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यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को सपा नेता ने गिफ्ट किया नीला ड्रम, सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई

Saurabh Rajput Murder के बाद 'नीले ड्रम का खौफ' जैसी बातें चलनी शुरू हुईं थीं. Meerut Murder Case में Muskan और Sahil ने शव को टुकड़ों में काट, नीले प्लास्टिक ड्रम में डालकर सीमेंट से भर दिया था.

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सपा प्रवक्ता ने ब्रजेश पाठक को नीला ड्रम भेंट किया है (PHOTO-X/@Benarasiyaa)

मूर्ख दिवस होता है 1 अप्रैल को. उस दिन लखनऊ में 'लंतरानी हास्य उत्सव' कार्यक्रम हुआ. मौके पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी थे. जिन्हें समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता दीपक रंजन ने नीला ड्रम गिफ्ट किया. तस्वीरें सामने आईं और अब सोशल मीडिया पर घूम रही हैं. सौरभ राजपूत मर्डर केस से इसे जोड़ा जा रहा है. मौका हंसी-मज़ाक का था तो लोगों ने इसे हंसी-मज़ाक में भी लिया. पर दो पार्टियों के लोगों के बीच का मामला था तो अन्य मतलब भी निकाले गए. हालांकि, ड्रम देने वाले दीपक रंजन ने इसे सिर्फ "हास्य-व्यंग्य के संदर्भ में दी गई वस्तु" कहा.

इस कार्यक्रम में जाने के बारे में डिप्टी सीएम ने ट्वीट भी किया था. जहां से पता चलता है कि ये '7वां लंतरानी हास्य उत्सव कार्यक्रम' था जहां कई कवि भी मौजूद थे. ऐसी ही हास्य प्रस्तुतियों वाले एक और कार्यक्रम 'घोंघाबसंत सम्मेलन' में भी वो पहुंचे थे. लंतरानी वाले कार्यक्रम की उन्होंने तस्वीरें भी शेयर की थीं.
 


सोशल मीडिया पर लोग इसे गिमिक मानते हुए, छपास भी कह रहे हैं. 
 

अब बात नीले ड्रम की. सौरभ राजपूत मर्डर केस के बाद 'नीले ड्रम का खौफ' जैसी बातें चलनी शुरू हुईं. मेरठ मर्डर केस में मुस्कान और साहिल ने शव को टुकड़ों में काट, नीले प्लास्टिक ड्रम में डालकर सीमेंट से भर दिया था, ताकि सबूत छुपाए जा सके. इसके बाद नीले ड्रम पर खूब मीम और जोक बने. घर पर नीला ड्रम देख भागते पतियों की रीलें बनी. किसी वीडियो में पति को घर से ड्रम फेंकते दिखाया गया. लोग राह चलते उन लोगों के वीडियो बनाने लगे, जो घर के काम से ड्रम ले जा रहे होते थे. प्रैंक वीडियो भी बनने शुरू हो गए.  

ऐसा ही एक वीडियो देखिए, जिसकी बीते दिनों खूब आलोचना भी हुई.

एक ओर लोग ऐसे हंसी-मज़ाक को क्रूर बता रहे थे. दूसरी ओर जमीन पर भी इसका असर दिखा. मेरठ में नीले ड्रम की बिक्री ठप होने की खबरें आई. जली कोठी इलाके से साहिल ने ड्रम खरीदा था, वहां दुकानदारों की बोहनी तक बंद होने की खबरें आईं. कई जगह व्यापारियों ने नीले की जगह भगवा और हरे रंग के ड्रम बेचने शुरू कर दिए.

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अलीगढ़ से खबरें आईं कि पहले 400-450 ड्रम बिकते थे, अब 200-250 बिक रहे हैं. दुकानदार ‘बाजार सूना पड़ा है, पुरुष समाज डरा हुआ है’ जैसी बातें कहते मिले. कहा गया कि लोग अब ड्रम चुपचाप रिक्शे से घर भिजवाते हैं, लेकिन मोहल्ले वाले हंसी उड़ाते हैं. कुछ जगहों पर दुकानदार ड्रम बेचने पर आईडी कार्ड मांगने लगे तो कई छोटे दुकानदारों ने सामान रखने के नीले ड्रम हटाकर सफेद ड्रम रख लिए थे.

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