घुटना खिसकना (Knee Dislocation) मतलब घुटने की हड्डी का अपनी जगह से खिसक जाना. इसमें भयानक दर्द होता है. लल्लनटॉप के व्यूअर जतिन के साथ एक बार से ज़्यादा ये हो चुका है. वो 29 साल के हैं. 2021 में उनका बाइक एक्सीडेंट हुआ था. तब उनका खुटना खिसक गया था. इलाज हुआ. समस्या ठीक भी हो गई. लेकिन उसके बाद से ऐसा कई बार हो चुका है. वो स्पोर्ट्स में बहुत एक्टिव हैं. खेलते-खेलते 1-2 बार उनका घुटना खिसक चुका है. जतिन चाहते हैं हम इस टॉपिक पर अपने शो में बात करें. घुटना अपनी जगह से क्यों खिसकता है और इलाज क्या है आइए डॉक्टर से जानते हैं.
घुटना क्यों खिसक जाता है? खिलाड़ियों और बुजुर्गों को इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए?
अचानक से घुटना खिसकने पर जल्दी इलाज नहीं हुआ तो मरीज को पैर भी गंवाना पड़ सकता है.

ये हमें बताया डॉक्टर आशीष चौधरी ने.

घुटने में ऊपर की हड्डी को फीमर (Femur) और निचली हड्डी को टिबिया (Tibia) कहते हैं. इन दोनों हड्डियों के बीच कार्टिलेज होती है जो घुटने में ग्रीस का काम करती है. अगर किसी वजह से फीमर या टिबिया में से कोई हड्डी अपनी जगह से खिसक जाए या हड्डियां टेढ़ी हो जाएं, तो इसे घुटने की हड्डी का खिसकना (Knee Dislocation) कहते हैं. ऐसा आंशिक रूप से भी हो सकता है और पूरी तरह से भी.
> आमतौर पर घुटने की हड्डी खिसकने के दो कारण हो सकते हैं.
> पहला कारण है एक्यूट डिसलोकेशन (Acute Knee Dislocation) यानी अचानक से हड्डी का खिसकना.
> दूसरा कारण है क्रॉनिक डिसलोकेशन (Chronic Knee Dislocation) यानी धीरे-धीरे हड्डी अपनी जगह से खिसकती है.
> चोट लगने, फुटबॉल खेलने या बाइक से एक्सीडेंट होने पर हड्डी अचानक से अपनी जगह से खिसक जाती है.
> कई बार फुटबॉल खेलते समय चोट लगने पर लिगमेंट टूट जाता है, इससे भी एक्यूट डिसलोकेशन होता है.
> अचानक से घुटने की हड्डी खिसकने पर पैर में खून की सप्लाई रुक सकती है और भी कई समस्याएं हो सकती हैं.
> इसलिए मरीज को तुरंत इलाज की जरूरत होती है, नहीं तो पैर को बचाना मुश्किल हो जाता है.
> वहीं आमतौर पर हड्डियों के धीरे-धीरे खिसकने का कारण गठिया होता है.
> इसमें उम्र के साथ घुटने की कार्टिलेज घिस जाती है, जिस वजह से हड्डियां अपनी जगह से खिसकने लगती हैं.
> इस समस्या में भी अगर समय पर इलाज नहीं हुआ तो मरीज के घुटने मुड़ना बंद कर देते हैं.
लक्षण> अचानक से हड्डी खिसकने पर मरीज को भयानक दर्द होता है, वो खड़ा नहीं हो सकता.
> घुटना मुड़ नहीं सकता, ब्लड सप्लाई का रुक जाना, घाव होने के कारण घुटने की हड्डियों का बाहर निकल जाना.
> पैर का ठंडा पड़ जाना या नसों का काम करना बंद कर देना, ये अचानक से हड्डी खिसकने के लक्षण होते हैं.
> वहीं धीरे-धीरे हड्डियों के खिसकने के दौरान अक्सर मरीज घुटने में एक तरफ दर्द की शिकायत करते हैं.
> घुटने का बैलेंस बिगड़ जाता है और घुटने से आवाज आती है.
> ये आमतौर पर धीरे-धीरे घुटने की हड्डियों के खिसकने के लक्षण होते हैं. साथ ही ये गठिया की ओर भी इशारा करता है.
इलाज> अचानक से घुटने की हड्डी खिसकने पर मरीज को तुरंत इलाज की जरूरत पड़ती है. नहीं तो मरीज के पैर में ब्लड सप्लाई रुकने का खतरा होता है.
> ऐसा हुआ तो मरीज अपने पैर भी गवां सकता है. यानी तुरंत इलाज ही मरीज को बचा सकता है.
> धीरे-धीरे घुटने की हड्डी खिसकने का कारण गठिया होता है.
> इसमें पहले ये जांच की जाती है कि घुटने की हड्डी कितनी खिसकी है.
> इसके मुताबिक मरीज को घुटने के लिए कैप दी जाती है ताकि घुटने का बैलेंस न बिगड़े
> साथ ही दवाइयां भी दी जाती हैं, एक्सरसाइज और फिजियोथेरेपी भी कराई जाती है. ज्यादातर मरीजों को इसी से आराम मिल जाता है.
> लेकिन जिन मरीजों के घुटने की हड्डी ज्यादा खिसकी है, उन पर दवाइयों और फिजियोथेरेपी का ज्यादा असर नहीं होता.
> ऐसे में घुटने के बैलेंस को बनाने के लिए इम्प्लांट लगाया जाता है. मरीज की जरूरत के मुताबिक सर्जरी कर घुटने में इम्प्लांट लगाया जाता है.
> कई मामलों में हड्डियां ठीक होती हैं, सिर्फ लिगामेंट खराब हुआ होता है, ऐसा आमतौर पर फुटबॉल के खिलाड़ियों के साथ होता है.
> इस स्थिति में आर्थोस्कोपी के जरिए नए लिगामेंट बनाए जाते हैं. साथ ही फिजियोथेरेपी की मदद से मरीज़ ठीक हो जाता है और दोबारा खेल सकता है.
(यहां बताई गईं बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
वीडियो: सेहत: घुटने के खिसकने का क्या मतलब होता है?