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DM ऑफिस में पढ़ी थी ईद की नमाज, 71 साल की महिला पर FIR दर्ज हो गई

पुलिस ने महिला को हिरासत में लिया था. लेकिन कुछ देर बाद ही उसे छोड़ दिया गया. महिला के परिवार और स्थानीय लोगों के मुताबिक, वह “मानसिक रूप से बीमार” है.

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पुलिस ने सात होमगार्ड को भी किया सस्पेंड. (AI Image)

पब्लिक प्लेस पर नमाज (Namaz At Public Place) पढ़ने पर FIR दर्ज होने का एक और मामला सामने आया है. 71 साल की एक महिला पर केस दर्ज (FIR Against Muslim Woman) किया गया है. आरोप है कि महिला ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हमीरपुर में जिला मजिस्ट्रेट ऑफिस के बरामदे में नमाज पढ़ी थी. सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा वीडियो वायरल होने के बाद मामला सामने आया.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ईद (Eid al-Fitr 2025) वाले दिन यानी सोमवार, 31 मार्च की दोपहर को एक वीडियो वायरल हुआ. इसमें एक महिला कथित तौर पर सिर ढककर नमाज पढ़ रही थी. मामला सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की. महिला की पहचान शहर के सूफीगंज निवासी मुन्नी के रूप में हुई.

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पुलिस ने महिला को हिरासत में लिया था, लेकिन कुछ देर बाद ही उसे छोड़ दिया गया. महिला के परिवार और स्थानीय लोगों के मुताबिक, वह "मानसिक रूप से बीमार" है.

उधर, डीएम ऑफिस में ड्यूटी पर तैनात सात होमगार्ड को सस्पेंड कर दिया गया है. उन पर यह एक्शन सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने के आरोप में लिया गया. हमीरपुर की पुलिस अधीक्षक दीक्षा शर्मा ने कहा,

वीडियो सामने आने के बाद अतिक्रमण के आरोप में मामला दर्ज किया गया. बाद में महिला की पहचान की गई. पाया गया कि वह मानसिक रूप से बीमार है.

महिला के परिवार ने दावा किया कि पिछले चार वर्षों से उसका इलाज चल रहा था. महिला का बेटा दिहाड़ी मजदूर है.

इससे पहले मेरठ से भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, मेरठ में होली के दौरान एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी में खुले में नमाज अदा करने के मामले में पुलिस ने मामला दर्ज किया था. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. 

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इसला अलावा, ईद से पहले मेरठ पुलिस ने सड़क पर नमाज पढ़ने वालों को चेतावनी दी थी. ख़बरें थीं कि अगर कोई सड़क पर नमाज पढ़ते हुए पाया जाएगा तो उसका पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस दोनों ज़ब्त कर लिए जाएंगे. मेरठ के पुलिस अधीक्षक आयुष विक्रम सिंह ने कहा था कि ईद की नमाज मस्जिदों या फिर ईदगाहों में अदा की जानी चाहिए. किसी को भी सड़कों पर नमाज नहीं पढ़नी चाहिए.

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