कुछ साल पहले आईटीसी (ITC) एग्रीकल्चर डिवीजन के एक बहुबड़े अधिकारी अपनी फ्लाइट छूटने की चिंता में 'धुआं-धुआं' हो रहे थे. भोपाल में ठंड का मौसम था और कोहरा होने की आशंका थी. अधिकारी के माथे पर चिंता की लकीरें देखकर पास में खड़े किसान ने उनसे कहा कि उसने मौसम का हाल चेक किया है, आज कुहासा नहीं होने वाला. अधिकारी पूछे किस ऐप पर? किसान ने कहा आईटीसी के ऐप पर. जब हमने ये कहानी सुनी तो जाहिर सी बात है कि मन में कीड़ा जागा. कौन सा ऐप है, जो इतनी सटीक जानकारी देता है.
ITCMAARS: किसानों का देसी WhatsApp, मौसम की जानकारी से लेकर मंडी का भाव, सब फोन पर मिलेगा
ITCMAARS - Kisan Agri App जो सिर्फ मौसम की सही जानकारी ही नहीं देता बल्कि फसलों का बुखार और सर्दी भी ठीक करता है. AI बेस्ड ऐप किसानों को आपस में बतियाने का भी मौका देता है.

ऐप का नाम ITCMAARS - Kisan Agri App जो सिर्फ मौसम की सही जानकारी ही नहीं देती, बल्कि फसलों का बुखार और सर्दी भी ठीक करती है. AI बेस्ड ऐप किसानों को आपस में बतियाने का भी मौका देती है. वाकई में? चलिए पता करते हैं.
ITCMAARS - Kisan Agri Appगूगल प्ले स्टोर पर ऐप के 1 मिलियन मतलब 10 लाख से ज्यादा डाउनलोड हैं और लास्ट अपडेट 9 दिसंबर 2024 का है. माने अपडेट वगैरा तो समय से आते हैं. क्योंकि ऐप किसानों को फोकस करके बनाया गया है तो यूजर इंटरफ़ेस बेहद आसान रखा गया है. लॉगिन के किए एक मोबाइल नंबर बहुत है और जो आपको सारे अपडेट WhatsApp पर चाहिए तो उसका भी प्रबंध है.
अंग्रेजी के साथ हिन्दी, मराठी, गुजराती, बंगाली जैसी कई भारतीय भाषाओं का सपोर्ट भी है. बारिश होगी या मौसम खुला रहेगा. इसका पता होम स्क्रीन पर ही चल जाता है. खैर इसका पता तो कई ऐप से भी चल जाएगा इसलिए हम फोकस करते हैं फसलों के डॉक्टर वाले फीचर पर.
Crop Doctorये एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड फीचर है जिसकी मदद से किसान अपनी फसल की हेल्थ के बारे में जानकारी ले सकता है. फसल की फोटो खींचो और अपलोड करो. कौन सी बीमारी है मतलब कीड़ा लग रहा है तो कौन सा. दवाई कौन सी छिड़कनी, उसका पता भी यहीं से चलेगा. अब जो मशीन के जवाब से मन नहीं भरे तो ऐप के अंदर ही डॉक्टर से बात करने का भी जुगाड़ है.

आसान भाषा में कहें तो एक देसी किस्म का वॉट्सऐप. किसान आपस में बतिया सकते हैं. मसलन, आपके इलाके में यूरिया क्या भाव मिल रहा या फिर मंडी में आज गेहूं किस रेट में बिका.
इसके इतर सबसे जरूरी चीज मतलब मंडी के भाव पता करने का भी जुगाड़ है. 100 किलोमीटर के दायरे में फसलों का रियल टाइम भाव ऐप पर लाइव उपलब्ध है. एग्रीकल्चर लोन के लिए सीधे बैंक से कनेक्टिविटी और फसलों पर सरकारी सब्सिडी की जानकारी भी ऐप से मिल ही जाती है.
जो इतना करने के बाद भी अगर कहीं गरारी फंस जाए यो कृषि मित्र और टोल फ्री नंबर भी है. फ्री से याद आया कि ऐप तो एकदम फ्री है तो फिर आईटीसी का क्या फायदा. आईटीसी को मिलता है 'आशीर्वाद'. मतलब फसल खरीदने के लिए बिना बिचौलिए के सीधे किसान से संवाद. ऐप के माध्यम से किसानों की सफलता की भी कई कहानियां हैं. जैसे कोई दस गुना फायदा कमा रहा तो कोई प्रधानमंत्री से मिल रहा है. उसकी चर्चा फिर कभी.
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