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गाड़ी के ई-चालान का पैसा कहीं आप ठगों को तो नहीं दे रहे, ये लिंक सच में लुटवा देगा?

ट्रैफिक ई-चालान के नाम पर ठगी के इस तरीके में कोई भी फंस सकता है. मगर ये तरीके बचा लेंगे...

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ट्रैफिक चालान के नाम पर ठगी (सांकेतिक तस्वीर)

साइबर ठगों ने ई-चालान के नाम पर हमें और आपको चूना लगाने का इंतजाम कर लिया है. होता कैसे है ये? तो जवाब है- 

इनबॉक्स में एसएमएस आता है परिवहन विभाग के नाम से. लिखा होता है- ट्रैफिक रूल तोड़ने के लिए आपका ई-चालान हुआ है. आप थोड़ा सा सिर खुजाते हैं कि कब हुआ था, लेकिन याद नहीं आता. थक हार कर लिंक पर क्लिक करते हैं और सामने परिवहन विभाग की वेबसाइट ओपन होती है. आप चालान भर देते हैं और सुकून की सांस लेते हैं. 

कहानी खत्म. क्योंकि आप ठगी के शिकार (Cyber Crime Via E-Challan) हो चुके हैं. तो अगर आपके पास भी ऐसा कोई मैसेज आया है तो तनिक रुक जाइए और क्या सावधानी रखनी है, वो जान लीजिए.

ओल्ड स्टाइल डर का धंधा 

undefined से लेकर फिशिंग लिंक और फिल्मों के रिव्यू के नाम पर ठगी शायद पुरानी हो गई, तभी तो ठगों ने एकदम नया तरीका निकाला है. तरीका भले नया है, लेकिन स्टाइल बेहद पुराना. मतलब आजकल तो लालच देकर ठगी के किस्से बहुत आम हैं. मसलन वर्क फ्रॉम होम वाली जॉब या फिर फिल्म का रिव्यू. लेकिन यहां ओल्ड स्टाइल अपनाई जा रही है. डर का धंधा अपनाया जा रहा है. ॉ

अब ये बहुत नॉर्मल सी बात है कि चालान के नाम पर हम और आप चौंक जाते हैं. डर जाते हैं. दिमाग कई बार काम नहीं करता. कहने का मतलब मैसेज में जो डेट नजर आ रही हो, हो सकता है उस दिन आपने गाड़ी चलाई ही नहीं हो. शायद वीकेंड रहा हो या फिर आप पहाड़ों में चिल मार रहे हों. लेकिन चालान देखते ही सब शून्य. मरता क्या ना करता वाली स्थति. आपने इससे बचना है.

# सबसे पहले तो मैसेज को ध्यान से देखें. मैसेज लगेगा कि परिवहन विभाग से आया है मगर ऐसा होता नहीं. ऐसे मैसेज में बहुत बेसिक तरीके से सिंगल लाइन में लिखा होता है कि आपने ट्रैफिक रूल तोड़ा है और इतना चालान हुआ है. जबकि परिवहन विभाग के मैसेज में बाकायदा पूरे डिटेल्स होते हैं. जैसे समय, जगह और तारीख. 

# ऐसे मैसेज से दूर रहें. अगर लिंक पर क्लिक किया है तो गौर से वेबसाइट को देखें. फर्जी वेबसाइट echallanparivahan.in, echallanparivahan.gov जैसे यूआरएल से बनी होती हैं. जबकि परिवहन विभाग की असल वेबसाइट है https://echallan.parivahan.gov.in. बहुत महीन से अक्षरों के बदलाव से खेला हो रहा है. 

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ई-चालान वेबसाइट 

# इसको चाहें तो सेव कर लें. चालान का मैसेज आने पर घबराने की जरूरत नहीं. जैसा हमने कहा याद तो कीजिए कि आप वाकई में उस दिन फर्राटा भर रहे थे या नहीं. अगर याद नहीं आता तो परिवहन विभाग का ऐप और वेबसाइट आपकी मदद कर सकता है. ऐप और वेबसाइट पर Get Challan Details पर चालान नंबर, गाड़ी नंबर या ड्राइविंग लाइसेंस नंबर डालते ही आपकी गाड़ी पर कितने चालान हैं, उसका पता चल जाएगा. अब आप जुर्माना भर सकते हैं.

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ई-चालान डिटेल्स

आखिर में निवेदन. बेकार के पचड़ों, स्कैम से बचने का सबसे बढ़िया तरीका. ट्रैफिक रूल्स का पालन कीजिए. माने ना कटेगा चालान, ना ठगे जाएंगे…

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