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कौन हैं संजय प्रसाद, जो अब यूपी में अवनीश अवस्थी की जगह लेंगे?

अवनीश अवस्थी के रिटायरमेंट के बाद संजय प्रसाद को यूपी के प्रमुख सचिव गृह पद की जिम्मेदारी दी गई है. उन्हें प्रमुख सचिव सूचना पद पर भी नियुक्त किया गया है.

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CM Yogi के साथ IAS Sanjay Prasad. (फाइल फोटो- आजतक)

यूपी के पूर्व एडिशनल गृह सचिव अनवीश अवस्थी के रिटायरमेंट के चंद घंटों बाद राज्य के पावर कॉरिडोर्स में जबरदस्त हलचल देखने को मिली. इस बीच जो सबसे ताकतवर नाम उभरकर सामने आया, वो था संजय प्रसाद का. संजय प्रसाद, जो अब तक सीएम योगी के प्रमुख सचिव थे, को वो जिम्मेदारियां दी गईं जो अबतक अवनीश अवस्थी संभाल रहे थे. और इसी के साथ संजय प्रसाद को यूपी का 'सबसे ताकतवर' अधिकारी कहा जाने लगा.

कौन हैं संजय प्रसाद?

संजय प्रसाद यूपी काडर के 1995 बैच के IAS अधिकारी हैं. कहा जाता है कि संजय, योगी की नज़र में सबसे पहले तब आए, जब वो अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे. साल 1999 से 2001 तक प्रसाद गोरखपुर में चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर (CDO) के पद पर थे और 1998 में योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के सांसद बने. गोरखपुर से निकलकर प्रमोशन के बाद संजय प्रसाद यूपी के अलग शहरों में डीएम बने. प्रसाद फैजाबाद, आगरा, फिरोजाबाद, बहराइच, लखीमपुर खीरी और महाराजगंज जैसे जिलों के जिलाधिकारी रहे.

यूपी में कई जिलों का जिम्मा संभालने के बाद संजय प्रसाद को केंद्र सरकार ने सेंट्रल डेप्यूटेशन में वापस बुलाया. प्रसाद चार साल तक केंद्र के डिफेंस प्रोडक्शन और साइंस एंड टेक्नॉलजी डिपार्टमेंट में ज्वाइंट सेक्रेटरी के पद पर रहे. इसके बाद 2019 में संजय प्रसाद की यूपी में वापसी हुई. कहा जाता है कि अपने करियर में अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालकर तब तक संजय प्रसाद सीएम योगी की गुड बुक्स में आ गए थे. 2019 में सीएम योगी ने प्रसाद को अपना प्रमुख सचिव अपॉइंट किया.

कहा जाता है कि भले ही अवनीश अवस्थी और नवनीत सहगल जैसे अफसर यूपी के सबसे ताकतवर अफसरों में रहे हों, लेकिन प्रसाद योगी के सबसे करीब रहे. मुख्यमंत्री कार्यालय का जिम्मा संभालने के साथ-साथ प्रसाद ने सीएम योगी के साथ बहुत करीब से काम किया. चाहे कोविड का दौर रहा हो या योगी के सरकारी दौरे, प्रसाद हर जगह सीएम के साथ दिखे. यहां तक कि राजनीतिक दौरों पर भी संजय प्रसाद सीएम योगी के अगल बगल ही नजर आए.

डेटा एक्सपर्ट हैं संजय प्रसाद

52 साल के संजय प्रसाद के बारे में कहा जाता है कि वो डेटा एक्सपर्ट हैं. आजतक से जुड़े कुमार अभिषेक की रिपोर्ट के मुताबिक, किसी भी विभाग से जुड़ी कोई भी फाइल आंकड़ों के साथ अगर सीएम योगी तक भेजी जाती है, तो वो बिना संजय प्रसाद के देखे आगे नहीं बढ़ती.

सीएम के मुख्य सचिव होने के साथ साथ संजय प्रसाद को योगी ने सूचना विभाग का जिम्मा भी दिया. हाथरस कांड के बाद जब अवनीश अवस्थी से सूचना विभाग का जिम्मा लेकर नवनीत सहगल को ACS बनाया गया, तब प्रसाद वहां सेक्रेटरी थे. इसके अलावा कहा जाता है कि 2019 में यूपी में हुई इन्वेस्टर्स समिट में सीएम योगी को प्रसाद का काम काफी पसंद आया. न्यूज़ 18 से जुड़े अमन शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक, इस इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्रसाद इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के भी सेक्रेटरी थे.

निजी जीवन की बात करें तो संजय प्रसाद को फिटनेस फ्रीक कहा जाता है. वो हर रोज़ कई किलोमीटर पैदल चलते हैं. कहा जाता है कि उनका शेड्यूल चाहे जितना भी बिज़ी हो, लेकिन वो सेहत से समझौता नहीं करते. 

बिहार से वास्ता रखने वाले संजय प्रसाद का ग्राफ सीएम योगी के मुख्य सचिव बनने के बाद लगातार ऊपर गया. यूपी में कोरोना मैनेजमेंट के दौरान भी फैसलों में प्रसाद का अहम किरदार बताया जाता है. और यही वजह रही कि जब योगी के सबसे भरोसेमंद अवनीश अवस्थी को केंद्र ने एक्सटेंशन नहीं दिया और वो रिटायर हुए, तो उनकी भरपाई के लिए सीएम योगी ने संजय प्रसाद को चुना. मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव के पद के साथ-साथ अब संजय प्रसाद को प्रमुख सचिव गृह और प्रमुख सचिव सूचना, दोनों की जिम्मेदारी एक साथ दे दी गई.

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