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टाइटैनिक ढूंढने गई गायब पनडुब्बी का क्या हुआ? केवल 30 घंटे की ऑक्सीजन बची है

टाइटैनिक को ढूंढने गई पनडुब्बी 'टाइटन' गायब हो गई है. सवा घंटे में ही इससे संपर्क टूट गया था. इसमें सवार 5 लोगों के पास केवल 30 घंटों की ऑक्सीजन बची है. इन्हें ढूंढने के लिए कई एजेंसियां एक साथ काम कर रही हैं.

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टाइटैनिक ढूंढने गई पनडुब्बी 'टाइटन' अभी तक नहीं मिली है. (फोटो क्रेडिट- Ocean gate)

टाइटैनिक को ढूंढने गई पनडुब्बी- 'टाइटन' गायब हो गई है. पनडुब्बी और उसमें सवार 5 लोगों को ढूंढने के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चल रहा है. कई देश इसमें जुटे हैं. अब इसमें प्राइवेट फर्म्स को भी शामिल कर लिया गया है. अमेरिकी कोस्ट गार्ड के मुताबिक, पनडुब्बी में बस 30 घंटे तक की ही ऑक्सीजन बाकी है. ऐसे में सबकी टेंशन बढ़ती जा रही है.

खंगाला जा चुका है 26,000 स्क्वायर किमी इलाका  

फिलहाल कनाडा के न्यूफाउंडलैंड इलाके में सर्च ऑपरेशन किया जा रहा है. अभी तक करीब 26,000 स्क्वायर किमी जगह को खंगाला जा चुका है. लेकिन न तो 5 लोगों में से किसी से संपर्क हो पाया है. न ही पनडुब्बी के बारे में कुछ पता चल सका है. टूरिस्ट कंपनी ओशियन गेट भी इससे संपर्क नहीं कर पाई है. इसी कंपनी ने टाइटन को बनाया था.

हालांकि द एक्सप्लोरर क्लब ने बताया कि अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक हमें उम्मीद मिल रही है. हम समझते हैं कि पनडुब्बी और लोगों को सुरक्षित ढूंढा जाएगा. द एक्सप्लोरर क्लब न्यूयॉर्क की फील्ड रिसर्च, साइंटिफिक एक्सप्लोरेशन और रिसोर्स कन्सर्वेशन की मल्टीडिसिप्लिनरी सोसाइटी है.

मुश्किल है टाइटन की खोज

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस मिशन को मुश्किल बताया जा रहा है. पानी के नीचे रौशनी नहीं जा पाती, इसलिए विजिब्लिटी नहीं है. इस इलाके का मौसम भी खराब है. हालांकि, अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने बताया कि 20 जून से मौसम ठीक हुआ है. कोस्ट गार्ड के कैप्टन जैमी फ्रेडरिक ने कहा कि,

"हमारी टीम 24 घंटे काम कर रही है. हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि जल्द से जल्द टाइटन और पांचों साथियों को ढूंढ लिया जाए."

कई एजेंसियां मिलकर खोज रही हैं टाइटन  

अमेरिका और कनाडा की एजेंसियां, नेवी और कमर्शियल डीप-सी फर्म्स मिलकर इस सर्च ऑपरेशन को चला रहे हैं. इसे अमेरिका के बॉस्टन शहर से चलाया जा रहा है. इसमें आर्मी के विमान, एक पनडुब्बी और सोनार बोया भी शामिल हैं. सोनार बोया खोए हुए जहाजों और पनडुब्बी को एक ध्वनि सिग्नल भेजती है. और उनसे आने वाले सिग्नलों को सुनती है.

रिसर्च और सर्वे सबमर्सिबल है टाइटन

अंग्रेजी अख़बार द गार्डियन की खबर के मुताबिक, द टाइटन एक रिसर्च और सर्वे सबमर्सिबल है. इसका इस्तेमाल समुद्र के अंदर जांच-पड़ताल और खोजबीन के मिशनों लिए होता है. मिशन के दौरान इसमें पायलट के अलावा 4 लोग रह सकते हैं. ये लोग सामान्य तौर पर आर्कियोलॉजिस्ट या समुद्र जीवविज्ञानी होते हैं.

टाइटन में शामिल 5 लोगों में ब्रिटेन के व्यापारी हामिश हार्डिंग, ब्रिटिश-पाकिस्तानी व्यवसायी शहजादा दाऊद और उनके बेटे सुलेमान, फ्रांसीसी एक्सप्लोरर पॉल हेनरी नार्गोलेट और ओशियन गेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्टॉकटन रश हैं.  

1985 में खोजा गया था टाइटैनिक का मलबा

अपने समय का सबसे बड़ा जहाज टाइटैनिक 1912 में एक बर्फ के पहाड़ से टकरा गया था. जहाज साउथेंपटन से न्यूयॉर्क के लिए निकला था. इसमें करीब 2,200 यात्री सवार थे. इनमें से 1500 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. जहाज की ये पहली यात्रा थी. टाइटैनिक का मलबा 1985 में खोजा गया था. तबसे इस पर खोज करने की बहुत सी कोशिशें हुई हैं.