अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपने ‘गाजा टेकओवर प्लान’ से जुड़ी बड़ी जानकारी दी है. उन्होंने कहा है कि इस प्लान के तहत फिलिस्तीनियों को गाजा में लौटने का कोई अधिकार नहीं होगा. डॉनल्ड ट्रंप ने अपने इन प्रस्तावों को ‘भविष्य के लिए एक रियल एस्टेट विकास’ बताया है.
'फिलिस्तीनियों को गाजा लौटने का हक नहीं', डॉनल्ड ट्रंप ने बताया अपने 'टेकओवर प्लान' का सच
Donald Trump ने ये बयान फॉक्स न्यूज चैनल के ब्रेट बैयर को दिए एक इंटरव्यू में दिया. दी गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ये ‘उनकी जिम्मेदारी होगी’. उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत गाजा के बाहर फिलिस्तीनियों के रहने के लिए छह अलग-अलग स्थान हो सकते हैं.

ट्रंप ने ये बयान फॉक्स न्यूज चैनल के ब्रेट बैयर को दिए एक इंटरव्यू में दिया. दी गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ये ‘उनकी जिम्मेदारी होगी’. उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत गाजा के बाहर फिलिस्तीनियों के रहने के लिए छह अलग-अलग स्थान हो सकते हैं. राष्ट्रपति ट्रंप के इस प्लान को अरब देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के अन्य लोगों ने अस्वीकार कर दिया है.
जब बैयर ने ये सवाल किया कि क्या फिलिस्तीनियों को उस क्षेत्र में लौटने का अधिकार होगा, जिसका अधिकांश हिस्सा अक्टूबर 2023 से शुरू हुई जंग में मलबे में तब्दील कर दिया गया है, तो ट्रंप ने कहा,
"नहीं, उन्हें ये अधिकार नहीं होगा. क्योंकि उनके पास बेहतर आवास की सुविधा होगी."
ट्रंप ने कहा,
"दूसरे शब्दों में कहूं, मैं उनके लिए एक स्थायी स्थान बनाने की बात कर रहा हूं. क्योंकि यदि उन्हें अब वापस लौटना पड़ा, तो वहां पहुंचने में कई वर्ष लग जाएंगे, वो जगह रहने योग्य नहीं है."
बता दें कि ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में गाजा प्लान का खुलासा किया था. इसके बाद फिलिस्तीनियों के बीच इसको लेकर आक्रोश फैल गया था. अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया था कि इजरायल-हमास के बीच हुई जंग से तबाह हुए गाजा से फिलिस्तीनियों को बाहर निकाला जाए. उन्होंने ये भी कहा था कि मिस्र और जॉर्डन उन्हें अपने यहां ले जाएं.
ट्रंप ने इंटरव्यू में ये भी कहा कि वो गाजा में रहने वाले 20 लाख से अधिक फिलिस्तीनियों के लिए ‘सुंदर समुदाय’ का निर्माण करेंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा,
"ये संख्या पांच, छह या दो भी हो सकती हैं. लेकिन हम सुरक्षित समुदायों का निर्माण करेंगे, जो उन स्थानों से थोड़ा दूर होंगे जहां वो हैं, जहां सारा खतरा है."
ट्रंप ने कहा कि वो इसकी जिम्मेदारी लेते हैं. वो इसे भविष्य के लिए एक रियल एस्टेट विकास के रूप में देखेंगे. ये जमीन का एक खूबसूरत टुकड़ा होगा. इसमें बहुत ज्यादा पैसा खर्च नहीं होगा.
इससे पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 9 फरवरी को वाशिंगटन से लौटने के बाद अपने मंत्रिमंडल को एक बयान दिया था. इसमें उन्होंने ‘विजयी’ लहजे में ट्रंप के प्रस्ताव की प्रशंसा करते हुए इसे ‘क्रांतिकारी’ बताया. नेतन्याहू ने कहा,
"राष्ट्रपति ट्रंप इजरायल के लिए एक पूरी तरह से अलग, बहुत बेहतर दृष्टिकोण लेकर आए हैं.”
लेकिन ट्रंप के इस प्लान को लेकर अधिकांश लोगों की प्रतिक्रिया आक्रोश से भरी है. मिस्र, जॉर्डन और अन्य अरब राष्ट्रों और फिलिस्तीनियों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है. वहीं जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ इस योजना को ‘एक घोटाला’ तक करार दिया. उन्होंने कहा कि फिलिस्तीनियों का जबरन स्थानांतरण अस्वीकार्य और अंतरराष्ट्रीय कानून के विरुद्ध होगा.
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