अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए जवाबी टैरिफ (कर) पर केंद्र सरकार की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है. केंद्र सरकार के वाणिज्य विभाग ने कहा है कि अमेरिका द्वारा की गई घोषणाओं के प्रभावों का विश्लेषण किया जा रहा है.
'अमेरिका से ट्रेड डील पर बातचीत जारी... ', ट्रंप के टैरिफ पर भारत सरकार की पहली प्रतिक्रिया आई
अमेरिका ने भारत पर 27% रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया है. अब भारत सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि भारत और अमेरिका की ट्रेड टीम्स के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (ट्रेड डील्स) को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत चल रही है. बयान में और क्या-क्या बताया गया है?

पीयूष गोयल के मातहत आने वाले वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा-
"वाणिज्य विभाग सभी संबंधित पक्षों, जिनमें भारतीय उद्योग प्रतिनिधि और निर्यातक शामिल हैं, के साथ बातचीत कर रहा है. जिससे टैरिफ पर उनकी राय और आकलन मिल पाए और स्थिति का विश्लेषण किया जा सके. 'विकसित भारत' के विज़न को ध्यान में रखते हुए, विभाग इस बदलाव से पैदा होने वाले अवसरों पर भी नज़र बनाए हुए है."

मंत्रालय के बयान में आगे कहा गया है कि भारत और अमेरिका की ट्रेड टीम्स के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (ट्रेड डील्स) को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत चल रही है. इन बैठकों में सप्लाई चेन एकीकरण, निवेश में बढ़ोत्तरी और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर सहित कई मुद्दों पर चर्चा हो रही है.
अमेरिका ने भारत पर 27% रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा घोषित नए टैरिफ के तहत 5 अप्रैल से अमेरिका में आने वाले सभी आयात पर 10% यूनिवर्सल ड्यूटी लगेगी और 10 अप्रैल से अतिरिक्त 17% शुल्क लागू किया जाएगा. ये टैरिफ अमेरिकी व्यापार नीति का हिस्सा हैं, जो भारत सहित कई देशों को टार्गेट कर रही है. डॉनल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बनने के बाद से ही कई देशों पर टैरिफ लगाने की धमकियां दे रहे हैं. हाल ही में उन्होंने भारत, चीन समेत कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लागू करने की बात दोहराई थी. जिसका ऑपचौरिक एलान उन्होंने 2 अप्रैल को कर दिया है.
इस बीच इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने 3 मार्च को डॉनल्ड ट्रंप के टैरिफ आदेश का आकलन करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई. प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव ने इस बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में वाणिज्य मंत्रालय, नीति आयोग, DPIIT और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे.
वीडियो: ट्रंप के लगाए टैरिफ पर मोदी सरकार ने संसद में क्या बताया?