कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने इस विधेयक को ‘संविधान विरोधी’ करार दिया. इमरान मसूद ने कहा कि ये न केवल अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला है, बल्कि देश के संवैधानिक ढांचे को भी कमजोर करने की कोशिश है. कांग्रेस सांसद का मानना है कि वे इसे संविधान के खिलाफ एक खतरनाक कदम मानते हैं. बिल पर बहस के दौरान मसूद ने ‘सौगात-ए-मोदी’ का भी जिक्र किया. कहा कि उन्हें सौगात-ए-मोदी में शिक्षा, रोजगार दे दीजिए.
वक्फ संशोधन बिल: कांग्रेस MP इमरान मसूद ने 'सौगात-ए-मोदी' में सरकार से क्या मांगा?
इमरान मसूद ने आगे कहा कि अलग-अलग राज्यों के बोर्ड की ओर से सच्चर कमेटी के सामने ये बताया गया था कि ऐसी कितनी संपत्तियां हैं जिन पर सरकार ने कब्जा किया हुआ है. ये कानून लागू होने के बाद इन पर से वक्फ का दावा खत्म हो जाएगा.

बुधवार, 2 अप्रैल को संसद में बिल पर बहस के दौरान इमरान मसूद ने कहा,
“बाबा साहेब ने संविधान में हमारे अधिकारों के संरक्षण का काम किया. वक्फ का बिल जिन्होंने ड्राफ्ट किया, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. अपनी हैसियत के हिसाब से मुसलमान अल्लाह की राह में वक्फ करता है. वक्फ को मुसलमान जानता है, समझता है, इसकी जरूरत पहचानता है. इसका सारा प्रबंधन तो सरकारों के ही हाथ में है. JDU, TDP और अन्य दल कहते हैं कि हमने वक्फ बाई यूजर को खत्म करने का काम कर दिया, धारा 3 को हटा दिया गया, जिसमें वक्फ बाई यूजर था.”
इमरान मसूद ने आगे कहा कि अलग-अलग राज्यों के बोर्ड की ओर से सच्चर कमेटी के सामने ये बताया गया था कि ऐसी कितनी संपत्तियां हैं जिन पर सरकार ने कब्जा किया हुआ है. ये कानून लागू होने के बाद इन पर से वक्फ का दावा खत्म हो जाएगा. इमरान का कहना है कि यूपी में 14 हजार में से ‘11 हजार 500’ एकड़ जमीन को सरकारी घोषित करने दिया गया है, जिनमें मस्जिद, इमामबाड़ा, कब्रिस्तान शामिल हैं. उन्होंने कहा,
“आप कहते है कि वक्फ बाई यूजर खत्म करा दिया. इतना बड़ा हथियार दे दिया कि जाइए लड़ते रहिए. कर्नाटक के अंदर एक लाख 11 हजार एकड़ जमीन वक्फ की थी, जिसमें 19 हजार और 20 हजार एकड़ जमीन मुतवल्ली ने अपने परिवारों में बांट ली. सरकारें बीजेपी और कांग्रेस दोनों की रहीं.”
कांग्रेस सांसद ने आगे कहा,
“आप किस तरह से तय करेंगे कि कौन प्रैक्टिसिंग मुस्लिम है. उसका पैमाना क्या होगा. आपने संवैधानिक अधिकार का अतिक्रमण करने का काम किया है. अभी हमें सौगात-ए-मोदी मिली. हमें सौगात-ए-मोदी में शिक्षा, रोजगार दे दीजिए. सौगात-ए-मोदी में ये कानून दे दीजिए. ये जो गोलियां छाती पर लगती हैं, इन्हें बंद करा दीजिए.”
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने पार्टी को गलत सूचना फैलाने के लिए घेरा और आश्वासन दिया कि कानून मुसलमानों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करने का इरादा नहीं रखता है. शाह ने कहा कि कांग्रेस ने 2014 के चुनावों से ठीक पहले नई दिल्ली में 123 वीवीआईपी संपत्तियां वक्फ बोर्ड को दान कर दी थीं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 2013 में वक्फ अधिनियम में संशोधन करके रेलवे की जमीन भी वक्फ को दान कर दी.
विधेयक पर संसद में गृह मंत्री ने कहा,
“2014 में चुनाव होने वाला था. इससे पहले रातों रात तुष्टिकरण करने के लिए वक्फ कानून को एक्सट्रीम बना दिया गया और इसके कारण क्या हुआ? इसके कारण दिल्ली लुटियन की 123 वीवीआईपी संपत्ति कांग्रेस सरकार ने चुनाव के 25 दिन पहले वक्फ को दे दीं. दिल्ली वक्फ बोर्ड ने उत्तरी रेलवे की भूमि वक्फ के नाम घोषित कर दी. हिमाचल में वक्फ की संपत्ति बताकर उस पर अवैध मस्जिद बनाने का काम किया गया.”
उन्होंने आगे कहा,
"वक्फ विधेयक मुसलमानों के धार्मिक मामलों और उनके द्वारा दान की गई संपत्तियों में हस्तक्षेप है, जो वोट बैंक के लिए भय पैदा करने वाला है."
अमित शाह ने बताया कि इसमें सरकार किसी भी तरह का दखल नहीं देना चाहती. उन्होंने बताया,
“जो भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं तो मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि वक्फ मुस्लिम भाइयों की धार्मिक क्रिया-क्लाप और उनके बनाए हुए दान का ट्रस्ट है, उसमें सरकार कोई दखल नहीं देना चाहती है.”
उन्होंने कहा कि मुतवल्ली भी उनका होगा, वाकिफ भी उनका होगा, वक्फ भी उनका होगा.
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