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संजू सैमसन पर दिया ऐसा बयान, श्रीसंत को केरल क्रिकेट एसोसिएशन ने जेल याद दिला दी

पूर्व भारतीय क्रिकेटर एस श्रीसंत को केरल क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) की नाराजगी झेलनी पड़ रही है. श्रीसंत ने संजू सैमसन का सपोर्ट करते हुए KCA पर सवाल खड़े किए थे. KCA ने पलटवार करते हुए न केवल स्पॉट-फिक्सिंग मामले की याद दिलाई बल्कि श्रीसंत को कारण बताओ नोटिस भी जारी कर दिया है.

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कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एस श्रीसंत. (PTI)

इंडियन क्रिकेटर संजू सैमसन (Sanju Samson) का सपोर्ट करना पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज एस श्रीसंत (S Sreesanth) को भारी पड़ गया है. श्रीसंत के बयानों को देखते हुए केरल क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) ने उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है. पूर्व क्रिकेटर पर आरोप है कि उन्होंने एक टेलीविजन शो में KCA के खिलाफ 'झूठे और अपमानजनक' बयान दिए. श्रीसंत ने KCA पर सवाल खड़ा किया कि डोमेस्टिक क्रिकेट में संजू सैमसन को नजरअंदाज किया जा रहा है. एसोसिएशन ने श्रीसंत को स्पॉट-फिक्सिंग मामले की भी याद दिलाई है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विजय हजारे टूर्नामेंट न खेलने की वजह से संजू सैमसन को ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं मिली है. इसीलिए श्रीसंत ने डोमेस्टिक व्हाइट-बॉल सीजन में सैमसन को न खिलाने पर KCA पर निशाना साधा.

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हालांकि, KCA ने साफ किया कि श्रीसंत को कारण बताओ नोटिस संजू सैमसन को सपोर्ट करने के लिए जारी नहीं किया गया है. KCA ने कहा कि एसोसिएशन के खिलाफ गलत और अपमानजनक टिप्पणी करने पर श्रीसंत को यह कारण बताओ नोटिस भेजा गया है.

KCA ने यह भी बताया कि ऐसे बयान देकर श्रीसंत ने कॉन्ट्रैक्ट के नियमों का भी उल्लंघन किया है, क्योंकि वे केरल क्रिकेट लीग की कोल्लम सेलर फ्रेंचाइजी के को-ओनर हैं.

श्रीसंत की टिप्पणी पर KCA ने पूर्व तेज गेंदबाज को स्पॉट-फिक्सिंग केस की भी याद दिलाई. KCA ने श्रीसंत के खिलाफ स्पॉट फिक्सिंग मामले का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा खिलाड़ियों का साथ दिया है. जब श्रीसंत जेल में थे, तो एसोसिएशन के अधिकारी उनसे मिलने जाते थे. इस तरह KCA ने भी श्रीसंत पर निशाना साधा.

2013 में दिल्ली पुलिस ने श्रीसंत को स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था. श्रीसंत राजस्थान रॉयल्स के उन तीन खिलाड़ियों में शामिल थे, जिन्हें 2013 IPL के स्पॉट फिक्सिंग कांड में शामिल होने के चलते बैन कर दिया गया था.

जुलाई 2015 में पटियाला हाउस कोर्ट ने स्पॉट फिक्सिंग मामले में श्रीसंत, चंदीला और चव्हाण के खिलाफ सभी आरोपों को खारिज कर दिया था. कोर्ट का कहना था कि पहली नजर में उनके खिलाफ MCOCA (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट) के तहत कोई मामला नहीं बनता है. इसके बाद मार्च 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने श्रीसंत पर लगा आजीवन प्रतिबंध हटा दिया.

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