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IRCTC को गच्चा देकर गुजरात के शख्स ने हड़प लिए करोड़ों रुपये के तत्काल टिकट, पता है कैसे?

IRCTC Website Security Bypass: आरोपी एक साथ इतनी तत्काल टिकटें बुक कर लेता था कि आम लोगों को तत्काल में टिकट मिलती ही नहीं थी.

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IRCTC Website bypass
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संजय सिंह राठौर

गुजरात के सूरत शहर में एक व्यक्ति को IRCTC वेबसाइट की सिक्योरिटी बाइपास करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. बताया गया कि आरोपी शख्स रेलवे की IRCTC वेबसाइट के सिस्टम को बाइपास करके तत्काल टिकट बुक करता. आरोप है कि कुछ सॉफ्टवेयर की मदद से वो कई टिकट का स्लॉट ब्लॉक कर देता था, जिससे आम लोगों को टिकटें अवेलेबल नहीं हो पाती थीं.

आजतक के संजय सिंह राठौर की रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे की मुंबई विजिलेंस टीम और उमरा पुलिस स्टेशन की टीम ने सिटी लाइट इलाके के एक अपार्टमेंट में छापा मारा था. यहां से राजेश नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया. राजेश रेलवे की टिकट बुकिंग का काम करता है.

सूरत सिटी पुलिस के DCP (जोन-4) विजय सिंह गुर्जर ने बताया,

"विजिलेंस टीम को इन्फॉर्मेशन मिली थी कि राजेश रेलवे की IRCTC वेबसाइट के सिस्टम को बाइपास करके तत्काल बुक करता है. वो कुछ टिकट का स्लॉट ब्लॉक कर देता, जिससे आम लोगों को टिकट अवेलेबल नहीं हो पाती थीं."

DCP ने बताया कि आम तौर पर टिकट बुक करने में 1 से डेढ़ मिनट का टाइम लगता है, उसमें कैप्चा डाला जाता है. सिक्योरिटी की लेयर होती हैं. उसके बाद पेमेंट के लिए प्रोसेस होता है. लेकिन आरोपी जिन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहा था, उनसे ये सारे प्रोसेस बाइपास हो जाते और 20 से 30 सेकेंड के अंदर एक टिकट बुक हो जाती थी.

पुलिस के मुताबिक इस तरह आरोपी एक ही लैपटॉप से एकसाथ 5 टिकट बुक करता था. पांच लैपटॉप के जरिए एक साथ 20-25 टिकट बुक कर लेता था. छापे में आरोपी के पास से 6 लैपटॉप मिले हैं, कैश काउंट करने की मशीन मिली है, पांच मोबाइल मिले हैं. इसके अलावा पेपर कटिंग मशीन, प्रिंटर, हाई इंटरनेट स्पीड राउटर मिले हैं. 

(फोटो: आजतक)

DCP ने कहा कि आरोपी का मकसद ज्यादा तत्काल टिकट पर ज्यादा पैसे लेना होता था. वो एक टिकट पर 200 से 600 रुपये ज्यादा लेता था. आरोपी ने हाल में सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से जितनी टिकटें बुक की हैं, उसका टोटल अमाउंट 4.25 करोड़ रुपये है.

पुलिस ने कहा है कि इसे कंप्लीट चीटिंग नहीं कहा जा सकता है. जिन लोगों ने उसे पैसे दिए, उन्हें आरोपी ने टिकट प्रोवाइड किया. लेकिन तत्काल की जो टिकट प्रोसीजर के हिसाब से मिलनी चाहिए थी, उसे इसने बाइपास किया. खुद का इस तरह प्रचार किया कि वो तत्काल में टिकट कन्फर्म करा सकता है.

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