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'PM ने कहा बड़ी गलती हुई, आपको एयरपोर्ट से लौटाया'- बोले किसान आंदोलन में लंगर लगाने वाले NRI

NRI दर्शन सिंह धालीवाल को किसान आंदोलन के समय हवाई अड्डे से वापस अमेरिका भेज दिया गया था

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प्रधानमंत्री ने धालीवाल से मांगी माफी (फोटो- आज तक)

अमेरिका में रह रहे एनआरआई (NRI) दर्शन सिंह धालीवाल को मंगलवार, 10 जनवरी के दिन प्रवासी भारतीय सम्मान दिया गया. धालीवाल ने अब एक बयान में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 150 लोगों के सामने उनसे माफी मांगी थी.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार 23 अक्टूबर 2021 को देर रात दर्शन सिंह धालीवाल को दिल्ली एयरपोर्ट से वापस भेज दिया गया था. धालीवाल पर आरोप लगे थे कि उन्होंने उस वक्त राजधानी दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में लंगर की व्यवस्था की थी. धालीवाल ने इस घटना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इसके लिए अप्रैल 2022 में उनसे माफी मांगी थी. वो भी 150 लोगों के सामने.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से प्रवासी भारतीय सम्मान ग्रहण करने के बाद धालीवाल ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया,

“प्रधानमंत्री ने 150 लोगों के सामने मुझे वापस भेजने वाली घटना पर माफी मांगी थी. उन्होंने कहा था कि हमसे बड़ी गलती हो गई आपको भेज दिया. पर आपका बहुत बड़ा बड़प्पन है जो आप हमारे कहने पर फिर भी आ गए.”

धालीवाल ने बताया कि ये तब हुआ जब पीएम मोदी दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास पर एक सिख प्रतिनिधि मंडल का स्वागत कर रहे थे. इस मीटिंग में दुनिया भर के सिख व्यापारी मौजूद थे.

वापस भेजने से पहले दो ऑप्शन दिए गए

दिल्ली एयरपोर्ट से वापस भेजे जाने वाली घटना को याद करते हुए धालीवाल ने कहा,

“उस रात दिल्ली एयरपोर्ट पर अधिकारियों ने मुझे दो विकल्प दिए थे. मुझसे कहा गया कि या तो मैं लंगर रोक दूं और किसानों से मध्यस्थता करवाने में मदद करूं या वापस चला जाऊं.”

धालीवाल ने बताया कि लंगर लगाना एक मानवीय काम था.

उन्होंने बताया,

“दिसंबर 2020 में किसान दिल्ली आए थे. तभी रात में बारिश होने लगी. इस घटना के कई वीडियो मैंने देखे थे. जिसके बाद मैंने सोचा कि इन लोगों की मदद की जानी चाहिए. फिर मैंने लंगर की व्यवस्था की. इसके अलावा टेंट, चारपाई, कंबल और रजाई की व्यवस्था भी कराई.”

किसान आंदोलन के पक्ष में खड़े होने की बात पर धालीवाल ने कहा कि वो सिर्फ एक मानवीय काम था. इसमें राजनीति का कोई लेना-देना नहीं था. वो सिर्फ लोगों के लिए किया गया काम था.  

दर्शन सिंह धालीवाल साल 1972 में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए अमेरिका गए थे. पढ़ाई पूरी करने के बाद वो अमेरिका में ही रहने चले गए. वो अमेरिका में कई पेट्रोल पंप (Fuel Station) के मालिक हैं. उन्होंने बताया कि वो हर साल तीन से चार बार भारत आते हैं. धालीवाल को पंजाब सरकार की तरफ से भी कई बार सम्मानित किया गया है. केंद्र सरकार की तरफ से पहली बार उन्हें कोई सम्मान मिला है.  

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