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मेला देखा, शराब पी, गैंगरेप के बाद MP में किया चुनाव प्रचार, IIT BHU मामले में और क्या पता चला?

आरोपियों को लगा था, 'छात्रा, उसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने के डर से किसी को कुछ नहीं बताएगी.

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CCTV में कैद तीनों आरोपी (फोटोसोर्स- आजतक)

वाराणसी में IIT की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म (IIT BHU gang rape) के मामले में नया खुलासा हुआ है. तीनों आरोपी वाराणसी में लगा सालाना मशहूर मेला देखकर BHU गए थे. इस मेले को वहां 'चेतगंज की नक्कटैया' कहा जाता है. तीनों शराब भी पिए हुए थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे अक्सर देर रात शहर में घूमने निकला करते थे और BHU जाते थे. उन्होंने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों, गिरफ्तारी के डर से मध्य प्रदेश चले गए. और वहां विधानसभा चुनाव में प्रचार किया.

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पूछताछ में पूरी कहानी बताई!

रिपोर्ट्स के मुताबिक,  1 नवंबर की रात वारदात से पहले आरोपी कुणाल पांडेय, अभिषेक चौहान उर्फ़ आनंद और सक्षम पटेल चेतगंज की नक्कटैया देखने गए थे. तीनों कुणाल की बाइक पर सवार थे. आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उन्होंने शराब पी रखी थी. मेला देखने के बाद वे BHU के सिंह द्वार से कैंपस के अंदर घुस गए. और फिर IIT की तरफ चले गए. उस तरफ सुनसान जगह देखकर, तीनों ने छात्रा के साथ गैंग रेप किया और फिर कैंपस के हैदराबाद गेट से निकलकर बाईपास की तरफ चले गए. करीब आधे घंटे तीनों इसी तरफ रहे. उसके बाद कुणाल ने सक्षम और अभिषेक को उन दोनों के घर छोड़ा. और रात के ढाई बजे के बाद कुणाल खुद अपने घर पहुंचा.

छात्रा के साथ गैंगरेप की घटना को लेकर अगले ही दिन से BHU के छात्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया था. आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद, जब अगले दिन 2 नवंबर और फिर 3 नवंबर की रात को आंदोलन हुआ तो वो डर गए और शहर छोड़कर मध्य प्रदेश चले गए और वहां चल रहे विधानसभा चुनाव के प्रचार में शामिल हो गए.

आरोपियों ने ये भी बताया कि मध्य प्रदेश में मतदान वाले दिन यानी 17 नवंबर से पहले ही तीनों वापस वाराणसी वापस आ गए और गुपचुप तरीके से रहने लगे. पुलिस के मुताबिक, कुणाल पांडेय शादीशुदा है और एक BJP पार्षद का दामाद भी है. जबकि कुणाल के मोहल्ले वाले बताते हैं कि उसने इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी की है. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने क़ुबूल किया कि वो लोग रात में सड़क पर दिखने वाली लड़कियों पर फब्तियां कसते थे और अक्सर BHU कैंपस जाया करते थे. उन्होंने ये नहीं सोचा कि ये मामला 'इतना तूल पकड़ लेगा.' उन्हें लगा कि ‘छात्रा डर के चलते किसी से कुछ नहीं बताएगी और चुपचाप अपने हॉस्टल चली जाएगी.’

CCTV के जरिए पकड़े गए

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगभग 300 CCTV कैमरे खंगालने के बाद, तीनों आरोपियों को 4 नवंबर को पहचान लिया गया था. तीनों, वारदात के बाद हैदराबाद गेट से बाईपास की तरफ भागे थे. उधर रोडलाइट अच्छी न होने के चलते पुलिस को CCTV से कोई ख़ास सुराग नहीं मिला. फिर, पुलिस ने 1 नवंबर की रात को 1 बजे के बाद सिंह द्वार से घुसने वाले बाइक सवार तीन लड़कों की फुटेज खंगालना शुरू किया.

फिर पुलिस को सिगरा के सिटी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की मदद से एक बुलेट बाइक पर सवार तीन युवकों की धुंधली फुटेज मिली. इसी के सहारे, पुलिस ने आगे के इलाके की फुटेज देखी. चेतगंज इलाके में तीनों की साफ वीडियो फुटेज मिल गई. पीड़ित छात्रा को फुटेज दिखाई गई तो उसने तीनों को पहचान लिया.

BJP से जुड़े थे आरोपी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीनों आरोपी BJP से जुड़े थे. गिरफ्तारी के बाद पार्टी ने तीनों को निकाल दिया. इधर, सक्षम और अभिषेक के घर के बाहर लगे BJP के पद वाले नेमप्लेट 31 दिसंबर की शाम को हटा लिए गए. स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों के घरवालों ने पार्टी के नेताओं के दबाव पर नेमप्लेट हटाए.

पीड़िता की शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ छेड़खानी, धमकाने और IT एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. बाद में छात्रा ने मजिस्ट्रेट को बयान दिया कि तीनों आरोपियों ने उसका यौन उत्पीड़न किया. फिर बंदूक की नोक पर उसे निर्वस्त्र कर वीडियो बनाया. और फिर वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी दी थी. इस बयान के आधार पर मुक़दमे में सामूहिक दुष्कर्म और इलेक्ट्रॉनिक साधनों से यौन उत्पीड़न की धाराएं बढ़ाई थीं. तीनों आरोपियों को फिलहाल 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

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