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क्या मल्लिकार्जुन खरगे ही लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे? बाकी कांग्रेस दिग्गज क्या सोच रहे?

सूत्रों के हवाले से अटकलें लगाई जा रही हैं कि मल्लिकार्जुन खरगे अपनी जगह अपने दामाद को लोकसभा चुनाव में उतार सकते हैं. कांग्रेस सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस बार के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के और भी दिग्गज नेता शायद मैदान में ना दिखें.

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गुलबर्गा से दो बार सांसद रहे हैं मल्लिकार्जुन खरगे (फाइल फोटो: PTI)

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बारे में ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि हो सकता है वो इस बार लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) न लड़ें. NDTV की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि मल्लिकार्जुन खरगे इस बार खुद चुनाव लड़ने के बजाय कांग्रेस के चुनावी कैंपेन को लीड करना चाहते हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक पिछले हफ्ते कर्नाटक के लोकसभा प्रत्याशियों की लिस्ट को लेकर हुई बैठक में गुलबर्गा निर्वाचन क्षेत्र से खरगे के नाम पर सहमति बनी थी. हालांकि, सूत्रों से पता चला है कि इस सीट से मल्लिकार्जुन खरगे अपने दामाद राधाकृष्णन डोड्डामणि को उतार सकते हैं.

वहीं इंडिया टुडे ने भी कांग्रेस सूत्रों के हवाले से बताया है कि इस बार के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के कई दिग्गज शायद मैदान में ना दिखें. उनके मुताबिक सोमवार को हुई पार्टी की सेंट्रल इलेक्शन कमेटी की मीटिंग में जिन संभावित प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा हुई, उनमें अशोक गहलोत, कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, सचिन पायलट और हरीश रावत जैसे दिग्गज शामिल नहीं थे. रिपोर्ट के मुताबिक ये नेता खुद ही चुनाव में हिस्सा नहीं लेना चाहते और दूसरों को मौका देने की बात कर रहे हैं.

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गुलबर्गा से 2019 में हार गए थे खरगे

मल्लिकार्जुन खरगे गुलबर्गा निर्वाचन क्षेत्र से दो बार (2009 और 2014 में) जीत हासिल कर चुके हैं, लेकिन 2019 में वो हार गए थे. उन्हें BJP के उमेश जाधव ने शिकस्त दी थी. तब से खरगे राज्यसभा में हैं, जहां वो विपक्ष के नेता हैं. राज्यसभा में उनके चार साल और बचे हैं. मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के मंत्रिमंडल में मंत्री हैं. रिपोर्ट्स में कहा गया है कि प्रियांक खरगे लोकसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं.

सूत्रों के मुताबिक वहीं मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि वो 'एक निर्वाचन क्षेत्र तक ही सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि पूरे देश पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं'.

हालांकि, कांग्रेस में ऐसा नहीं है कि पार्टी अध्यक्ष चुनाव नहीं लड़ते हैं. सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों ने पार्टी अध्यक्ष रहते हुए चुनाव लड़ा है और जीता भी है. लेकिन 2019 में स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को पार्टी का गढ़ रही अमेठी सीट से हरा दिया था.

बता दें कि BJP में भी इस साल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा चुनाव नहीं लड़ रहे हैं. इससे पहले 2014 और 2019 में BJP चीफ राजनाथ सिंह और अमित शाह को लखनऊ और गांधीनगर सीट पर भारी वोटों से जीत मिली थी.

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