4 फरवरी 2020. भारत और पाकिस्तान के बीच अंडर-19 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल मैच खेला जा रहा था. पाकिस्तान ने पहले बैटिंग करते हुए 43.1 ओवर में 172 रन बनाए. हालांकि भारत ने इस टारगेट को 35.2 ओवर में बिना कोई विकेट खोए हासिल कर लिया. मैच के बाद एक नाम का चर्चा पूरे देश में होने लगी. वो नाम था यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal). जो इस मैच के शतकवीर थे.
इस प्रदर्शन के बाद तमाम क्रिकेट पंडितों ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य बताया. तो कइयों ने इस बात से उलट कहा कि अंडर-19 में तन्मय श्रीवास्तव और उन्मुक्त चंद जैसे कई हीरो आए और कहां गायब हो गए, किसी को पता भी नहीं चला. लेकिन 11 मई 2023 को KKR के खिलाफ IPL मैच में जिस तरह की पारी खेली, उसने दिखा दिया कि ये प्लेयर गायब होने नहीं बल्कि एक स्टार क्रिकेटर बनने के लिए पैदा हुआ है.
यशस्वी ने इस मैच में महज 47 गेंद पर नाबाद 98 रन. 200 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट से. इस इनिंग में 13 चौके और पांच छक्के शामिल रहे. और इस पारी ने यशस्वी को ऑरेंज कैप के बेहद नजदीक पहुंचा दिया. हालांकि अब सबकी जुबां पर छा चुके यशस्वी के लिए यहां तक पहुंचना बेहद कठिन रहा. बहुत ही ज्यादा. पूरी कहानी क्या है, हम आपको बताते हैं.
पिता छोटे दुकानदार, लड़का मुंबई आया, डेयरी में रहा, पानी-पूरी बेची...अब IPL का सुपरस्टार!
यशस्वी जायसवाल की कहानी जो मुंबई में दर-दर भटके, और अब...
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28 दिसंबर 2001 को यूपी के भदोही में जन्मे यशस्वी ने छोटी उम्र में क्रिकेटर बनने का सपना देखा. पिता एक छोटी सी दुकान चलाते थे. भदोही में क्रिकेट कोचिंग की कोई सुविधा थी नहीं और बाहर भेजने के लिए उतने पैसे नहीं थे. लेकिन यशस्वी ने मुंबई जाने की जिद पकड़ ली. वहां उनके कोई रिश्तेदार रहते थे. मजबूर होकर मां-बाप ने बच्चे को मुंबई भेज दिया. लेकिन वो अपने रिश्तेदार के यहां ज्यादा दिन टिक न सके. जिसके पीछे की वजह भयानक गरीबी थी. उनके कमरे में एक और आदमी के रहने की जगह नहीं थी. ऐसे में यशस्वी मुंबई के कालबादेवी में एक डेयरी पर रहने लगे.
पर वहां रहने की शर्त ये थी कि उन्हें वहां काम भी करना होगा. अब जिस काम के लिए मुंबई गए थे वो भी करना था, साथ ही पेट पालने के लिए मजदूरी भी करनी थी. ऐसे में यशस्वी पूरे दिन क्रिकेट खेलते और फिर रात को थककर सो जाते. और इस वजह से काम करने का समय ही नहीं मिलता. जिस वजह से डेयरी से भी उनका बोरिया बिस्तर बंध गया.
अब 11 साल के यशस्वी का अगला ठिकाना बना आज़ाद मैदान. मुस्लिम यूनाइटेड क्लब में ग्राउंड्स मैन इमरान सर के साथ उनके रुकने का इंतजाम हो गया. लेकिन समस्या पैसे की भी थी. पिता समय-समय पर पैसे भेजते थे. हालांकि वो पर्याप्त नहीं था. घर वालों को लग रहा था कि बच्चा रिश्तेदार के ही यहां रह रहा है. पर यशस्वी ने अपने माता-पिता को दर-दर भटकने की बात नहीं बताई थी. क्योंकि उन्हें पता था कि अगर ये बात घर पर बता दी तो फिर उनका मुंबई का सफर यहीं समाप्त हो जाएगा और सपना अधूरा रह जाएगा.
ऐसे में अपना खर्च निकालने के लिए यशस्वी ने पानी-पूरी बेचना शुरू किया. ये साल 2013 की बात है. इसी दौरान उनके ऊपर कोच ज्वाला सिंह की नजर पड़ी. जिन्होंने यशस्वी को क्रिकेट का ABCD सिखाया. अगले साल यानी 2014 में यशस्वी को जाइल्स शील्ड स्कूल मैच में खेलने का मौका मिला. अंजुमन इस्लाम हाईस्कूल की ओर से. राजा शिवाजी विद्यामंदिर के खिलाफ. इसमें उन्होंने न सिर्फ नाबाद 319 रन बनाए, बल्कि 99 रन देकर 13 विकेट भी चटकाए. और यहां से उनको मौके मिलने शुरू हुए. यशस्वी ने बेहतरीन बैटिंग जारी रखी और उनका सेलेक्शन मुंबई की टीम में हो गया.
तारीख 16 अक्टूबर 2019. विजय हजारे ट्रॉफी. बेंगलुरू में मुंबई और झारखंड का मुकाबला था. मुंबई ने 3 विकेट खोकर 50 ओवर में 358 रन बनाए. इनमें 203 रन यशस्वी जायसवाल ने बनाए. यशस्वी ने अपनी पारी में 17 चौके और 12 छक्के लगाए. यानी 140 रन केवल चौके-छक्के से ही बने. 17 साल और 292 दिन की उम्र में यशस्वी लिस्ट ए ( डोमेस्टिक वनडे) क्रिकेट में दोहरा शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के क्रिकेटर बन गए.
और यहां से यशस्वी का क्रिकेट करियर ऊंचाइयों को छूने लगा. यशस्वी का सेलेक्शन साल 2020 की इंडियन अंडर-19 टीम में हुआ और यशस्वी इस टूर्नामेंट के टॉप स्कोरर रहे. उन्होंने छह मैच में 133.33 की शानदार औसत से 400 रन बनाए.
यशस्वी को अंडर-19 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन का इनाम भी मिला. साल 2020 के IPL ऑक्शन में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 2.40 करोड़ की बड़ी बोली लगाकर खरीदा. हालांकि पहले सीज़न में वो केवल 3 मैच ही खेल पाए. बावजूद इसके राजस्थान ने उनपर भरोसा बनाए रखा. अगले सीज़न में उन्होंने टीम के लिए 10 मैच खेले, जिसमें 24.90 की औसत से 249 रन बनाए. इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 148.21 का रहा. अगले सीज़न में फिर उन्होंने 10 मुकाबले खेले. इस बार उन्होंने 25.80 की औसत से कुल 258 रन बनाए. जिसमें 2 हाफ सेंचुरी शामिल थी.
डोमेस्टिक क्रिकेट में भी यशस्वी कमाल कर रहे हैं. उन्होंने पिछले साल 23 सितम्बर को ईरानी कप के फाइनल मैच में दोहरा शतक लगाया था. इसके साथ ही वो फर्स्ट-क्लास क्रिकेट के फाइनल मैच में दोहरा शतक बनाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज़ बन गए थे. इस मामले में उन्होंने महान क्रिकेटर अजीत वाडेकर का रिकॉर्ड तोड़ा था.
IPL 2023 में यशस्वी ने अब तक 12 मैचों में 167.15 की धुआंधार स्ट्राइक रेट से बैटिंग करते हुए कुल 575 रन बनाए हैं. इस दौरान उन्होंने एक शतक और चार अर्धशतक लगाए हैं. उनका बेस्ट स्कोर 124 रन का रहा है. पूरे सीज़न के दौरान उन्होंने 74 चौके और 26 छक्के लगाए हैं. वहीं सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में यशस्वी दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं. इस लिस्ट में करेंट ऑरेंज कैप होल्डर फाफ डुप्लेसी अब उनसे महज 1 रन आगे हैं. जिनके नाम 11 मैच में कुल 576 रन हैं. अब जिस तरह से यशस्वी खेल दिखा रहे हैं, ऐसे में वो जल्द ही टीम इंडिया की ब्लू जर्सी में खेलते हुए दिखाई दे सकते हैं.
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