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वक्फ बिल पर नवीन पटनायक की पार्टी ने लिया यूटर्न, अब सांसदों से कहा- 'अंतरात्मा से फैसला लो'

लोकसभा में 2 अप्रैल की देर रात वक्फ संशोधन बिल पास हो गया. इसके बाद बिल को राज्यसभा में पेश किया गया. BJD का लोकसभा में कोई सांसद नहीं है लेकिन राज्यसभा में पार्टी के 7 सांसद हैं.

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नवीन पटनायक की पार्टी ने 24 घंटे के भीतर वक्फ बिल पर लिया यूटर्न. (तस्वीर:इंडिया टुडे)

नवीन पटनायक की पार्टी BJD यानी बीजू जनता दल के वक्फ (संशोधन) बिल पर सुर अब बदले बदले नज़र आ रहे हैं. पार्टी पहले वक्फ बिल के खिलाफ थी लेकिन अब उसने इसपर वोटिंग का फैसला सांसदों के ऊपर छोड़ दिया है. BJD ने कहा कि सांसद अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर फैसला करें. इससे पहले पार्टी ने एलान किया था कि राज्यसभा में सभी सदस्य बिल का विरोध करेंगे.

अंतरात्मा की आवाज सुनो

लोकसभा में 2 अप्रैल की देर रात वक्फ संशोधन बिल पास हो गया. इसके बाद बिल को राज्यसभा में पेश किया गया. BJD का लोकसभा में कोई सांसद नहीं है लेकिन राज्यसभा में पार्टी के 7 सांसद हैं. पहले पार्टी ने कहाथा कि ये सातों सांसद राज्यसभा में बिल के खिलाफ वोट डालेंगे.  लेकिन अब इस फैसले से पार्टी ने यू-टर्न लिया है.

BJD के प्रवक्ता सस्मित पात्रा ने एक्स पर एक पोस्ट की. उन्होंने कहा,

“पार्टी अपने सांसदों पर भरोसा कर रही है कि बिल पर वोटिंग के दौरान वे न्याय, सौहार्द और सभी समुदायों के हितों को ध्यान में रखते हुए अपनी अंतरात्मा से फैसला लेंगे.”

उन्होंने आगे कहा कि पार्टी ने इसपर कोई व्हिप नहीं जारी किया है.

सस्मित ने लिखा कि BJD ने हमेशा धर्मनिरपेक्षता और समावेशिता के सिद्धांतों का पालन किया है. हम अल्पसंख्यक समुदायों के विभिन्न वर्गों की भावनाओं का सम्मान करते हैं.

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एक दिन के भीतर पलटा खेल

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, BJD ने 2 अप्रैल को कहा था कि पार्टी के सांसद मुजिबुल्ला खान मुस्लिम समुदाय की आवाज बनकर राज्यसभा में बिल को लेकर पार्टी की चिंताएं रखेंगे. रिपोर्ट के मुताबिक, सस्मित पात्रा ने बताया था कि पार्टी बिल से खुश नहीं है, क्योंकि केंद्र ने JPC की समीक्षा के बाद कुछ बिंदुओं में बदलाव किया है.

साल 2024 के विधानसभा चुनाव में BJD को हार मिली थी. पार्टी को लगभग दो दशक बाद सत्ता से बेदखल होना पड़ा. फिलहाल ओडिशा में पार्टी BJP की विरोधी है लेकिन पहले कई बार संसद में अहम बिलों पर NDA सरकार का साथ दे चुकी है.

वक्फ (संशोधन) बिल, 2025 लोकसभा में 12 घंटे की मैराथन बहस के बाद पास हो गया. बिल के समर्थन में 288 वोट और विपक्ष में 232 वोट पड़े थे. अब बिल पर राज्यसभा में वोटिंग होनी है. 

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