संसद का बजट सत्र (Budget Session 2024) आज से शुरू हो रहा है. ये मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट सत्र है. सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने संसद के बाहर बयान दिया है. पीएम मोदी ने कुछ सांसदों को नसीहत देते हुए कहा है, ‘मैं आशा करता हूं कि इस साल में जिसको जो रास्ता सूझा, उस प्रकार से संसद में सबने अपना-अपना कार्य किया. कुछ लोगों का स्वभाव आदतन हुड़दंगी हो गया है, जो आदतन लोकतांत्रिक मूल्यों का चीरहरण करते हैं. ऐसे सभी माननीय सांसद आज आखिरी सत्र में जरूर आत्मनिरीक्षण करेंगे कि 10 साल में उन्होंने क्या किया.’(PM Narendra Modi speech before Budget session 2024)
बजट सत्र से पहले PM मोदी की नसीहत- 'हुड़दंगी MP आत्म निरीक्षण करें, उनको शायद ही कोई याद रखेगा...'
Parliament Budget 2024 Session: संसद का बजट सत्र शुरू हो गया है. Budget Session की शुरुआत से पहले PM Narendra Modi ने विपक्षी सांसदों को बड़ी नसीहत दी. क्या-क्या बोले?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के बाहर सांसदों से कहा,
‘विरोध का स्वर तीखा क्यों न हो, लेकिन जिसने सदन में अच्छे विचार रखे होंगे, उन्हें बहुत लोग याद करते होंगे. आने वाले दिनों में भी जब सदन की चर्चाएं कोई देखेगा तो एक-एक शब्द इतिहास की तारीख बनकर उजागर होगा. इसलिए जिन्होंने विरोध किया होगा, लेकिन अपनी बुद्धि प्रतिभाओं का दर्शन कराया होगा. भले हमारे खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया की हो, उसके बावजूद मैं मानता हूं कि बहुत बड़ा वर्ग जो लोकतंत्र प्रेमी है, उनके इस व्यवहार की सराहना करेगा. लेकिन जिन्होंने सिर्फ नकारात्मकता फैलाई होगी, हुड़दंग किया होगा, उनको शायद ही कोई याद करे.’
पीएम मोदी ने आगे कहा,
"बजट सत्र, उन सांसदों के लिए पश्चाताप का अवसर है. अच्छे फुटप्रिंट छोड़ने का अवसर है. आज इस अवसर को जाने मत दीजिए. देशहित में विचारों का लाभ सदन को दें. देश को उत्साह और उमंग से भर दें…
जब चुनाव का समय निकट होता है, तब पूर्ण बजट नहीं रखा जाता. हम भी पूर्ण बजट नई सरकार बनने के बाद लेकर आएंगे. इस बार दिशा-निर्देशन लेकर देश की वित्त मंत्री हम सबके सामने कल अपना बजट पेश करने वाली हैं."
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के बाहर इस बजट सत्र को नारी शक्ति के साक्षात्कार का पर्व बताया. बोले-
"इस नए संसद भवन में जो पहला सत्र हुआ था, उसके आखिर में एक सांसद ने एक बहुत ही गरिमा पूर्ण फैसला लिया था. वो फैसला था नारी शक्ति वंदन अधिनियम. उसके बाद 26 जनवरी को हमने देखा किस प्रकार से देश ने कर्तव्य पथ पर नारी शक्ति के सामर्थ्य का, शौर्य का, संकल्प की शक्ति का अनुभव किया.
प्रधानमंत्री भाषण के अंत में बोले कि आज 31 जनवरी से बजट सत्र का आरंभ हो रहा है. इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का मार्गदर्शन और फिर कल 1 फरवरी को निर्मला सीतारमण के द्वारा अंतरिम बजट पेश किया जाना, एक प्रकार से नारी शक्ति के साक्षात्कार का पर्व मनाना है.
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