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'वक्फ कानून जो नहीं मानेगा, वो राजद्रोही, जाएगा जेल... ', बिहार के डिप्टी CM ने खुली चेतावनी दे दी

Bihar Deputy CM on Waqf Bill: बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा- 'ये पाकिस्तान नहीं, हिंदुस्तान है. ये नरेंद्र मोदी सरकार है. जो क़ानून नहीं मानेगा, वो राजद्रोही है.' और क्या बोले बिहार के उपमुख्यमंत्री?

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'वक़्फ़ (संशोधन) विधेयक का विरोध करने वालों को देशद्रोही माना जाएगा'- विजय कुमार सिन्हा.

बिहार के उपमुख्यमंत्री और सीनियर BJP नेता विजय कुमार सिन्हा (Vijay Kumar Sinha) ने वक्फ बिल का विरोध करने वालों को 'राजद्रोही' बताया है. उन्होंने कहा है कि जो लोग वक्फ संशोधन कानून का पालन न करने की धमकी दे रहे हैं, उन्हें जेल जाना होगा. इधर BJP की सहयोगी पार्टी JDU में वक्फ बिल (Waqf Bill) को लेकर अंदरूनी कलह सामने आई है. कई नेताओं ने विरोध स्वरूप पार्टी को छोड़ दिया है और कई नेता इस पर नाराज़ नज़र आ रहे हैं.

Bihar के Deputy CM क्या बोले?

वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) को लोकसभा और राज्यसभा से मंजूरी मिल गई है. अब बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. उनकी मंजूरी के बाद ये बिल क़ानून बन जाएगा. बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मीडिया से बात करते कहा,

ये पाकिस्तान नहीं, हिंदुस्तान है. ये नरेंद्र मोदी सरकार है. जो क़ानून नहीं मानेगा, संविधान की किताब लेकर चलेगा, विधेयक संसद में पास होने पर भी उसे स्वीकार नहीं करेगा, वो राजद्रोही है. ऐसे लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और जेल में डालना चाहिए.

विजय कुमार सिन्हा के मुताबिक़, संविधान की बड़ी संस्था - संसद - में पास हुए बिल पर जिसे विश्वास नहीं है, वो ‘राष्ट्र का हितैषी’ नहीं है.

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JDU में अंदरूनी कलह

इस बीच, जनता दल यूनाइटेड (JDU) में वक्फ संशोधन विधेयक पर बंटी हुई राय दिख रही है. क़रीब पांच नेता इसके विरोध में पार्टी से इस्तीफ़ा दे चुके हैं. वहीं, कई नेताओं ने इसके विरोध में बयान दिये हैं. JDU के एक वरिष्ठ मुस्लिम नेता ने नाम न बताने की शर्त पर इंडियन एक्सप्रेस को बताया,

मैं श्योर नहीं हूं कि बिल को पार्टी के समर्थन के बारे में नीतीश कुमार को पूरी तरह से विश्वास में लिया गया है या नहीं. हमारी जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार चाहते थे कि पार्टी द्वारा समर्थन देने से पहले बिल के विवादास्पद हिस्सों का समाधान किया जाए. लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

बिहार विधान परिषद के सदस्य (MLC) ग़ुलाम गौस ने 3 अप्रैल को विधेयक की आलोचना की थी. फिर उन्होंने 4 अप्रैल को भी कहा,

जो कातिल है वही मुंशीफ है, किस्से न्याय मांगें. अगर BJP असल में मुसलमानों के कल्याण के बारे में सोच रही है, तो वो जस्टिस रंगनाथ मिश्रा आयोग और जस्टिस आर सच्चर समिति की रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू क्यों नहीं कर रही है?

इससे पहले, एक अन्य JDU नेता और पूर्व सांसद गुलाम रसूल बलियावी ने भी विधेयक के ख़िलाफ़ अपना विरोध दर्ज कराया था.

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