्जी चालान वाला मामला तो नहीं? नहीं जनाब, एकदम सच्ची-मुच्ची का चालान है. जमाना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है तो कैमरे भी बुद्धिमान हो चले हैं. अगर आपको लगे कि सड़क पर AI कहां से आई तो बस इतना समझ लीजिए कि आप पांचवीं क्लास की गणित में फंस गए हैं. बताते कैसे.
हाइवे है, माई वे नहींअब ये तो आपको पता ही होगा कि सड़क चाहे स्टेट की हो या नेशनल हाइवे. या फिर एक्सप्रेस वे जिनको द्रुतगति मार्ग कहते हैं. सभी पर गाड़ी भगाने की एक लिमिट है. कार के लिए अलग तो ट्रक के लिए अलग. दोपहिया के लिए भी एक सीमा तय है. जो इसके ऊपर मीटर गया तो सड़क पर लगा कैमरा आपको धर लेगा. जगह-जगह पर स्पीड कैमरे वाली गाड़ियां भी खड़ी होती हैं जो ओवर स्पीड करने पर ऑन दी स्पॉट चालान करती हैं. ये सब तो पारंपरिक व्यवस्था है मगर अब तो जमाना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है.

इसलिए अब चालान इस बेस पर नहीं कटेंगे कि आप कैमरे की जद में नहीं आए बल्कि इसका आधार ये भी होगा कि रास्ते को आपने कितनी देर में पार किया. मतलब, एक पॉइंट से या एक टोल से आप अंदर दाखिल हुए और दूसरे से जब आप बाहर निकले तो कितना समय लगा. माने दो टोल के बीच 100 किलोमीटर की दूरी है और स्पीड लिमिट भी 100km/h है तो गुणा गणित लगा लीजिए. आप घंटे में पार हुए तो ठीक मगर जो आप 50 मिनट या उससे कम में निकल आए तो बस फिर मोटा चालान कट ही जाना है.
इस व्यवस्था को अगस्त 2024 में Bengaluru-Mysuru हाइवे पर लागू किया गया था. 119 किलोमीटर के इस हाइवे को हैवी ड्राइवर एक घंटे से कम में पार कर जा रहे थे. जबकि स्पीड लिमिट ही 100km/h है. ओवर स्पीड करने पर Automatic Number Plate Recognition (ANPR) सिस्टम से चालान किए गए. इतना ही नहीं जो गाड़ी की स्पीड 130km/h से ज्यादा हुई तो चालान के साथ एफआईआर का भी प्रबंध है. अब यही गुणा-गणित देश के बाक़ी हाइवे पर लगाया जा रहा है.
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इसलिए बेहतर होगा कि गाड़ी को तय स्पीड पर चलाई जाए. चालान भी नहीं कटेगा और जेब भी. जीवन सुरक्षित रहेगा सो अलग.
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