The Lallantop

इजरायल के सेनाध्यक्ष ने 'हम असफल रहे' लिखकर दिया इस्तीफा, अंदर की कहानी ये है?

जनरल हरजी हालेवी ने इजरायल में 7 अक्टूबर, 2023 को हमास के हमले में इजरायली सेना की असफलता की जिम्मेदारी ली है. पत्र में हालेवी ने लिखा, “सात अक्टूबर की सुबह, मेरे नेतृत्व में IDF इजरायल के नागरिकों की जान बचाने में नाकामयाब रही. इजरायल ने अपने नागरिकों के जान की भारी कीमत चुकाई है.”

post-main-image
IDF प्रमुख हरजी हालेवी ने इस्तीफे का ऐलान कर दिया. (तस्वीर:IDF का 'एक्स')

इजरायली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल हरजी हालेवी ने अपने पद से इस्तीफा देने का एलान कर दिया है. उन्होंने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजरायल कैट्ज को एक पत्र लिखा. इसमें आगामी 6 मार्च को इस्तीफा देने की बात कही गई है. नेतन्याहू ने उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है. हालेवी 2 साल 2 महीने तक IDF चीफ के पद पर रहे. उनका कार्यकाल खत्म होने में अभी 10 महीने बचे थे.

हालेवी ने ‘चूक’ की जिम्मेदारी ली

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, हालेवी ने इजरायल में 7 अक्टूबर, 2023 को हमास के हमले में इजरायली सेना की असफलता की जिम्मेदारी ली है. पत्र में हालेवी ने लिखा,

“सात अक्टूबर की सुबह, मेरे नेतृत्व में IDF इजरायल के नागरिकों की जान बचाने में नाकामयाब रही. इजरायल ने अपने नागरिकों के जान की भारी कीमत चुकाई है.”

उन्होंने आगे लिखा,

“IDF का मुख्य उद्देश्य अपने देश के नागरिकों की रक्षा करना है. हम उसमें असफल रहे. उस दिन की भयावह यादें जीवन भर मेरे साथ रहेंगी. मैं जल्द ही सैन्य सेवा के 40 साल पूरे कर लूंगा. मैंने यह निर्णय बहुत पहले लिया था.”

सफलता का भी जिक्र, आगे लंबी लड़ाई है

हरजी हालेवी ने पत्र में IDF की हालिया सफलताओं का भी ज़िक्र किया. इसमें लेबनान में हिज़्बुल्लाह को कमज़ोर करना, सीरिया में असद सरकार के गिरने की बाद की कार्रवाई, ईरान के एक्सिस ऑफ़ रेजिस्टेंस को कमज़ोर करना और हमास को सीजफायर के लिए मजबूर करना शामिल है.

इसके अलावा, हालेवी ने कहा कि उनके कार्यकाल में IDF वेस्ट बैंक में आतंकवाद पर काफी हद तक काबू पाने में कामयाब रही. इससे सेना को दो अन्य मोर्चों हमास और हिजबुल्लाह पर फोकस करने की सहूलियत मिल गई.

IDF प्रमुख ने हालांकि माना कि अभी लड़ाई लंबी है. गाजा पर हमास के राजनीतिक नियंत्रण को खत्म करना बचा है और उससे बाकी 94 बंधकों को वापस भी कराना है.

उन्होंने कहा कि वह अगले छह सप्ताह यह सुनिश्चित करने में बिताएंगे कि 7 अक्टूबर की विफलताओं पर IDF की रिपोर्ट जारी की जाए और साथ ही हमास के साथ परमानेंट सीजफायर को लेकर पूरा ज़ोर लगाया जाए.

IDF प्रमुख के इस्तीफे के पीछे की कहानी

इजरायल में हुए हमले को लेकर जनता में नाराजगी है. इसके बावजूद पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार ने सुरक्षा स्तर पर हुई चूक की जांच शुरू करने की मांग का विरोध किया है. योवाव गैलेंट के इस्तीफे के बाद इजरायल काट्ज ने पिछले साल 6 नवंबर को रक्षा मंत्री का पद संभाला. जेरूसलम पोस्ट  की रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम नेतन्याहू के इशारों पर काट्ज सेना प्रमुख हालेवी को बाहर का रास्ता दिखाने का प्रयास कर रहे हैं.  

नेतन्याहू की सरकार में वित्त मंत्री बेजेलेल स्मोट्रिच ने गाहे-बगाहे हालेवी के अप्रोच की आलोचना की है. रॉयटर्स के मुताबिक, स्मोट्रिच ने 21 जनवरी को हमास की सैन्य क्षमताओं को चकनाचूर करने में इजरायली सेना की सफलता के लिए हालेवी की तारीफ की, लेकिन अक्टूबर, 2023 में हुए हमास के हमले की जिम्मेदारी भी उनके कंधों पर डाल दी. 

क्या सेना प्रमुख ने इस्तीफा अपने मन से दिया या उन्हें हटाया गया है? इस मामले में अधिक जानकारी के लिए हमने मिडिल ईस्ट मामलों के जानकार और ‘ओ.पी जिंदल यूनिवर्सिटी’ के प्रोफेसर मोहसिन रजा से बात की.  

मोहसिन कहते हैं,

“हालेवी के ऊपर दवाब तो था. इजरायल से मिल रही रिपोर्ट्स बताती हैं कि पीएम नेतन्याहू चाहते थे कि हालेवी इस्तीफा दे दें ताकि पूरा दोष उनपर चला जाए और वे खुद बच जाएं. हालांकि, इजरायल की सुरक्षा एजेंसियों में एक पुरानी प्रथा है कि वे अपनी गलती के लिए इस्तीफा देते हैं. ऐसे में केवल दवाब की बात नहीं की जा सकती है.”

IDF चीफ हालेवी के इस्तीफे की घोषणा के तुरंत बाद गाजा में ऑपरेशन की देखरेख करने वाले इजरायल के दक्षिणी कमान के प्रमुख मेजर जनरल यारोन फिंकेलमैन ने भी अपना इस्तीफा दे दिया है.

इजरायल में 7 अक्टूबर को लेकर हुए हमले को लेकर कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं और सेना की दक्षिणी कमान के प्रमुख मेजर-जनरल यारोन फिंकेलमैन ने भी इस्तीफा देने की बात कही है. इजरायल की मीडिया रिपोर्ट ‘Maariv News’ की मानें तो नौसेना और वायु सेना के प्रमुख जल्द ही अपना इस्तीफा सौंप देंगे.

मोहसिन ने कहा,

“इससे पहले पिछले साल एक सैन्य अधिकारी ने इस्तीफा देते हुए कहा था कि 7 अक्टूबर की घटना की कायदे से जांच होना चाहिए. और यह जांच केवल सेना या खुफिया एजेंसियों तक सीमित न रहे बल्कि इजरायली सरकार की भूमिका को भी सवालों के घेरे में रखा जाए.”

पीएम नेतन्याहू जांच से क्यों बच रहे हैं?

इजरायल में विपक्ष के नेता यायर लैपिड ने पद छोड़ने के लिए हलेवी की प्रशंसा की. उन्होंने पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से भी इस्तीफे की मांग की है.

लैपिड ने कहा,

“अब बेंजामिन सरकार के लिए जिम्मेदारी लेने और इस्तीफा देने का समय आ गया है.”

साल 2021-22 को छोड़ दिया जाए तो बेंजामिन नेतन्याहू पिछले 17 सालों से इजरायल के पीएम पद की कुर्सी पर काबिज हैं. ऐसे में हमले के 15 महीने बाद भी इजरायल के पीएम नेतन्याहू जांच से क्यों बच रहे हैं?

मोहसिन कहते हैं कि अगर सरकार की जांच हुई तो नेतन्याहू खतरे में आ जाएंगे. उन्होंने कहा,

“हमास को गाजा में अनुमति देने की नीति नेतन्याहू की ही थी. ऐसा इसलिए क्योंकि वे चाहते थे कि फिलिस्तीन के लोग हमास और फिलिस्तिनी सरकार में बंटे रहे और इससे दूसरी साइड कोई वार्ताकार न हो. अगर फिलिस्तिनी प्रशासन गाजा में आ जाता तो नेतन्याहू को एक तरह से दो राष्ट्र के सिद्धांत को मानना पड़ता.”

यह भी पढ़ें:हमास ने गिफ्ट हैंपर देकर छोड़े इजरायली महिला बंधक, तोहफे में क्या दिया जानते हैं?

सेना प्रमुख का उत्तराधिकारी कौन?

इजरायल में बीते 17 सालों में यह पहली बार है कि जब किसी IDF के चीफ ऑफ स्टाफ ने अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा करने से पहले इस्तीफा दे दिया है. इससे पहले लेफ्टिनेंट जनरल डैन हलुत्ज़ ने 2006 के दूसरे लेबनान युद्ध के बाद 2007 में पद छोड़ दिया था.

अब हालेवी का उत्तराधिकारी कौन होगा, इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. लेकिन कुछ संभावित नाम चर्चा में जरूर हैं.

टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक, हालेवी के उत्तराधिकारी को लेकर सबसे प्रबल नाम रक्षा विभाग के डायरेक्टर जनरल ईयाल जामीर का चल रहा है. वो इससे पहले डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ भी रह चुके हैं. जामीर पहले दो बार सेना प्रमुख बनते-बनते रह गए हैं. इसके अलावा IDF के नॉर्दन कमांड के प्रमुख मेजर जनरल ओरी गॉर्डिन का नाम भी चीफ ऑफ स्टाफ की रेस में शामिल है. इजरायल के रक्षा मंत्री ने कहा है कि अगले IDF चीफ ऑफ स्टाफ के लिए इंटरव्यू आने वाले दिनों में शुरू होंगे.

वीडियो: इजरायल-हमास सीजफायर के पीछे क्या कहानी है?