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500 दुकानदार, 10 शहर, 1 करोड़ रुपये... पेटीएम साउंड बॉक्स के जरिए ठगी का नेटवर्क चलाता था गैंग, 6 गिरफ्तार

Ahmedabad Cyber Crime: आरोप है कि धोखाधड़ी से हासिल होने वाले पैसे गेमिंग अकाउंट में ट्रांसफर किये जाते थे. उसके बाद उन्हें अपने अकाउंट में जमा करवा लिया करते थे. इसके लिए ठगों ने बाकायदा Ill-Legal Online Gaming Sites में ‘रजिस्ट्रेशन’ कर रखा था.

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अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच के ACP हार्दिक मांकडीया ने बताया है कि कैसे आरोपी ठगी को अंजाम देते थे. (फ़ोटो- X/@cybercrimeahd)
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अतुल तिवारी

गुजरात के अहमदाबाद जिले में ठगी के एक मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि इन लोगों ने पेटीएम साउंड बॉक्स (Paytm Sound Box) का इस्तेमाल करने वाले 500 से ज्यादा दुकानदारों के साथ धोखाधड़ी की है. इनका यह 'नेटवर्क' 10 अलग-अलग शहरों में फैला हुआ था. यह नेटवर्क कथित तौर पर अब तक एक करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है.

आजतक की खबर के मुताबिक, अहमदाबाद के वासणा में रहने वाले जयेश देसाई नाम के दुकानदार ने इसे लेकर शिकायत दर्ज कराई थी. अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच में दर्ज FIR के मुताबिक, दिसंबर 2024 में दो लोग जयेश देसाई के पास पहुंचे. दोनों ने दावा किया कि वे पेटीएम कंपनी से हैं.

उन्होंने जयेश को बताया कि अब पेटीएम साउंड बॉक्स के लिए लगने वाला 99 रुपये का मासिक शुल्क नहीं चुकाना पड़ेगा. सिर्फ 1 रुपये चुकाना होगा. इस ‘स्कीम’ को सक्रिय (activate) करने के लिए दुकानदार से डेबिट कार्ड और मोबाइल नंबर मांगा गया. इस प्रक्रिया के दौरान आरोपियों ने पेटीएम का पासवर्ड हासिल कर लिया.

आरोप है कि दोनों आरोपियों ने पहले पांच हजार, फिर एक लाख के दो ट्रांजेक्शन किए. इसके बाद उन्होंने ट्रांजेक्शन के नोटिफिकेशन को भी डिलीट कर दिया. मामला संज्ञान में आने के बाद अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की और अब आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

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कौन थे मास्टरमाइंड?

गिरफ्तार आरोपियों के नाम गोविंद खटीक, ब्रिजेश पटेल, पराग मिस्त्री, राज पटेल, डीलक्स सुथार और प्रीतम सुथार हैं. अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच के ACP हार्दिक मांकड़िया ने बताया कि ब्रिजेश और प्रीतम इस मामले में मुख्य सूत्रधार हैं.

ये दोनों धोखाधड़ी से हासिल किए गए पैसे गेमिंग अकाउंट में ट्रांसफर करते थे. उसके बाद रकम अपने अकाउंट में जमा करवा लिया करते थे. इसके लिए उन्होंने बाकायदा अवैध (illegal) ऑनलाइन गेमिंग साइट में ‘रजिस्ट्रेशन’ कर रखा था. अकाउंट और फर्जी सिम कार्ड राजस्थान से मंगवाए जाते थे.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी ब्रिजेश पटेल दसवीं पास है. वह साल 2021 में पेटीएम कंपनी में सेल्स मार्केटिंग के तौर पर काम करता था. लेकिन ब्रिजेश के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत मिलने पर उसे निकाल दिया गया था. इसके बाद, साल 2022 से पेटीएम कंपनी के अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर उसने इस तरह की ठगी शुरू की.

ब्रिजेश के अलावा, एक और मुख्य आरोपी प्रीतम 12वीं साइंस तक की पढ़ाई कर चुका है. वह फाइनेंस से जुड़ा कामकाज करता था. यह भी साल 2021 में पेटीएम कंपनी में सेल्स मार्केटिंग का काम करता था. साल 2022 से मुख्य आरोपी ब्रिजेश पटेल के साथ मिलकर पेटीएम साउंड बॉक्स के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने की शुरुआत की थी.

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