क्या आपको चलती गाड़ी या बस में बैठने पर चक्कर आते हैं? ख़ासतौर पर जब आप पीछे की सीट पर बैठे हों. अगर इस दौरान आपने कुछ पढ़ना या मोबाइल पर देखना शुरू कर दिया तो चक्कर के साथ उल्टी का भी एहसास होता है. ये बहुत ही आम समस्या है और इसे कहते हैं मोशन सिकनेस. ऐसा कुछ लोगों को तब होता है जब वो गाड़ी, बस, बोट या प्लेन जैसी चीज़ों में बैठे होते हैं और वो चल रही होती हैं. जैसे ही ये रुकती हैं, ये समस्या भी ठीक हो जाती है. पर इस चक्कर में सफ़र करना दूभर हो जाता है. लेकिन घबराने की बात नहीं है, इसका इलाज है. पहले ये समझ लीजिए ऐसा होता क्यों है.
चलती गाड़ी में चक्कर, उल्टी क्यों आते हैं और इन्हें कैसे रोका जा सकता है?
महिलाओं को ये समस्या ज़्यादा होती है.

ये हमें बताया डॉक्टर अनिकेत मूले ने.

जब हम सफ़र करते हैं या मोशन में होते हैं तब चक्कर आता है. उल्टी जैसा महसूस होता है. पसीना छूटता है. इसी को मोशन सिकनेस कहते हैं.
जब भी शरीर हिल रहा होता है तब ब्रेन को तीन जगहों से सिग्नल मिलता है कि सिर की पोजीशन क्या है. ये सिग्नल आते हैं आंखों से. आसपास जो दिखता है उसका सिग्नल ब्रेन तक जाता है. फिर जॉइंट्स से. इसके अलावा कान के अंदरूनी हिस्से से भी सिग्नल जाता है. जिससे सिर की पोजीशन का पता चलता है. जब इन तीनों में से किसी एक के सिग्नल में ख़राबी होती है तब ब्रेन मूवमेंट को ठीक तरह से पहचान नहीं पाता. इसके कारण मोशन सिकनेस के लक्षण दिखाई देते हैं.
महिलाओं को ये समस्या ज़्यादा होती है. हार्मोनल बदलाव होने पर, जैसे प्रेग्नेंसी, में भी ऐसा ज़्यादा होता है. दो साल से कम उम्र के बच्चों में ये समस्या नहीं होती क्योंकि उनके कान का अंदरूनी हिस्सा इतना डेवलप नहीं हुआ होता है. नौ साल की उम्र में ये सबसे ज़्यादा होता है. अगर किसी को एंग्जायटी है तो सफ़र करते वक़्त शरीर के हिलने पर ऐसा होता है.
लक्षण- चक्कर आना
- उल्टी महसूस होना
- बहुत पसीना छूटना
- मुंह में लार जमा होना
- उल्टी होना

आप किस वाहन से सफ़र कर रहे हैं, उस पर भी मोशन सिकनेस निर्भर करती है. बोट में मोशन सिकनेस बहुत महसूस होती है. ट्रेन में काफ़ी कम होता है. कुछ लोगों को प्लेन में मोशन सिकनेस महसूस होती है.
बचावअगर कार से सफ़र कर रहे हैं तो आगे की सीट पर बैठें. विंडशील्ड से सामने की तरफ़ देखें. ड्राइव करने वाले इंसान को मोशन सिकनेस नहीं होती क्योंकि उनको लगातार मूवमेंट दिख रहा होता है. अगर पीछे बैठे हैं तो पढ़ना या मोबाइल देखना अवॉइड करें. बाहर देखें. बोट में सफ़र कर रहे हैं तो मिडिल डेक में सीट लें. अगर लेटेंगे तो मोशन सिकनेस नहीं होगी. प्लेन में विंग के पास वाली सीट लें. ओवर द काउंटर मोशन सिकनेस के लिए कई दवाइयां मिलती हैं. सफ़र करते समय मुंह में अदरक रखें या नींबू की ख़ुशबू सूंघते रहें.
(यहां बताई गईं बातें, इलाज के तरीके और जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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