अगर सेक्स दर्दनाक हो जाए. जलन की वजह से पेशाब करना दूभर होने लगे. प्राइवेट पार्ट में लगातार खुजली हो. जलन मचे. सूजन आ जाए. तो सावधान! आपको STD हो सकता है.
सेक्स करते समय ये गलती कर रहे? कहीं महंगी न पड़ जाए! STD होने का खतरा है
अगर आप अनसेफ सेक्स करते हैं, तो आपको STD हो सकता है. STD यानी सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिज़ीज़. ये वो इंफेक्शंस या बीमारियां हैं, जो अनसेफ सेक्स के ज़रिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती हैं. ये कैसे होती हैं? कैसे बचें? सब डॉक्टर से जानें.

STD यानी सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिज़ीज़. सरल भाषा में सेक्स से होने वाली बीमारी. STD एक इंसान से दूसरे इंसान में बड़ी आसानी से फैल सकता है. ख़ासकर उनमें, जो अनसेफ सेक्स करते हैं. यानी कॉन्डोम का इस्तेमाल नहीं करते.
मगर STD क्या है? क्यों होता है? बचें कैसे? ये सब समझेंगे आज.
क्या होते हैं STD?
ये हमें बताया डॉक्टर प्रियंका सुहाग ने.

STD यानी सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिज़ीज़. ये वो इंफेक्शंस या बीमारियां हैं, जो अनसेफ सेक्स के ज़रिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती हैं. ये कुछ वायरस या बैक्टीरिया के कारण होती हैं. आम STD में शामिल हैं- सिफलिस, गोनोरिया, क्लैमाइडिया, HPV इंफेक्शन, HIV इंफेक्शन और ट्राइकोमोनिएसिस.
STD होने के कारण
STD होने का सबसे बड़ा कारण अनसेफ सेक्स है. बिना कॉन्डम सेक्स करने से STD का ख़तरा बढ़ जाता है. एक से ज़्यादा सेक्स पार्टनर होने पर भी STD का रिस्क बढ़ जाता है. संक्रमित सुई या खून चढ़ाने से भी STD फैल सकता है. कुछ STD जन्म के दौरान या प्रेग्नेंसी में मां से बच्चे में आ सकते हैं. प्राइवेट पार्ट्स की सफ़ाई न रखने से भी STD का ख़तरा बढ़ जाता है.
STD के इन लक्षणों को बिलकुल इग्नोर न करें!
- प्राइवेट पार्ट से बदबूदार डिस्चार्ज होना
- प्राइवेट पार्ट में सूजन, खुजली, जलन या दर्द होना
- पेशाब करते समय जलन या दर्द होना
- अचानक से बुखार आना
- प्राइवेट पार्ट के आसपास सूजन, लम्प्स (गांठ) या बम्प्स (उभरे हुए दाने) दिखना
- कमज़ोरी महसूस होना
- सेक्स के दौरान दर्द होना
- अंडकोष (टेस्टिकल्स) में सूजन या दर्द होना
- मलद्वार (एनस) में खुजली, दर्द या ज़्यादा डिसचार्ज होना
- अगर ये लक्षण हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाएं

STD से बचाव और इलाज
- सेफ सेक्स करें. हर बार कॉन्डम का इस्तेमाल करें
- प्राइवेट पार्ट्स की सफ़ाई रखें.
- STD की नियमित जांच कराएं.
- डॉक्टर की सलाह पर HPV वैक्सीन और हेपेटाइटिस बी की वैक्सीन लगवाएं.
- अगर इंफेक्शन का शक हो, तो अपना और अपने पार्टनर का इलाज करवाएं.
STD के आधार पर आपको एंटीबैक्टीरियल या एंटीवायरल दवाएं दी जा सकती हैं. अगर बैक्टीरियल STD है, जैसे गोनोरिया, क्लैमाइडिया और सिफलिस, तो एंटीबायोटिक्स दी जाएंगी. अगर वायरल STD है, जैसे हर्पीज़ या HIV, तो एंटीवायरल दवाएं दी जाएंगी. बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा न लें, गलत दवा नुकसान कर सकती है. अपने साथ अपने पार्टनर का भी इलाज कराएं. STD इंफेक्शन के दौरान सेक्स करने से बचें. इलाज पूरा होने के बाद ही सेक्स करें. वरना आप अपने पार्टनर को भी इंफेक्शन दे सकते हैं. STD गंभीर हो सकता है, लेकिन सही जानकारी और इलाज से इसे ठीक किया जा सकता है. अगर आपको STD से जुड़ा कोई भी लक्षण हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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