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इन तीन नए बॉलर्स ने बता दिया कि बॉलिंग डिपार्टमेंट में भारत के पास कुबेर का खज़ाना है

दशकों से जो एक कमी हुआ करती थी वो अचानक से दूर हो गई है.

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इन तीनों ने मिलाकर कुल छह मैच खेले हैं.
भारतीय टीम बरसों तलक एक कमी से जूझती आई है. वो थी क्वालिटी गेंदबाज़ों की कमी. और फिर अचानक से वो कमी दूर हो गई. बुमराह, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी की तिकड़ी को देखकर लगता है कि इंडिया का दशकों पुराना ख़्वाब पूरा हो गया है. और दूध पे मलाई पता है क्या है? वो ये कि हमारी बेंच स्ट्रेंथ भी शानदार है. वेस्ट इंडीज़ के साथ चल रही हालिया सीरीज में एक बार फिर ये देखने को मिल रहा है. पहले नवदीप सैनी और आज दीपक चाहर ने दिखा दिया कि इंडिया के बॉलर्स की सेकंड लाइन भी उतनी ही दमदार है. इनफैक्ट तीसरे टी-20 मैच में वेस्ट इंडीज के खिलाफ इंडिया के तीनों नए बॉलर्स ने शानदार बॉलिंग की. गिरे हुए छह के छह विकेट इन्हीं तीनों के हिस्से आए. नवदीप सैनी और चाहर ब्रदर्स.

दीपक चाहर

तीसरे मैच में इंडिया ने टॉस जीतकर फील्डिंग का फैसला किया था. और इसे सही साबित किया सबसे पहले दीपक चाहर ने. अपने पहले ही ओवर में उन्होंने सुनील नारायण को चलता किया. और दूसरे ओवर में दो और विकेट ले लिए. एविन लुईस और हेटमायर के. दोनों ही एलबीडबल्यू हुए. स्विंग गेंदबाज़ी का ये शानदार नमूना था. दीपक ने सिर्फ तीन ओवर फेंके. रन दिए महज़ चार. विकेट झटके तीन. अगर उनकी बॉलिंग का कोटा पूरा करवाया जाता तो क्या पता एक दो विकेट और झटक लेते. बहरहाल अपना दूसरा ही टी 20 मैच खेल रहे दीपक का ये बेहतरीन प्रदर्शन था.

नवदीप सैनी 

अगर दीपक चाहर कमाल थे तो नवदीप बेमिसाल. बाउंसर, लेंथ बॉल, स्लोअर बॉल सब कुछ है उनके पास. इस मैच में उन्होंने इन सबका इस्तेमाल भी किया. दो विकेट भी लिए. उनमें से एक डेंजरस लग रहे पोलार्ड का था. जब वो 58 रन बनाकर मैच इंडिया से दूर ले जा रहे थे तब उनका मिडल स्टंप उड़ा दिया नवदीप ने. इस सीरीज में ही नवदीप ने डेब्यू किया है और बढ़िया गई है उनके लिए सीरीज. अपने पहले ही मैच में मैन ऑफ़ दी मैच का अवॉर्ड भी मिला था उन्हें.

राहुल चाहर

आज इनका पहला मैच था इंडिया की ब्लू जर्सी में. अपने भाई दीपक की तरह इन्होने ज़्यादा बड़ा कमाल तो नहीं दिखाया लेकिन विकेट कॉलम में अपना नाम ज़रूर दर्ज कराया. वो भी कार्लोस ब्रेथवेट का डेथ ओवर्स में विकेट. जो टिक जाते तो न जाने क्या कर देते. पहली गेंद पर ब्रेथवेट से छक्का खाने के बाद भी राहुल उन्हें दोबारा शॉर्ट गेंद डालने से नहीं हिचके और आउट करवा दिया. इन तीनों ही गेंदबाज़ों ने आज दिखा दिया कि इंडिया की बेंच स्ट्रेंथ बहुत मज़बूत है. आने वाले सालों में हमें कम से कम बॉलिंग ऑप्शन्स के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा.
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