The Lallantop

'युवाओं को मरते नहीं देख सकता...' झारखंड में गुटखा बैन से पहले बोले स्वास्थ्य मंत्री

Jharkhand govt Gutkha-Paan Masala ban: गुटखा और पान मसाला बनाने, बेचने और स्टोर करने वालों पर सख़्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफ़ान अंसारी ने क्या-क्या कहा है?

post-main-image
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बैन लगाने को लेकर बातचीत की है. (फ़ोटो - सोशल मीडिया)
author-image
सत्यजीत कुमार

झारखंड सरकार ने राज्य में गुटखा और पान मसाला बनाने, बेचने और स्टोर करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है Jharkhand ban on Gutkha-Paan Masala). झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफ़ान अंसारी ने कहा है कि वो अपनी आंखों के सामने अपने युवाओं को मरते नहीं देख सकते हैं. ऐसे में गुटखा बेचने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. जो भी गुटखा खाएगा या बेचेगा, उस पर कार्रवाई होगी. इरफ़ान अंसारी का कहना है कि राज्य भर में गुटखा-पान मसालों के गोदाम सील होंगे.

इरफ़ान अंसारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा,

ये सिर्फ़ एक प्रतिबंध नहीं. उन परिवारों के आंसुओं का जवाब है, जिनके बच्चे कैंसर से मर गए. गुटखा खाने वाले अपनी मौत ख़ुद खरीद रहे हैं. अब इसे हर हाल में रोकना होगा. स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी क़ीमत पर बर्दाश्त नहीं. इनके कारण कैंसर जैसी घातक बीमारी तेज़ी से बढ़ रही है. एक डॉक्टर होने के नाते मैं जानता हूं कि ये जहर किस हद तक शरीर को बर्बाद कर सकता है.

बता दें, झारखंड के स्वास्थ्य विभाग ने इसे लेकर एक नोटिफ़िकेशन जारी किया है. इसमें बताय गया कि बैन, नोटिफ़िकेशन की तारीख़ से अगले एक साल तक प्रभावी रहेगा. इसके बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी. इस समीक्षा के आधार पर बैन की अवधि को आगे बढ़ाया जा सकता है. ये भी कहा गया कि गुटखा और पान मसाला बेचते हुए पाए जाने वाले व्यक्ति के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी.

ये भी पढ़ें - पति खाता था गुटखा, जब बीवी ने भी खाना शुरू किया तो मामला पहुंच गया थाना

इससे पहले, कैंसर दिवस यानी 4 फ़रवरी को आयोजित एक कार्यक्रम में इरफान अंसारी ने इसे लेकर बात की थी. इस दौरान उन्होंने राज्य में मुंह के कैंसर के रोगियों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई थी. साथ ही, कहा था कि झारखंड में हर एक लाख लोगों में से लगभग 70 लोग कैंसर से पीड़ित हैं. इनमें से 40-45 रोगियों को मुंह का कैंसर है, जो मुख्य रूप से तंबाकू और गुटखा के सेवन के कारण होता है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, झारखंड ने 2020 में गुटखा और पान मसाला के 11 ब्रांड पर जून 2023 तक बैन लगाया था. ये बैन क़रीब डेढ़ साल तक चला. इस बार राज्य में गुटखा के अलावा निकोटीन और तंबाकू युक्त सभी तरह के पान मसाला पर बैन लगाय गया है. 

वीडियो: लल्लनटॉप चुनाव यात्रा: कन्नौज के गुटखा मैन को किस नेता से शिकायत है?