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भगवंत मान को अकाल तख्त ने धार्मिक कदाचार का दोषी ठहराया, SGPC की किस रिपोर्ट से मुश्किलें बढ़ीं?

Akal Takht के Jathedar ज्ञानी रघुबीर सिंह ने Punjab के CM Bhagwant mann को धार्मिक कदाचार (Religious misconduct) के लिए दोषी ठहराया है. क्या है ये पूरा मामला?

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अकाल तख्त के जत्थेदार रघबीर सिंह(बाएं) और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान(दाएं)(फोटो: आजतक)

अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को धार्मिक कदाचार (Religious misconduct) के लिए दोषी ठहराया है. जत्थेदार ने इस फैसले का आधार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की एक रिपोर्ट को बताया है. ये मामला पिछले साल कपूरथला स्थित गुरुद्वारे में हुई एक घटना से जुड़ा है. इस घटना में पुलिस और निहंग सिखों के बीच गोलीबारी हुई थी (Akal Takht order on Punjab CM Bhagwant Mann).

 Jathedar ने क्या-क्या बताया?

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुबीर सिंह की तरफ से 21 जनवरी, 2024 को इस मामले पर बयान दिया गया. उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने गुरुद्वारे पर बिना किसी वजह के हमला किया था और उनके पास इसके सबूत हैं.

उन्होंने कहा,

'पुलिस ने धार्मिक कदाचार किया है. गुरुद्वारा साहिब में वो जूते पहनकर अंदर घुस गए थे और गुरुद्वारे में चल रहे अखंड पाठ को भी रोकने की कोशिश की. इसके लिए उन्होंने आंसू गैस के गोले फेंके थे. पुलिस की इस हरकत से सिख समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं.'

ज्ञानी रघुबीर सिंह ने आगे कहा,

'कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान गृह मंत्रालय के मुखिया हैं. पुलिस की इस हरकत के लिए वो ही जिम्मेदार हैं. धार्मिक कदाचार, गुरुद्वारे में घुसपैठ और फायरिंग के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री ही जिम्मेदार हैं.'

एक्सप्रेस के मुताबिक 21 जनवरी को ही श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय ने भी इस मामले पर एक बयान जारी यही घोषणा की है. सचिवालय ने कहा है कि SGPC रिपोर्ट में दिए गए तथ्य और बयान साबित करते हैं कि पुलिस ने बिना किसी उकसावे के गुरुद्वारे पर बड़े पैमाने पर हमला किया था.

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कपूरथला गुरुद्वारे में हुआ क्या था?

24 नवंबर, 2023 की बात है. कपूरथला स्थित अकाल बंगा गुरुद्वारे में दो निहंग सिखों के बीच विवाद हुआ था. इसे सुलझाने पुलिस की एक टीम वहां पहुंची थी. लेकिन पुलिस और निहंग सिखों के बीच ही लड़ाई हो गई. आरोप है कि बात बढ़ने पर गोलियां चलाई गईं. गोलीबारी में पंजाब पुलिस में तैनात एक होमगार्ड की मौत हो गई. साथ ही कई लोग घायल भी हुए. पंजाब सरकार ने मृतक पुलिसकर्मी को 2 करोड़ रुपए मुआवजा देने का ऐलान किया था.

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