उत्तर प्रदेश के नोएडा में साइबर ठगों ने एक परिवार को पांच दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा. इस दौरान अपराधियों ने पीड़ितों से 1 करोड़ 10 लाख रुपये ठग लिए. आरोपियों ने खुद को CBI अधिकारी बताया और पीड़ित परिवार को ‘ऑनलाइन कोर्ट’ के नाम पर फंसाया. परिवार इतना डर गया कि बैंक और FD के पैसे ठगों के खाते में ट्रांसफर कर दिए.
नोएडा में साइबर ठगों का बड़ा कांड, पूरे परिवार को डिजिटल अरेस्ट कर लूटे 1.10 करोड़ रुपये
पीड़ित परिवार नोएडा के सेक्टर-19 में रहता है. पुलिस के अनुसार बीती 1 फरवरी को चंद्रभान के नंबर पर एक कॉल आई. कॉल करने वाले ने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) का अधिकारी बताया. उसने चंद्रभान को उनका सिम कार्ड ब्लॉक करने की धमकी दी.
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PTI की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ित परिवार के पिता का नाम चंद्रभान पालीवाल है. ये लोग नोएडा के सेक्टर-19 में रहते हैं. पुलिस के अनुसार बीती 1 फरवरी को चंद्रभान के नंबर पर एक कॉल आई. कॉल करने वाले ने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) का अधिकारी बताया. उसने चंद्रभान को उनका सिम कार्ड ब्लॉक करने की धमकी दी.
पुलिस के मुताबिक ठगों ने पीड़ित से कहा कि मुंबई की साइबर क्राइम ब्रांच में उनके खिलाफ FIR दर्ज है. कुछ देर बाद एक और कॉल आई. इसमें ठगों ने खुद को IPS अधिकारी बताया और पुलिस की वर्दी में वीडियो कॉल किया. चंद्रभान पालीवाल ने पुलिस को बताया कि फोन पर फर्जी अधिकारियों ने उन पर मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए. इस दौरान उन्हें बताया गया कि 24 अलग-अलग थानों में उनके खिलाफ FIR दर्ज हैं.
इसके बाद पीड़ित की पत्नी और बेटी के फोन पर भी वीडियो कॉल आई. इस के दौरान फर्जी अधिकारियों ने उन्हें डिजिटली गिरफ्तार करने की बात कही. ठगों ने पीड़ितों को लगातार धमकियां दीं और कहा कि अगर पैसे नहीं दिए तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
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न्यूज एजेंसी से बातचीत में पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) प्रीति यादव ने मामले की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि ठगों ने पीड़ित को पांच दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा. और इस दौरान 1 करोड़ 10 लाख रुपये ठग लिए. उन्होंने कहा कि मामले में शिकायत दर्ज कर ली गई है. और जांच जारी है.
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