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पीयूष गोयल के 'दुकानदारी' वाले बयान के बचाव में आए BJP सांसद, Zepto के को-फाउंडर पर साधा निशाना

BJP MP प्रवीण खंडेलवाल ने केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal के बयान का समर्थन किया है. उन्होंने Zepto के CEO आदित पलीचा की आलोचना करते हुए कहा कि स्टार्टअप्स को विदेशी पूंजी से छोटे किराना स्टोर्स को खत्म करने से बचना चाहिए.

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BJP MP प्रवीण खंडेलवाल (दाएं) केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (बाएं) के समर्थन में उतरे.

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के भारतीय स्टार्टअप्स पर दिए बयान का बचाव किया है. खंडेलवाल ने Zepto के को-फाउंडर और CEO आदित पलीचा की भी आलोचना करते हुए कहा कि पलीचा ने गोयल के बयान पर जो कहा वो 'गलत और अतार्किक' है. गोयल ने हाल ही में भारतीय स्टार्टअप्स को लेकर चिंता जताई थी, जिसके बाद स्टार्टअप दिग्गजों ने केंद्रीय मंत्री के बयान पर रिएक्शन दिए.

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि पीयूष गोयल ने इंडियन स्टार्टअप्स को लेकर सही मुद्दा उठाया है. अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (CAIT) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने यह भी कहा कि पलीचा डिफेंसिव होने की वजह से केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के बयान का सही मतलब नहीं समझ पाए.

दरअसल, केंद्रीय मंत्री के बयान पर आदित पलीचा ने कहा था,

भारत में कंज़्यूमर इंटरनेट स्टार्टअप्स की आलोचना करना आसान है, खासकर जब आप उनकी तुलना अमेरिका या चीन में हो रही डीप-टेक की प्रगति से करते हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि आज Zepto पर लगभग 1.5 लाख असली लोग अपनी आजीविका कमा रहे हैं.

प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि स्टार्टअप्स को छोटे किराना स्टोर्स को खत्म करने वाले विदेशी पैसे (फॉरेन कैपिटल इन्वेस्टमेंट) से बचने की जरूरत है. खंडेलवाल के मुताबिक, ऐसा करके नौकरी पैदा करना और टैक्स देना भारत की लॉन्ग-टर्म स्ट्रेटेजी के हित में नहीं है.

गोयल ने हाल ही में भारतीय स्टार्टअप्स की दिशा को लेकर चिंता जताई थी. उन्होंने कहा था कि इंडियन स्टार्टअप्स 'सही रास्ते पर नहीं जा रहे हैं'. गोयल ने भारतीय स्टार्टअप्स के बारे में कहा कि ये स्टार्टअप्स ज्यादातर फूड डिलीवरी, सट्टेबाजी और फैंटेसी स्पोर्ट्स पर ध्यान दे रहे हैं, जबकि चीन के स्टार्टअप्स तकनीकी क्षेत्रों में जैसे इलेक्ट्रिक गाड़ियां, 3D मैन्युफैक्चरिंग, रोबोटिक्स, नेक्स्ट जेनरेशन फैक्ट्री और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम कर रहे हैं.

पीयूष गोयल ने इंडियन स्टार्टअप्स इकोसिस्टम से सवाल किया,

क्या हमें आइसक्रीम या चिप्स ही बनाने हैं? क्या बस दुकानदारी ही करनी है? क्या देश केवल छोटे-छोटे गिग जॉब्स बनाकर ही संतुष्ट है, या फिर हमें बड़ी तकनीकी खोज और लंबे समय की तरक्की की ओर बढ़ना चाहिए?

पीयूष गोयल ने Shark Tank के जजों से भी कहा कि उन्हें अपने बिजनेस मॉडल पर दोबारा सोचने की जरूरत है. ऐसे स्टार्टअप्स को सपोर्ट करें जो असली वैल्यू पैदा करें. पीयूष गोयल के बयान पर भारत-पे के को-फाउंडर अशनीर ग्रोवर का  बयान आया था. अपने चिर परिचित अंदाज में उन्होंने केंद्रीय मंत्री को आड़े हाथों लिया. ग्रोवर ने कहा,

भारत में जिन्हें 'रियलिटी चेक' की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है, वो हमारे नेता हैं. बाकी सब लोग तो भारत की हकीकत में ही जी रहे हैं.

पीयूष गोयल के बयान पर Zepto के को-फाउंडर आदित पलीचा ने भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने भारत के कंज़्यूमर इंटरनेट स्टार्टअप्स का बचाव करते हुए Zepto का उदाहरण दिया जो सिर्फ 3.5 साल पहले शुरू हुआ था. कंपनी ने 2023 में यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल किया और यह क्विक ई-कॉमर्स इंडस्ट्री में अपनी धाक जमाए हुए है.

केंद्रीय मंत्री के बयान पर पलीचा ने कहा,

"भारत में कंज़्यूमर इंटरनेट स्टार्टअप्स की आलोचना करना आसान है, खासकर जब आप उनकी तुलना अमेरिका या चीन में हो रही डीप-टेक की प्रगति से करते हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि आज Zepto पर लगभग 1.5 लाख असली लोग अपनी आजीविका कमा रहे हैं.

जेप्टो को-फाउंडर ने आगे कहा कि कंपनी हर साल सरकार को 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स देती है, एक अरब डॉलर से ज़्यादा का विदेशी निवेश ला चुकी है, और भारत की सप्लाई चेन, खासकर ताजे फल और सब्जियों में सैकड़ों करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है. पलीचा के इसी बयान पर बीजेपी सांसद खंडेलवाल ने प्रतिक्रिया दी है.

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