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सुरक्षा में चूक और सांसदों के निलंबन पर अब ओम बिरला ने पत्र लिखकर क्या बताया?

संसद की सुरक्षा में चूक के मुद्दे पर 14 दिसंबर को सदन में जमकर हंगामा हुआ था. इसके बाद कई सांसदों को निलंबित किया गया था.

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा जारी किया पत्र (फोटो- इंडिया टुडे)

संसद में सुरक्षा चूक की घटना को लेकर अब लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों को पत्र लिखा है. बिरला ने लिखा है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ राजनीतिक दल सांसदों के निलंबन के फैसले को संसद में हुई घटना से जोड़ रहे हैं. ये पूरी तरह गलत है. उन्होंने साफ किया कि सांसदों के निलंबन और सदन में 13 दिसंबर, 2023 को हुई घटना का आपस में कोई संबंध नहीं है. 13 दिसंबर को लोकसभा में कार्यवाही के दौरान दो लोग सदन में घुस गए थे. और उन्होंने सदन के अंदर स्मोक क्रैकर का कनस्तर फोड़ दिया था. 

इस घटना को लेकर विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा था. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि अमित शाह दोनों सदनों में घटना को लेकर जवाब दें. गृह मंत्रालय ने घटना के दिन ही जांच का आदेश दिया था.

पत्र में क्या लिखा है?

अब पत्र में घटना का जिक्र करते हुए बिरला ने लिखा कि हमारे सदन में पहले भी ऐसी घटनाएं कई बार हो चुकी हैं. पूरा देश सदन के अंदर बॉडीगार्डों द्वारा पिस्टल लाने, नारेबाजी करने, दर्शक दीर्घा से कूद जाने और पर्चे फेंकने जैसी घटनाओं का साक्षी रहा है. बिरला के मुताबिक, 

"देश ने ऐसी घटनाएं भी देखी है, जब कुछ माननीय सदस्य, सदन के अंदर मिर्च का स्प्रे लेकर आ गए थे. ऐसी हर घटना के समय सदन ने एकजुटता का परिचय देते हुए एक स्वर में इनके विरोध किया था. सभी सदस्य को अच्छे से पता है कि संसद परिसर की सुरक्षा, संसद के क्षेत्राधिकार में आती है. इसलिए सुरक्षा के विषय पर हमारी जो भी योजना बनेगी, वह आप सबके साथ विचार विमर्श करके आपके सुझावों के आधार पर ही बनेगी."

ओम बिरला ने सांसदों से कहा है कि पहले भी तत्कालीन अध्यक्षों और सदन ने ही ऐसी घटनाओं का संज्ञान लेते हुए उनपर कार्रवाई की है. उन्होंने सांसदों के निलंबन को लेकर लिखा,

“सांसदों का निलंबन साफ तौर पर संसद भवन की संसदीय परम्पराओं के अनुपालन से जुड़ा है. नए संसद भवन में प्रवेश के समय हम सभी ने मिलकर तय किया था कि हम सदन में तख्तियां और प्लेकार्ड लेकर नहीं आएंगे, सदन के वेल में जाकर हंगामा नहीं करेंगे.”

आखिर में उन्होंने लिखा कि लोकसभा अध्यक्ष के रूप में उन्होंने हमेशा कोशिश की है कि संसद भवन के अंदर अच्छी चर्चा हो.

संसद की सुरक्षा में चूक के मुद्दे पर 14 दिसंबर को सदन में जमकर हंगामा हुआ था. विपक्ष के कई सांसद गृह मंत्री अमित शाह के बयान और आरोपियों को पास जारी करने वाले बीजेपी सांसद प्रताप सिम्हा के खिलाफ एक्शन की मांग कर रहे थे. हंगामा करने पर 14 सांसदों को निलंबित किया गया था. इनमें तमिलनाडु से DMK सांसद एस आर पार्थिबन का भी नाम था. जबकि उस दिन पार्थिबन सदन में थे ही नहीं. सवाल उठने पर उनका नाम तुरंत हटा दिया गया.