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ईरान के सुप्रीम कोर्ट में दो जजों को मारी गोली, दोनों की मौत, आतंकवाद से जुड़े मामले सुन रहे थे

Iran की राजधानी Tehran में Supreme Court के भीतर एक शख्स ने दो जजों को गोली मार दी है. दोनों जज जासूसी, आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों से जुड़े हुए थे. और क्या-क्या पता चला है?

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मारे गए जजों की तस्वीर. (फाइल फोटो: सोशल मीडिया)

ईरान की राजधानी तेहरान में सुप्रीम कोर्ट (Iran Supreme Court) के दो वरिष्ठ जजों (Judges Gunned Down in Tehran) की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. दोनों जज जासूसी और आतंकवाद के मामलों की सुनवाई में शामिल थे. हमलावर ने सुप्रीम कोर्ट के भीतर दोनों जजों को गोली मारी और इसके बाद खुद को भी गोली मार ली. हमलावर की भी मौत हो गई है. इस घटना में एक अंगरक्षक भी घायल हुआ है.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने वहां की ज्यूडिशियरी के हवाले से इसकी जानकारी दी है. मारे गए जजों के नाम हैं- अली रजिनी और मोहम्मद मोगीसेह. हमले के पीछे का असली कारण अभी पता नहीं लगा है. ज्यूडिशियरी के प्रवक्ता असगर जहांगीर ने स्थानीय मीडिया को बताया है,

पिछले साल ईरान की न्यायपालिका ने जासूसों और आतंकवादी समूहों की पहचान के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए थे, इसके कारण दुश्मनों में गुस्सा और आक्रोश है. दोनों जज जासूसी, आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों से जुड़े हुए थे.

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जज अली रजिनी पर साल 1998 में भी हत्या के उद्देश्य से हमला हुआ था. कुछ मोटरसाइकिल सवारों ने उनकी गाड़ी में बम लगा दिया था. इस हमले में वो घायल हो गए थे.

न्यूज एजेंसी AP की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यायापालिका ने इसे आतंकवादी हमला बताया है. उन्होंने कहा है कि हमलावर का ना तो सुप्रीम कोर्ट का कोई मामला था, और ना ही अदालत में मुवक्किल था. फिलहाल इस मामले की जांच चल रही है और इस घटना के पीछे के अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए उनकी पहचान की जा रही है. हालांकि, खबर लिखे जाने तक किसी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. 

प्रवक्ता असगर जहांगीर ने एक अलग बयान में कहा है कि हमला करने वाला एक घुसपैठिया था. उन्होंने आशंका जाहिर की है कि ऐसा हो सकता है कि हमलावर पहले उसी कोर्ट में काम करता हो. हमले के बाद मौके पर मौजूद अधिकारियों ने हमलावर को पकड़ने की कोशिश की थी. लेकिन उससे पहले ही उसने खुद को गोली मार ली.

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