सुपरस्टारडम के सही मायने समझाने वाले कलाकार हैं ममुक्का.
साल था 1971. एक मलयालम फिल्म रिलीज़ हुई. नाम था ‘अनुभवंगल पालीचक्कल’. फिल्म में एक जूनियर आर्टिस्ट पहली बार कैमरा फेस करने जा रहा था. किसे पता था कि ये लड़का आगे चलकर मलयालम सिनेमा का टाइमलेस एक्टर बन जाएगा. ‘बिग एम’ के नाम से पुकारा जाएगा. वो एक्टर जिसने मोहनलाल के साथ करीब 50 फिल्मों में काम किया. तीन नैशनल अवॉर्ड, सात केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड्स और 13 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स अपने नाम किए. 1998 में उन्हें कला के क्षेत्र में दिए अपने योगदान की वजह से भारत सरकार ने पद्म श्री से भी सम्मानित किया.
06 अगस्त, 2021 को ‘अनुभवंगल पालीकचक्कल’ ने अपनी रिलीज़ के 50 साल पूरे किए. फिल्म की गोल्डन जुबिली के साथ उस जूनियर आर्टिस्ट ने भी सिनेमा में अपने 50 साल पूरे किए. जिसे हम सब आज मामूटी के नाम से जानते हैं. प्यार से, आदर से ममुक्का बुलाते हैं. बात करेंगे ममुक्का की करिश्माई जर्नी की. जिसने उन्हें इस देश के चहेते सितारों में से एक बना दिया. जिनके लिए मोहनलाल कहते हैं कि मामूटी का जन्म ही एक्टिंग के लिए हुआ है. साथ ही जानेंगे ममुक्का के करियर की कुछ डिफाइनिंग फिल्मों के बारे में.
