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यूपी में अखिलेश अकेले पड़े? शिवपाल और राजभर, मुर्मू का समर्थन करेंगे

जनसत्ता दल लोकत्रांत्रिक के मुखिया रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने भी द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने की बात कही है.

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दाएं से बाएं: OP राजभर, अखिलेश यादव, शिवपाल यादव (साभार: PTI)

राष्ट्रपति चुनावों के बहाने यूपी की राजनीति में इन दिनों काफी हलचल है. NDA की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) 8 जुलाई को अपने लिए समर्थन मांगने राजधानी लखनऊ पहुंची थीं. उनके सम्मान में सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने अपने सरकारी आवास पर भोज रखा. इसमें NDA के सहयोगी दलों के सांसदों के साथ ही कुछ विपक्षी दल भी शामिल हुए. कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के साथ गठबंधन में शामिल सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर (Omprakash Rajbhar) और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) भी शामिल हुए.

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि शिवपाल और राजभर दोनों ने ही द्रौपदी मुर्मू के समर्थन की बात कही है. वहीं आजतक की खबर की माने तो 7 जुलाई को विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा (Yashwant Sinha) लखनऊ में थे, जहां विपक्षी दलों की बैठक भी हुई. इस बैठक में राजभर को नहीं बुलाया गया. इससे राजभर काफी नाराज हुए. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन पर यहां तक कह दिया कि अगर अखिलेश यादव चाहें तो गठबंधन तोड़ लें. हालांकि गठबंधन में दरार के सवाल पर राजभर सफाई देते हुए बोले, 

हमारी तरफ से कोई दरार नहीं है. गठबंधन आगे कैसे बेहतर प्रदर्शन करे, इसके लिए हमने AC कमरे से बाहर निकल कर राजनीति करने की सलाह समाजवादी पार्टी के नेताओं को दी थी. बसपा भी AC कमरे की राजनीति कर रही थी और आज एक सीट पर आ गयी है, इसीलिए इस तरह की राजनीति से बचने की जरूरत है.

राजभर ने अखिलेश के साथ नाराजगी तो जाहिर की, साथ ही गठबंधन के लिए और विकल्पों के खुले होने की बात भी कही. राजभर ने शिवपाल यादव का भी नाम लिया. लेकिन भाजपा से गठबंधन के सवाल को राजभर समय आने पर विचार करने की बात कहकर टाल गए.    

सपा गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं!

दरअसल, यूपी चुनाव 2022 में हार के बाद से सपा गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं है. शिवपाल यादव और राजभर अक्सर अखिलेश यादव के खिलाफ अपनी नाखुशी जाहिर करते हैं. हाल ही में रामपुर और आजमगढ़ में हुए लोकसभा उपचुनाव में हार के लिए भी राजभर ने अखिलेश यादव को जिम्मेदार बताया था. तब उन्होंने समाजवादी पार्टी पर तंज कसते हुए कहा था,

अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा ने सभी चुनाव हारे हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि अखिलेश यादव एसी रूम में बैठकर चुनाव की रणनीति बनाते हैं.

राजभर और शिवपाल विधानसभा चुनावों के बाद से अक्सर बीजेपी की तारीफ भी करते रहते हैं. ऐसे में राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी के गठबंधन NDA की उम्मीदवार का समर्थन कर इन नेताओं ने फिर एक बार यूपी की राजनीति गरमा दी है. राजभर, शिवपाल के अलावा जनसत्ता दल लोकत्रांत्रिक के मुखिया रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने भी द्रौपदी मुर्मू का समर्थन करने की बात कही है.

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