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जस्टिस यशवंत वर्मा केस की जांच तेज, दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने 2 घंटे तक दर्ज करवाए बयान

देश के चीफ जस्टिस Sanjiv Khanna ने जांच के लिए जो तीन सदस्यों वाली टीम बनाई है, वो मामले से जुड़े अलग-अलग लोगों से बात कर रही है. दिल्ली पुलिस ने इस मामले को लेकर कुछ डिटेल्स भी जांच टीम से शेयर की हैं.

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दिल्ली पुलिस ने कुछ डिटेल्स भी शेयर की हैं. (फ़ोटो - PTI)

जस्टिस यशवंत वर्मा (Justice Yashwant Varma) के आवास पर मिले कैश को लेकर जांच जारी है. चीफ जस्टिस संजीव खन्ना (CJI Sanjiv Khanna) की तरफ़ से बनाई गई तीन सदस्यों वाली जांच टीम, मामले से जुड़े लोगों के बयान दर्ज दर्ज कर रही है. इसी सिलसिले में दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा और नई दिल्ली ज़िले के डिप्टी पुलिस कमिश्नर (DCP) देवेश कुमार महला के भी बयान दर्ज किए गए हैं.

इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि दिल्ली के चाणक्यपुरी में मौजूद हरियाणा राज्य गेस्ट हाउस में ये बयान दर्ज हुए हैं. दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने 4 अप्रैल को क़रीब 2 घंटे तक अपने बयान दर्ज करवाए हैं. अरोड़ा शाम क़रीब 5.30 बजे जांच पैनल के सामने पेश हुए और क़रीब शाम 7.30 बजे बाहर आए.

सूत्रों ने ये भी बताया है कि इससे पहले पैनल ने DCP देवेश कुमार महला का बयान दर्ज किया. वो क़रीब 3 बजे पहुंचे और क़रीब 7.30 बजे चले गए. DCP महला ने आग लगने के बाद उस स्टोर रूम को सील कर दिया था, जहां नकदी मिली थी. बताया गया कि जांच पैनल ने इसके निर्देश दिये थे. वहीं, जांच पैनल ने एडिशनल DCP (नई दिल्ली ज़िला) और ACP (चाणक्यपुरी) का बयान भी दर्ज किया है. 

ये डिटेल्स भी शेयर कीं!

सूत्रों के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय के साथ कई डिटेल्स शेयर किये हैं. इनमें बीते छह महीनों में जस्टिस वर्मा के आवास पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की जानकारी, उसी अवधि के उनके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड (IPDR) शामिल हैं. CJI संजीव खन्ना के निर्देश पर दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस ने पुलिस प्रमुख से ये डिटेल्स मांगी थीं.

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किन लोगों से अब तक हुई है पूछताछ?

इससे पहले 2 अप्रैल को जस्टिस वर्मा पैनल के सामने पेश हुए और अपने बयान दर्ज कराए. आग लगने की घटना पर सबसे पहले मौके पर पहुंचने वाले सभी पांच पुलिसकर्मियों, दिल्ली फ़ायर सर्विस के प्रमुख अतुल गर्ग, तीन फ़ायरफाइटर्स और जस्टिस वर्मा के तीन सुरक्षाकर्मियों के बयान भी दर्ज किए जा चुके हैं.

बता दें कि ये घटना जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी बंगले में 14 मार्च की रात 11.30 बजे घटी थी. बंगले के एक हिस्से में आग लगी थी. आग बुझाने आए फ़ायर सर्विस के कर्मियों को उनके आवास पर भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ था. जस्टिस वर्मा उस समय अपनी पत्नी के साथ बाहर गए हुए थे.

इस मामले को लेकर CJI संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जांच के आदेश दिए. CJI ने इन आरोपों की जांच के लिए तीन जजों का पैनल बनाया. इस पैनल में पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस शील नागू, हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस जीएस संधावालिया और कर्नाटक हाई कोर्ट की जस्टिस अनु शिवरामन शामिल हैं.

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