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जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ देशभर की बार एसोसिएशन्स दिल्ली पहुंचीं, कानून मंत्री से की बैठक

इलाहाबाद बार एसोसिएशन समेत ये तमाम एसोसिएशन्स जस्टिस वर्मा के ट्रांसफर का विरोध और उनके खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग कर रही हैं. इसी को लेकर इन्होंने केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं.

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जस्टिस यशवंत वर्मा को इलाहाबाद हाई कोर्ट में ट्रांसफर करने के खिलाफ अपने विरोध प्रदर्शन को लेकर बार के अध्यक्ष आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए बैठक कर रहे हैं. (फोटो- X/PTI)

दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास पर कथित रूप से मिले भारी कैश और उनके ट्रांसफर को लेकर हंगामा थम नहीं रहा है. इस मुद्दे पर देश की कई हाई कोर्ट बार एसोसिएशन्स के अध्यक्ष और सदस्य दिल्ली पहुंच गए हैं. इलाहाबाद बार एसोसिएशन समेत ये तमाम एसोसिएशन्स जस्टिस वर्मा के ट्रांसफर का विरोध और उनके खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग कर रही हैं. इसी को लेकर इन्होंने केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं.

बीती 14 मार्च को जस्टिस वर्मा के आवास से लगे स्टोर रूम में आग लग गई थी. इसे बुझाने के दौरान कथित तौर पर भारी कैश मिला था. ये जानकारी सामने आने के बाद भारी बवाल मचा. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस वर्मा को दिल्ली हाई कोर्ट से हटा दिया. बाद में उन्हें वापस इलाहाबाद हाई कोर्ट भेजने का फैसला लिया गया. इसी को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट की अवध बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल तिवारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया,

"देश भर के हाई कोर्ट से लगभग 25-26 बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आज सुबह दिल्ली पहुंचे. हम जस्टिस वर्मा के इलाहाबाद हाई कोर्ट में तबादले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को आगे बढ़ाने के बारे में चर्चा करने और सर्वसम्मति से निर्णय लेने के लिए बैठक कर रहे हैं. हम ऐसा नहीं होने देंगे. हम बैठक के बाद अपने निर्णय के बारे में एक संयुक्त बयान जारी करेंगे."

अनिल तिवारी ने आगे कहा,

"हमारी मांगों में ट्रांसफर आदेश वापस लेना, CBI और ED द्वारा मामला दर्ज करना और उनके पूरे कार्यकाल की विस्तृत जांच शामिल है."

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक बार एसोसिएशन के अध्यक्षों ने बताया कि उन्हें ट्रांसफर प्रस्ताव के तकनीकी कारणों के बारे में बताया गया है. दिल्ली हाई कोर्ट में उनकी वरिष्ठता एक कारण थी. साथ ही अध्यक्षों ने ये भी बताया कि कॉलेजियम ने स्पष्ट किया है कि न्यायिक कार्य पहले ही वापस ले लिया गया है.

तिवारी ने ये भी बताया कि उन्होंने अपने साथियों सौरभ शुक्ला और हिमांशु शुक्ला तथा फूलपुर (प्रयागराज) से भाजपा सांसद प्रवीण पटेल के साथ 26 मार्च को कानून मंत्री मेघवाल से मुलाकात की और अपनी मांगें उनके सामने रखीं. हालांकि, तिवारी ने दावा किया कि उन्हें कोई आश्वासन नहीं मिला, लेकिन मंत्री ने उनसे कहा कि वो उन सभी की मांगों पर विचार करेंगे.

बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट अवध बार एसोसिएशन जस्टिस वर्मा के ट्रांसफर के खिलाफ 25 मार्च से हड़ताल पर है.

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