The Lallantop

गुजरात की इस रानी की कहानी जानते हैं, जिसने जौहर कर लिया

गुजरात के लोग उन्हें देवी की तरह पूजते हैं.

post-main-image
2016 में आई फिल्म "रानी रणकादेवी, रा'खेंगार' का एक दृश्य.
पद्मावती और उसके जौहर पर बहुत लंबी बहस हो गई है. थी, नहीं थी, काल्पनिक किरदार था या वास्तविक किरदार था - इस पर एक महीने से लिखा-पढ़ा जा रहा है. लेकिन ऐसी ही एक रानी गुजरात में भी होती थी जिसने अपनी सखियों और दासियों के साथ जौहर किया था. इस कहानी का कालखंड भी लगभग वही है, जो कालखंड रानी पद्मावती का बताया जाता है. लल्लनटॉप की टीम मोती इसी कहानी को जानने ठीक उसी जगह पहुंची जहां जौहर हुआ और सतियों के मंदिर बने हैं. बताते हैं उसकी कहानी.
गुजरात का एक जिला है सुरेंद्रनगर. यहां के वधवान इलाके में एक मंदिर है, जिसे रणकदेवी के मंदिर के नाम से जाना जाता है. ये कहानी उसी रणकदेवी के मंदिर की है, जहां रानी रणकदेवी ने जौहर किया था.
कहानियों के इतिहास की सत्यता का तो कोई दावा नहीं कर सकता. ऐसा इसलिए क्योंकि जो बीत गया है, उसे कई नजरों से देखा गया होगा. जब कई नजरों ने देखा होगा, तो कई हाथों और अलग-अलग विचारधाराओं की शक्ल में कहानी बाहर आई होगी. एक कहानी लोकश्रुति की भी है, जिसे समाज में मान्यतात मिली हुई है. रणकदेवी की भी कहानी ऐसी ही है. मान्यता है कि जूनागढ़ में हदमत नाम का कुम्हार था. उसकी एक बेटी थी, जिसका नाम था रणकदेवी. जैसे-जैसे रणकदेवी बड़ी हुई, उसकी खूबसूरती के चर्चे दूर-दूर तक फैल गए.
Ranakdevi 1
कहा जाता है कि जूनागढ़ के किले से इस किले तक एक सुरंग बनी हुई थी.

एक और लोकश्रुति के मुताबिक कच्छ के राजा के घर एक बेटी ने जन्म लिया. वो बेहद खूबसूरत थी. राजा ने उसका नाम रखा रणकदेवी. पैदा होने के बाद जब राजा के यहां पंडित पहुंचे तो बेटी का हाथ देखकर कहा कि ये लड़की जिस घर में भी जाएगी उसका नाश हो जाएगा. राजा ने पंडित की बात पर भरोसा कर लिया और रणकदेवी को जंगल में ले जाकर छोड़ दिया. वहां हदमत कुम्हार को वो मिल गई और फिर हदमत ने अपनी बेटी की तरह उसका पालन-पोषण करना शुरू कर दिया.
रणकदेवी जैसे-जैसे बड़ी होती गई, उलकी खूबसूरती के चर्चे फैलते गए. ये चर्चा चालुक्य राजवंश के पाटन के राजा जयसिम्हा सिद्धराजा और जूनागढ़ के राजा राखिंगार के पास भी पहुंची. दोनों ही राजा रणकदेवी से शादी करना चाहते थे. हालांकि राखिंगार ने रणकदेवी से शादी कर ली, जिसके बाद जयसिम्हा ने राखिंगार को अपना दुश्मन घोषित कर दिया . वहीं कुछ लोगों का मानना है कि जूनागढ़ की ओर कूच किया. सौराष्ट्र का इलाका. राखिंगार ने रणकदेवी से शादी कर ली. इससे दुश्मनी शुरू हो गई. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि जयसिम्हा सिद्धराजा जब पाटन से दूर गए थे, तो राजा राखिंगार ने पाटन पर हमला कर दिया.
JUnagarh
जूनागढ़ का किला बनावट के लिहाज से बेहद खूबसूरत है. (फोटो : Twitter)

राखिंगार जूनागढ़ में रहता था. उसकी पत्नी रणकदेवी गिरनार के किले में रहती थी. जूनागढ़ से गिरनार के किले तक आने के लिए सुरंग बनी थी. इस सुरंग के जरिए रानी रणकदेवी तक आने की इजाजत राजा के अलावा बस दो ही लोगों को थी, वो थे रानी के भतीजे विशाल और देवल. राजा और रानी दोनों को ही विशाल और देवल पर भरोसा था. एक दिन राजा राखिंगार गिरनार तक जा रहे थे, तो उन्हें देशल नशे में दिखाई पड़ा. नाराज होकर राजा राखिंगार ने विशाल और देवल दोनों को ही देश निकाला दे दिया. उस समय देश का मतलब सीधे तौर पर एक राजा के अधीन आने वाला साम्राज्य था.
Ranakdevi 2
गिरनार का किला, जहां रणकदेवी रहती थी.

विशाल और देवल ने प्रतिशोध लेने के लिए जयसिम्हा का साथ दिया. जयसिम्हा ने लड़ाई के दौरान राखिंगार को मार दिया और फिर गिरनार की पहाड़ियों पर चढ़ाई की. किले का दरवाजा खुलवाने के लिए विशाल और देवल ने आवाज लगाई तो दरवाजा तुरंत ही खुल गया. सिपाही किले में पहुंचे तो उन्होंने रणकदेवी के दो बच्चों की हत्या कर दी और रानी को बंदी बना लिया. जयसिम्हा रणकदेवी को लेकर पाटन जाने लगा. रास्ते में वधवान पहुंचकर सिद्धराजा ने रणकदेवी से रानी बनने को कहा. रणकदेवी ने इससे इनकार कर दिया. इस दौरान रानी के कुछ विश्वस्त सिपाही भी वधवान पहुंच गए. एक बार फिर लड़ाई हुई, तो रानी के सिपाही मारे गए. रानी ने मौका देखकर अपनी दासियों के साथ जौहर कर लिया.
एक लोक श्रुति ये भी है कि धरती फट गई और रणकदेवी उसमें समा गईं. ये भी कहा जाता है कि जहां रणकदेवी धरती में समाई थीं, वहां एक साड़ी नजर आया करती थी, लेकिन उसे देखा किसी ने नहीं है.
परकोटे के नीचे कुछ लोगों की मूर्तियां बनी हैं. कहा जाता है कि ये लोकदेवताओं की मूर्तियां हैं. एक श्रुति ये भी है कि जो लोग लड़ते हुए शहीद हुए, ये उनकी मूर्तियां हैं. इसके अलावा कई मंदिर भी आस-पास हैं. इस रानी की कहानी पर लोगों को भरोसा भी है और लोग उन्हें पूजते भी हैं.
रानी रणकदेवी की पूरी कहानी इस वीडियो में देखेंः



गुजरात चुनाव में लल्लनटॉप टीम से जुड़ने के लिए देखें ये वीडियो :

ये भी पढ़ें:
मोदी और राहुल, जिसके पास भी ये सर्टिफिकेट होगा, वो गुजरात चुनाव जीत जाएगा!

गुजरात की वो झामफाड़ सीट जहां से जीतने वाले राज्यपाल, CM और PM बने

जानिए, उस ड्रामे की असलियत जिसके दम पर सालों से पब्लिक को ‘मूर्ख’ बना रही है कांग्रेस

बीजेपी गुजरात में जीते या हारे, नरेंद्र मोदी ये रिकॉर्ड ज़रूर बना लेंगे

गुजरात चुनाव से पहले ही हार्दिक पटेल और कांग्रेस की दोस्ती में मट्ठा पड़ गया है

उन नामों को तो जान लीजिए, जिनकी वजह से गुजरात में भसड़ मची है