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आग लगने के बाद जस्टिस वर्मा के घर पहुंचने वाले पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन क्यों जमा कर लिए गए?

Justice Yashwant Varma Case: जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास पर आग लगने की घटना के दौरान सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वालों में ये पांच पुलिसकर्मी शामिल थे. अब उन्होंने अपने फोन दिल्ली पुलिस हेडक्वाटर्स को सौंप दिए हैं.

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घटना पर पहले प्रतिक्रिया देने वालों में पांच पुलिसकर्मी शामिल थे (फोटो: आजतक)

जस्टिस यशवंत वर्मा के आवासीय बंगले पर आग लगने के बाद नकदी मिलने की सूचना जिन पुलिसकर्मियों ने सबसे पहले दी थी, अब उन्होंने अपने फोन दिल्ली पुलिस हेडक्वाटर्स को सौंप दिए हैं (Justice Yashwant Varma Case). इस मामले की जांच के लिए CJI संजीव खन्ना ने तीन जजों की एक समिति गठित की थी. सूत्रों ने बताया कि अब इन मोबाइल फोन्स के डेटा का इस्तेमाल समिति अपनी जांच मे करेगी.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार, 24 मार्च की सुबह दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने पांच पुलिसकर्मियों को पूछताछ के लिए अपने दफ्तर में बुलाया. इन पांच पुलिसकर्मियों में तुगलक रोड थाने के SHO समेत एक सब-इंस्पेक्टर, दो हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल शामिल हैं. बताया जा रहा है कि जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास पर आग लगने की घटना के दौरान सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वालों में ये पांच पुलिसकर्मी शामिल थे. सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस कमिश्नर अरोड़ा ने उन्हें बिना किसी संकोच के जानकारी देने और उनसे पूछताछ में सहयोग करने के लिए कहा.

इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने दिल्ली फायर सर्विस को पत्र लिखकर आग लगने के कारणों के बारे में जानकारी मांगी है. यह आग जस्टिस वर्मा के आवास से सटे स्टोर रूम में लगी थी. इस मामले पर नई दिल्ली जिला पुलिस ने दो रिपोर्ट तैयार की हैं और उन्हें पुलिस चीफ के ऑफिस में जमा कर दिया है. एक रिपोर्ट में कहा गया है कि आग लगने की रात को जज के निजी सहायक ने फोन किया और पुलिस के पहुंचने से पहले दो दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं. रिपोर्ट में कहा गया कि आग बुझाने में करीब 20 मिनट लगे. इस दौरान NDMC और CPWD के अधिकारी, जज के आवास पर पहुंचे. 

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दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय के ऑफिस को कुछ और डिटेल्स भी सौंपी हैं. जिनमें जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास पर तैनात सिक्योरिटी गॉर्ड्स की डिटेल्स और पिछले 6 महीनों की अवधि के दौरान उनकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड शामिल है. CJ उपाध्याय ने CJI खन्ना के निर्देशों के बाद पुलिस चीफ को लेटर लिखकर ये डिटेल्स मांगी थी.

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