बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (Border Gavaskar Trophy) में मिली करारी हार के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) एक्शन मूड में आ गया है. बोर्ड की तरफ से क्रिकेटर्स को लेकर 10 सख्त नियम (BCCI 10 New Rules) लाए गए हैं. बोर्ड की तरफ से साफ कर दिया गया है कि अब हर प्लेयर को घरेलू क्रिकेट को प्राथमिकता देनी ही होगी. नेशनल टीम में सेलेक्शन भी इसी आधार पर होगा. बोर्ड ने इसके साथ ही परिवार के साथ ट्रैवल करने और निजी स्टाफ को लेकर भी नए नियम बनाए हैं.
BCCI की तरफ विदेशी दौरे पर पर्सनल स्टाफ को ले जाने पर भी रोक लगा दी है. बोर्ड की तरफ से साफ कर दिया गया है कि जो भी प्लेयर इन नए नियमों का पालन नहीं करता है, उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है. जैसे कि बोर्ड उन्हें टूर्नामेंट्स, सीरीज और यहां तक की IPL में भी नहीं खेलने देगा. इसके अलावा बोर्ड इन प्लेयर्स की सैलरी और उनका कॉन्ट्रैक्ट भी खत्म कर सकता है. अब ये 10 नए नियम हैं क्या, आइये बारी-बारी से जानते हैं.
BCCI ने बनाए 10 नए नियम, एक भी नहीं माना तो लेने के देने पड़ जाएंगे!
BCCI New Rules: Border Gavaskar Trophy में मिली करारी हार के बाद BCCI की तरफ से क्रिकेटर्स को लेकर 10 सख्त नियम लाए गए हैं. नियमों का पालन नहीं करने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है.

पहला नियम डोमेस्टिक क्रिकेट को लेकर है. प्लेयर्स का डोमेस्टिक क्रिकेट में हिस्सा लेना अनिवार्य कर दिया गया है. इसी के आधार पर नेशनल टीम में प्लेयर का सेलेक्शन भी होगा. बोर्ड का मानना है कि ऐसा होने से सीनियर और जूनियर प्लेयर्स के बीच अच्छा तालमेल बनेगा. इससे टीम में माहौल भी अच्छा होगा. बोर्ड की तरफ से ये भी साफ कर दिया गया है कि अगर कोई प्लेयर किसी वजह से घरेलू क्रिकेट नहीं खेलना चाहता है, तो इसकी जानकारी BCCI को देनी होगी. इसके अलावा सेलेक्शन कमिटी के चेयरमैन से इसकी परमिशन लेनी होगी.
2. फैमिली का साथ ट्रैवल नहीं कर सकेंगेबोर्ड की तरफ से बताया गया है कि हर प्लेयर को टीम के साथ ही यात्रा करनी होगी. वो अपने परिवार के साथ ट्रैवल नहीं कर सकेंगे. अगर उन्हें फैमिली के साथ या अलग से यात्रा करनी है, तो हेड कोच और चेयरमैन ऑफ सेलेक्शन कमेटी से अनुमति लेनी होगी. इस नियम का उल्लंघन होने पर सख्त सजा भी मिलेगी.
BCCI ने ट्रैवल के दौरान सामान और उसके वजन को लेकर भी अलग से गाइडलाइन्स जारी की हैं. ट्रैवल के दौरान कोई भी प्लेयर जरूरत से ज्यादा सामान नहीं ले जा सकेंगे. अगर उनके सामान का वजन ज्यादा हुआ तो आपको इसके लिए खुद ही पैसों का भुगतान करना होगा. अब सामान ले कितना जाएंगे?
लॉन्ग टूर (30 दिनों से अधिक वाले):
प्लेयर - 5 सामान (3 सूटकेस + 2 किट बैग), जिसका वजन 150 किलोग्राम तक ही हो. ज्यादा होने पर खुद भुगतान करना होगा.
सपोर्ट स्टाफ - 2 सामान (2 बड़े + 1 छोटे सूटकेस) जिसका वजन 80 किलोग्राम तक ही हो.
- छोटे दौरे (30 दिनों से कम):
प्लेयर- 4 सामान (2 सूटकेस + 2 किट बैग) या 120 किलोग्राम तक.
सपोर्ट स्टाफ - 2 पीस (2 सूटकेस) या 60 किलोग्राम तक.
- घरेलू सीरीज
खिलाड़ी - 4 पीस (2 सूटकेस + 2 किट बैग) या 120 किलोग्राम तक.
सहायक कर्मचारी - 2 पीस (2 सूटकेस) या 60 किलोग्राम तक.
BCCI की तरफ से बताया गया है कि अब हर एक प्लेयर को प्रैक्टिस सेशन के दौरान मौजूद रहना ही होगा. कोई भी प्लेयर प्रैक्टिस सेशन को बीच में छोड़कर नहीं जा सकेंगे. सीरीज या टूर्नामेंट के दौरान अगर एक वेन्यू से दूसरे वेन्यू पर जाना है तो टीम के साथ ही जाना होगा. बोर्ड का इस फैसले के पीछे इरादा प्लेयर्स के बीच बॉन्डिंग को बेहतर करना है.
अगला नियम है कि खिलाड़ियों को किसी भी सीरीज या टूर के दौरान पर्सनल शूट या एंडोर्समेंट करने की इजाजत नहीं होगी. इसके पीछे का मकसद यही है कि प्लेयर का ध्यान क्रिकेट और टीम की जिम्मेदारियों से ना भटके.
6. विदेशी दौरे पर फैमिली के साथ ज्यादा समय नहीं रहेंगेविदेशी दौरे पर अगर कोई खिलाड़ी 45 दिन या इससे ज्यादा दिनों तक रहते हैं, तो उनकी पत्नी और 18 साल से छोटी उम्र का बच्चा एक सीरीज में दो हफ्ते के लिए उनके साथ रह सकते हैं. इस दौरान BCCI ही उनके रहने का खर्च उठाएगी. समय सीमा खत्म होने के बाद का खर्च प्लेयर को खुद ही उठाना होगा. दूसरी ओर कोच और कप्तान के साथ बातचीत के बाद ही कोई भी जिसमें परिजन या और भी कोई सदस्य हों वो एक फाइनल तारीख को ही प्लेयर के पास आ सकता है. वहीं, इस दौरान अगर कोई प्लेयर नियम तोड़ता है तो कोच, कप्तान और GM ऑपरेशंस, जो सारा मैनेजमेंट देखते हैं, वो इसके जिम्मेदार होंगे.
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7. ऑफिशियल शूट में हिस्सा लेना होगाखिलाड़ियों को BCCI के आधिकारिक शूट, प्रमोशनल एक्टिविटी और फंक्शन के लिए उपलब्ध रहना अनिवार्य होगा. ये फैसला खेल को बढ़ावा और स्टेकहोल्डर्स के फायदे के लिए लिया गया है.
8. सीरीज खत्म होने पर रुकना होगाहर प्लेयर को टूर खत्म होने तक टीम के साथ रहना होगा. सीरीज जल्दी खत्म होने पर भी प्लेयर को टीम के साथ रहना होगा. हर एक प्लेयर टीम के साथ ही तय की गई तारीख पर लौटेगा. इस दौरान खिलाड़ियों को जल्दी घर जाने की इजाजत नहीं होगी.
9. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अलग से सामान भेजनाप्लेयर्स को अपने इक्विपमेंट और पर्सनल सामान को बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भेजने के लिए टीम मैनेजमेंट से कोऑर्डिनेट करना होगा. अगर अलग से कोई व्यवस्था करनी पड़ी, तो उसका अतिरिक्त खर्च खिलाड़ी को खुद उठाना होगा.
10. पर्सनल स्टाफ पर प्रतिबंधपर्सनल स्टाफ जैसे कि पर्सनल मैनेजर्स, शेफ, असिस्टेंट और सिक्योरिटी पर्सनल को किसी टूर या सीरीज पर साथ ले जाने की इजाजत नहीं होगी, जब तक कि BCCI से इसके लिए स्पेशल परमिशन न मिली हो.
दरअसल, फॉरेन टूर यानी विदेशी दौरों के दौरान कई प्लेयर अपने पर्सनल स्टाफ को साथ लेकर जाते हैं. खासकर शेफ को. प्लेयर्स अपने डाइट प्लान को ध्यान में रखते हुए टूर पर पर्सनल शेफ ले जाते हैं. अब ये देखना दिलचस्प होगा कि प्लेयर्स को ऐसे नियम कितने रास आते हैं. बताते चलें कि ऑस्ट्रेलियन टूर के बाद मीडिया रिपोर्टस में टीम के माहौल और एकजुटता पर सवाल उठाए गए थे. इसके बाद 11 जनवरी को बोर्ड ने रिव्यू मीटिंग की थी. जिसमें BCCI के शीर्ष अधिकारियों के साथ-साथ कप्तान रोहित शर्मा, हेड कोच गौतम गंभीर और चयन समिति के चेयरमैन अजीत अगरकर शामिल हुए थे.
वीडियो: BCCI ने प्लेयर्स को लेकर बनाए नए नियम