गुजरात के अमरेली जिले के एक प्राइमरी स्कूल में 20 से 25 छात्रों के हाथों पर ब्लेड से कटे के निशान मिले हैं. जब पैरेंट्स ने स्कूल प्रशासन से इस बारे में जवाब मांगा, तो स्कूल ने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया. इसके बाद पैरेंट्स ने पुलिस से शिकायत की. पुलिस को जांच में पता चला कि बच्चों ने 'ट्रुथ एंड डेयर' गेम खेलते हुए अपने ही हाथों पर ब्लेड से कट लगाए थे. अब इस मामले की जांच जिला शिक्षा अधिकारी कर रहे हैं.
प्राइमरी स्कूल के 20 बच्चों के हाथ-पैरों पर ब्लेड से काटने के निशान, वजह पैरेंट्स को टेंशन देगी
मामला अमरेली जिले के मोटा मुझ्यसार गांव के एक प्राइमरी स्कूल का है. इसी स्कूल में पढ़ने वाले 20 से अधिक बच्चों के हाथों और पैरों पर ब्लेड से कटे के निशान मिले. घबराए पैरेंट्स ने जब स्कूल से जवाब मांगा, तो टीचरों ने कहा कि यह मामला उनकी जिम्मेदारी में नहीं आता.

इंडिया टुडे से जुड़े ब्रिजेश दोशी की रिपोर्ट के मुताबिक, मामला अमरेली जिले के मोटा मुझ्यसार गांव के एक प्राइमरी स्कूल का है. इसी स्कूल में पढ़ने वाले 20 से अधिक बच्चों के हाथों और पैरों पर ब्लेड से कटे के निशान मिले. घबराए पैरेंट्स ने जब स्कूल से जवाब मांगा, तो टीचरों ने कहा कि यह मामला उनकी जिम्मेदारी में नहीं आता. इसके बाद गांव के सरपंच और अन्य ग्रामीणों ने पुलिस को इस घटना जानकारी दी और जांच की मांग की. बुधवार, 26 मार्च की सुबह पुलिस और ग्रामीण स्कूल पहुंचे और पूछताछ की.
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धारी के ASP जयराज गढ़वी ने बताया कि बच्चों ने एक-दूसरे को 'ट्रुथ एंड डेयर' गेम खेलते हुए चैलेंज दिया कि अगर वे ब्लेड से अपने हाथों पर कट नहीं लगाएंगे, तो उन्हें 10 रुपये देने होंगे. इसी दबाव में सभी बच्चों ने शार्पनर के ब्लेड से अपने हाथों पर कट्स लगा लिए.
पुलिस ने बताया कि यह कोई आपराधिक घटना नहीं लगती, लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी को इस बात की सूचना दे दी गई है. अगर उनकी रिपोर्ट में कोई आपराधिक घटना की जानकारी मिलती है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी.
वहीं उप-जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोलंकी ने बताया कि इस मामले में स्कूल से रिपोर्ट मांगी गई है. तहसील शिक्षा-अधिकारी ने अभिभावकों के साथ बैठक कर बच्चों को काउंसलिंग भी दी है.
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