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संभल हिंसा में थी विष्णु जैन को मारने की प्लानिंग? 'विदेशी साजिश' पर बड़ा खुलासा हुआ है

Sambhal Violence: पुलिस ने 20 फरवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हिंसा में अंतर्राष्ट्रीय साजिश का दावा किया. पुलिस अधीक्षक (SP) कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि संभल पुलिस ने संभल हिंसा मामले में गुलाम नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. वो ऑटो लिफ्टर गैंगस्टर सारिक साठा के इशारों पर भारत में घटनाओं को अंजाम देता था.

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क्या संभल हिंसा में एडवोकेट विष्णु शंकर जैन को मारने की योजना बनी थी? (तस्वीर:PTI/आजतक)

यूपी के संभल में शाही जामा मस्जिद सर्वें के दौरान हुई हिंसा ( Sambhal Violence) मामले में पुलिस ने नया खुलासा किया है. पुलिस ने हिंसा से जुड़े एक और आरोपी को गिरफ्तारी किया है. पुलिस का दावा है कि हिंसा के दौरान एडवोकेट विष्णु शंकर जैन (Vishnu Shankar Jain) को मारने की योजना थी. आरोपी को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था.

आकाओं के इशारों पर चलता था

संभल पुलिस ने 20 फरवरी को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हिंसा में अंतरराष्ट्रीय साजिश का दावा किया. पुलिस अधीक्षक (SP) कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि संभल पुलिस ने संभल हिंसा मामले में गुलाम नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. वो ऑटो लिफ्टर गैंगस्टर सारिक साठा के इशारों पर भारत में घटनाओं को अंजाम देता था. पूछताछ पर पता चला कि गुलाम के खिलाफ संभल और आसपास के इलाकों में 20 मुकदमे दर्ज हैं. उसकी दिल्ली एनसीआर में लंबी क्रिमिनल एक्टिविटी हो सकती है.

केके बिश्नोई ने कहा,

“सारिक साटा दिल्ली एनसीआर से गाड़ी चोरी करवाने का सरगना है. कुछ साल पहले वो फर्जी पासपोर्ट बनवाकर विदेश चला गया. वहां से ये बैठकर गैंग को संचालित करता है. उसके इशारों पर भारत में गुलाम घटनाओं को अंजाम देता है. वो दिल्ली एनसीआर से गाड़ी चोरी करके मणिपुर और बर्मा बॉर्डर पर बेचता था. इसके बदले उसे असलहे मिलते थे.”

पुलिस ने बताया कि गुलाम अपने बॉस सारिक साठा से जंगी ऐप (Zangy App) के जरिए बातचीत करता था.

उन्होंने आगे बताया,

“23 नवंबर यानि दंगे से एक दिन पहले  गुलाम ने अपने बॉस सारिक साटा से बात की थी. इस बातचीत में कहा गया कि मस्जिद हमारी 500 साल पुरानी बाबर की निशानी है और इसकी हिफाजत करनी हमारी जिम्मेदारी है. एक दिल्ली का वकील है, जो बाहर से आता है और जगह-जगह ऐप्लिकेशन डालता रहता है, उन्हें जान से मारना है. इसके अलावा किसी भी सूरत में सर्वे नहीं होने देना है.”

मीडिया रपटों के मुताबिक, यह वकील विष्णु शंकर जैन हैं. उन्होंने संभल की शाही जामा मस्जिद के सर्वे के लिए हिंदू पक्ष की तरफ से याचिका डाली थी.

हथियार और कारतूस बरामद

संभल पुलिस ने बताया कि घटना को अंजाम देने के लिए बड़ी मात्रा में हथियार मुहैया कराए गए थे. इसके अलावा वकील की फोटो और जानकारी भी दी गई थी. पुलिस ने गुलाम के पास से बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं. इसमें 9 MM की एक पिस्टल, 32 बोर की 2 पिस्टल के अलावा तीन विदेशी पिस्टल बरामद किए गए हैं. जिसमें एक चोकोस्लोवाकिया, एक ब्रिटेन के बने कारतूस के अलावा जर्मनी मेड 20 कारतूसों का डिब्बा बरामद किया गया है.

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राजनीतिक संरक्षण

पुलिस ने बताया कि गुलान ने 2014 में संभल के पूर्व सांसद शफीकउर्ररहमान बर्क के कहने पर एक कैंडिडेट के खिलाफ गोली चलाई थी. SP बिश्नोई ने कहा,

“शफीकउर्ररहमान बर्क चुनाव लड़ रहे थे. उस दौरान उनके कहने पर गुलाम ने एक अन्य कैेंडिडेट सुहैल इकबाल पर गोली चलाई थी. इस मामले में गुलाम के खिलाफ केस दर्ज हुआ था. इसको लेकर मुस्लिम समुदाय के दो गुटों में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी.”

संभल में शाही मस्जिद के सर्वे के दौरान 24 नवंबर, 2024 को हिंसा हुई थी. हिंसा में मुस्लिम समुदाय के 5 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं,हिंसा में 29 पुलिसकर्मी और प्रशासन के एक व्यक्ति घायल भी हुए थे. संभल हिंसा मामले में अबतक 79 लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है. 

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