बेंगलुरु को भारत का 'सिलिकॉन वैली' कहा जाता है. यहां काम करने वाले टेक एक्सपर्ट को कंपनियां भारी-भरकम पैकेज देती हैं. इसके बावजूद बेंगलुरु में रहन-सहन आसान नहीं होने के दावे किए जाते हैं. यहां काम कर रहे एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने दावा किया है कि वो साल में करीब दो करोड़ का पैकेज उठाता है, बावजूद इसके उसे लगता है कि बेंगलुरु में रहने के लिए उसकी कमाई पर्याप्त नहीं है.
बेंगलुरु के इंजीनियर के लिए 8 लाख रुपये महीना सैलरी भी कम, खर्चों की लिस्ट में शौक भी दिख गए
Bengaluru में 1.8 करोड़ की सालाना सैलरी पाने वाले एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने शहर की महंगाई और मासिक खर्च की LinkedIn पर शिकायत की. उन्होंने कहा कि उनकी तकरीबन आधी सैलरी खर्च हो जाती है. लोगों ने इसपर क्या रिएक्शन दिया? यहां पढ़ें.

इस प्रिंसिपल सॉफ्टवेयर इंजीनियर की सालाना कमाई 1.8 करोड़ रुपये है. लेकिन उसका कहना है कि तकरीबन आधी सैलरी खर्चों में उड़ जाती है. आस वोरा जैन नाम के इस इंजीनियर ने जब अपनी फाइनेंशियल कंडीशन LinkedIn पर शेयर की, तो बहस छिड़ गई. जैन ने बताया कि भारी-भरकम सैलरी मिलने के बावजूद अब उनके लिए बेंगलुरु 'बिल्कुल' भी रहने लायक नहीं है. वजह? उनके महंगे खर्चे और शहर की बढ़ती महंगाई, जो मिलकर उनकी सैलरी को हवा में उड़ा देते हैं. उनकी इस शिकायत पर लोग काफी रिएक्शन दे रहे हैं.
1.8 करोड़ की सैलरी, फिर भी खाता माइनस में!आस वोरा जैन ने लिंक्डइन पर लिखा कि उनकी सालाना सैलरी भले ही 1.8 करोड़ रुपये हो, लेकिन काट-पीट कर उनके हाथ में केवल 1 करोड़ रुपये ही आते हैं. यानी करीब 8.3 लाख रुपये हर महीने. भारत में ज्यादातर लोगों के लिए ये सैलरी बहुत ज्यादा होगी, लेकिन जैन के मुताबिक बेंगलुरु में यह भी नाकाफी साबित हो रही है. इसकी वजह उन्हें नीचे दी लिस्ट के जरिये बताई है.
- इंदिरानगर में 3BHK फ्लैट का किराया – 1.5 लाख रुपये
- BMW/Mercedes लग्जरी कार की EMI – 80,000 रुपये
- डोमेस्टिक हेल्प और लॉन्ड्री – 15,000 रुपये
- स्विगी/जोमैटो पर ऑर्डर – 70,000 रुपये
- 5-स्टार होटल में कॉकटेल और डिनर – 1.2 लाख रुपये
- वीकेंड ट्रिप्स (गोवा और दुबई) – 1 लाख रुपये
- ब्रांडेड वाइट टी-शर्ट – 10,000 रुपये
- ऑर्गेनिक वाइन – 50,000 रुपये
- फिटनेस मेंबरशिप + पर्सनल ट्रेनर – 12,000 रुपये
- क्रिप्टो और स्टॉक्स में निवेश – 1 लाख रुपये
वैसे तो ये 7.07 लाख रुपये का खर्च है, लेकिन जैन ने दावा किया कि बेंगलुरु में उनका एक महीने का खर्च 8.87 लाख रुपये है. उन्होंने कहा कि हफ्ते में 40 घंटे काम करने पर उन्हें हर साल 1.8 करोड़ रुपये मिलते हैं.
किसकी गलती, बेंगलुरु या लाइफस्टाइल?पोस्ट के एंड में जैन ने मजाकिया अंदाज में सवाल किया कि 'बेंगलुरु में क्या गलत है?' इस पर लोगों ने कई तंजिया कॉमेंट किए हैं. एक यूजर ने लिखा कि इस पोस्ट के जरिए जैन केवल इंगेजमेंट और कॉमेंट चाहते हैं. एक अन्य यूजर ने लिखा, 'अच्छी खबर! न्यू इंडिया स्कीम के तहत, अब आप ATM से अपना EPF भी निकाल सकते हैं. इससे गोवा ट्रिप और ऑर्गेनिक वाइन के खर्च को बैलेंस करने में मदद मिल सकती है.'
ऋषि नामक यूजर ने लिखा कि यह शहर के बारे में नहीं है, यह आपने जो लाइफस्टाइल चुनी है, उसके बारे में है. दयानंद राउत लिखते हैं, 'जरूरतें पूरी की जा सकती हैं, लालच नहीं.' एक यूजर ने वोरा के लिए लिखा कि आपने जो खर्चों की लिस्ट बनाई है, वो रकम जुड़कर 7.07 लाख रुपये बनती है, लेकिन आपने 8 लाख रुपये लिखी है.
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