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Flipkart का नाम लेकर तगड़ा ठगा, फ्रॉड का ये तरीका सुन सोशल मीडिया से हाथ जोड़ लेंगे

ट्विटर या X पर ई-कॉमर्स वेबसाइट के कस्टमर केयर सपोर्ट के नाम पर साइबर क्राइम और ठगी के अनोखे मामले सामने आ रहे हैं. मामले इतने ज्यादा बढ़ गए हैं कि कई जाने-माने लोगों ने इसको लेकर आगाह किया है. आपके साथ ऐसा नहीं हो इसलिए जान लीजिए कि क्या करना है.

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फ्लिपकार्ट के नाम पर ठगी (तस्वीर: इंडिया टुडे)

पता नहीं ऐसी सिचुएशन में मैं ऑटोमेटिकली आगे कैसे आ जाता हूं. धमाल फिल्म का ये डायलॉग आपने देखा होगा और इससे जुड़े सैकड़ों मीम भी देखे होंगे. जैसी फिल्म में हालत जावेद जाफरी की थी तकरीबन वैसी ही हालत FlipKart की है. दरअसल ट्विटर पर फ्लिपकार्ट कस्टमर केयर (Flipkart Support) के नाम पर एक अजीब किस्म की ठगी का धंधा चल रहा है. लेकिन, फ्लिपकार्ट का इससे कोई लेना-देना नहीं है. फ्लिपकार्ट का भले ही इस फर्जीवाड़े से कोई लेना-देना नहीं हो, लेकिन हमारा आपसे लेना देना जरूर है. इसलिए आपको पूरी बात पता होना जरूरी है. ताकि...  

ट्विटर या X पर ई-कॉमर्स वेबसाइट के नाम पर हो रहे साइबर क्राइम और ठगी से आप बचे रहें. मामले इतने ज्यादा बढ़ गए हैं कि कई जाने-माने लोगों ने इसको लेकर आगाह किया है. इसी में से एक हैं टेक एक्सपर्ट अमित भवानी. अमित ने X पर बाकायदा स्क्रीन शॉट शेयर करके इसके बारे में बताया है. पोस्ट के मुताबिक,

ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान जब भी कोई दिक्कत आने पर उसके बारे में ट्विटर पर पोस्ट करते हैं, तो फटाक से रिप्लाई आता है. आपको हुई दिक्कत के जवाब में तकरीबन असली लगने वाले हैन्डल से जवाब दिया जाता है. आपको हुई दिक्कत के लिए माफी मांगी जाती है और साथ में एक मोबाइल नंबर भी चस्पा होता है.

अब आगे बढ़ने से पहले एक जरूरी बात. कोई भी कस्टमर केयर, मतलब बात सिर्फ फ्लिपकार्ट की नहीं है. एमेजॉन से लेकर Paytm और दूसरा कोई भी प्लेटफॉर्म ऐसे अपना मोबाइल नंबर नहीं देता. कस्टमर केयर कैसे काम करता है वो आगे बताते हैं, लेकिन पहले पूरा माजरा समझ लेते हैं.

होता ये है कि इतनी जल्दी रिप्लाई देखकर आप और हम बड़े खुश हो जाते हैं और दिए गए मोबाइल नंबर पर फोन घुमा देते हैं. दूसरी तरफ होते हैं ठग वो भी पूरी तैयारी के साथ. एकदम कस्टमर केयर जैसे बात करेंगे, माफी पर माफी मांगेंगे और इसी दरमियान बातों-बातों में आपके पर्सनल डिटेल जैसे बैक अकाउंट वगैरह लिया जाएगा. आगे क्या होगा वो ठग की मर्जी पर. कार्ड डिटेल से ठगी, ओटीपी से ठगी या ऐप डाउनलोड करवाकर कांड होगा. हमने इनके बारे में विस्तार से बताया है. आप यहां करके जान सकते हैं.

ऐसे भी कर सकते हैं असली-नकली की पहचान!

रही बात ऐसे रिप्लाई की तो जरा ठहर जाइए. आराम से हैन्डल को वेरीफाई कीजिए. फ्लिपकार्ट का हैन्डल उसके नाम से होगा ना कि किसी Supportfli4011 के नाम से. ऐसे मैसेज में अक्सर ग्रामर की भी गलतियां खूब होती हैं. उनको भी देख लीजिए.

रही बात असल वाले कस्टमर केयर की तो आपसे ऑर्डर नंबर से ज्यादा कुछ नहीं मांगते. उनके पास आपका डेटा पहले से मौजूद होता है. इसके बाद भी अगर आप किसी जाल में फंस जाएं तो गलती से भी ओटीपी शेयर नहीं करें. कोई ऐप डाउनलोड करने और किसी लिंक पर क्लिक करने की भी जरूरत नहीं.

वीडियो: फ्लिपकार्ट ने विमेंस डे पर ऐसा मैसेज भेजा कि मांगनी पड़ गई माफी