Yeh Dil Aashiqanaa fame Jividha Sharma reveals People offered her films but Compromise was non-negotiable
'ये दिल आशिकाना' फेम जिविधा शर्मा बोलीं, कास्टिंग काउच के चलते अजय,इमरान हाशमी की फिल्में छोड़ीं
Jividha Sharma ने Lallantop Cinema के साथ बातचीत में कहा, "मेरा दिल टूट गया था. मैं कई दिनों तक रोती रही. मैं ये सोचने लगी थी कि कहीं कॉम्प्रमाइज़ करना ज़रूरी तो नहीं?"
'ताल' में ऐश्वर्या की छोटी बहन का किरदार निभााया था जिविधा ने. तब वो 11वीं क्लास में थीं.
Taal फिल्म में Aishwarya Rai के साथ नज़र आईं Jividha Sharma ने अपने छोटे से रोल से भी अलग पहचान बनाई थी. इसी की बदौलत उन्हें Yeh Dil Aashiqanaa मिली, जो हिट भी रही. मगर उसके बाद जीविधा पर्दे से गायब हो गईं. कहां चली गईं जीविधा? क्या हुआ अचानक कि सिल्वर जुबली फिल्म देने वाली लीड एक्ट्रेस यकायक इंडस्ट्री से गायब ही हो गईं? इन सारे सवालों के जवाब जीविधा ने Lallantop Cinema से बातचीत में दिए. उन्होंने बताया कि Ajay Devgn और Emraan Hashmi जैसे एक्टर्स की फिल्मों के लिए भी उन्हें कास्टिंग काउच जैसे हालात का सामना करना पड़ा. और ना कहने पर नतीजा ये हुआ कि फिल्में मिलनी बंद हो गईं. Lallantop Cinema से बातचीत में जीविधा ने पूरी आपबीती सुनाई. उन्होंने कहा,
"फिल्म 'ये दिल आशिकाना' का अनुभव बहुत बड़ा था मेरे लिए. ये सिल्वर जुबली फिल्म रही. इसके बाद मैं उस दौर के लगभग हर डायरेक्टर से मिली. मैं बहुत ही हॉट प्रॉपर्टी बन गई थी उसके बाद. सबको मैं चाहिए थी. सबसे मिली मैं. सारे प्रोड्यूसर्स से. मैं नाम नहीं लूंगी उनके. फिर मैंने एक तेलुगु फिल्म साइन की थी NTR Jr. के साथ. मगर 'ये दिल आशिकाना' के हिट होने के बाद भी मेरी भागदौड़ चल रही थी काम पाने के लिए. आसान नहीं था. लोगों ने मुझसे कॉम्प्रमाइज़ करने को कहा. मैं इसके लिए तैयार नहीं थी. मैं अपनी इंटेग्रिटी के साथ ही काम करना चाहती थी. आप मुझसे चाहे जितनी देर काम करवा लो. मगर मैं कॉम्प्रमाइज़ नहीं करूंगी. बस यही मेरे करियर में बैरियर बन गया."
'ताल' में ऐश्वर्या राय की छोटी बहन का रोल किया था जीविधा ने. तब वो 11वीं क्लास में थीं. इस छोटी उम्र में जो हालात उनके सामने बने, उन्होंने जीविधा का मनोबल तोड़ दिया. इस बारे में जीविधा ने आगे कहा,
"ये गुस्सा दिलाने वाला और दु:खद है. मैं नहीं कह रही हूं कि सही क्या है, गलत क्या है. पर सबको एक ही तराजू में रखते हो, ये गलत है. शुरू में एक-दो बार तो समझ नहीं आया कि कॉम्प्रमाइज़ करने का मतलब क्या है. पर जब मैं और लोगों से मिली, तो कुछ-कुछ ने तो बहुत ही अन-नैचरल फिजिकल होने की भी कोशिश की. मतलब बात करते हुए बहुत करीब आना, छूकर कहना कि आप बहुत सुंदर हैं. मैं आपको बहुत पसंद करता हूं. तब मुझे लगा कि कुछ तो ग़लत हो रहा है. ये सही नहीं है. ऐसा नहीं होना चाहिए. फिर एक के बाद एक प्रोजेक्ट मिलने ही बंद हो गए. अच्छे खासे प्रोजेक्ट आते, मगर हाथ से निकल जाते. क्योंकि मुझे ना कहना पड़ता था. कल्पना कीजिए कि 'ये दिल आशिकाना' के बाद भी मुझे ये सब फेस करना पड़ा. इतनी बड़ी और सक्सेसफुल सिल्वर जुबली फिल्म देने के बाद भी ये सब देखना पड़ा."
'ताल' में जीविधा का काम देख अरुणा ईरानी ने उन्हें 'ये दिल आशिकाना' ऑफर की.
# क्या सब हीरोइन कॉम्प्रमाइज़ करती हैं?
Lallantop Cinema से बातचीत में जीविधा ने कास्टिंग काउच के बारे में खुलकर बात की. इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच के लिए जिम्मेदार कौन है, इस बारे में बात छिड़ी तो जीविधा ने कहा,
“इसके लिए आप किसे ब्लेम करोगे मुझे नहीं पता. लोग कहते हैं कि तुम सही लोगों से नहीं मिली. कौन हैं सही लोग? मैंने अपनी क्षमता के मुताबिक जो कर सकती थी, सब किया. फिर ग़लती कहां हुई? कल्पना कीजिए, 2002 में 'ये दिल आशिकाना' आई थी. उस साल में जितने भी अवॉर्ड थे, उनमें नॉमिनेशन तो भूल जाइए, मुझे इन्वाइट तक नहीं किया गया. किसी ने बुलाया तक नहीं मुझे. मैं अजनबियों की तरह भटक रही थी इंडस्ट्री में. सबको मालूम था वो फिल्म इतनी अच्छी चली थी. मैं स्टार हो गई थी. डेब्यू का नॉमिनेशन भी नहीं मिला. अवॉर्ड तो छोड़ो. मेरा दिल टूट गया था. मैं कई दिनों तक रोती रही. सेल्फ वर्थ पर डाउट होने लगा था मुझे. मैं ये तक सोचने लगी थी कि कहीं कॉम्प्रमाइज़ करना ज़रूरी तो नहीं? कहीं सब यही तो नहीं करते हैं? अगर मैं नहीं करूंगी तो इसका मतलब मुझे काम नहीं मिलेगा? मैं सोचने लगी थी कि शायद ये मेरी जगह नहीं है. शायद मैं लायक नहीं हूं. मेरी पूरी मेंटल हेल्थ तबाह हो गई थी. मैं बहुत बुरी हालत में थी. पूरी तरह से बिखर गई थी मैं. मेरा कॉन्फिडेंस खत्म हो गया था. जब भी किसी मीटिंग के लिए जाती, फिर वही बात सामने आती. और वहां से उठकर जाना पड़ता. मैं मन में दोहराती थी कि आज का दिन भी खराब बीता. बड़े-बड़े प्रोजेक्टस हाथ से चले गए इस चक्कर में. अच्छे एक्टर्स के साथ. मुझे याद है एक फिल्म थी अजय देवगन के साथ. एक इमरान हाशमी के साथ. फिर एक फिल्म थी उस दौर के अच्छे डायरेक्टर के साथ. ये सब मेरे पास आईं, मगर मैं कर नहीं सकी.”
# लोग कहते थे सब यही करती हैं, तुम में क्या खास है?
इस बातचीत में जीविधा ने बताया कि इनकार के बदले में फिल्में तो हाथ से गईं ही. मगर साथ ही अपमान भी मिला. कदम-कदम पर उनके फैसलों पर सवाल उठाए गए. लोगों ने उन्हें सब इसी रास्ते से आगे बढ़ते हैं. इस बारे में विस्तार से बताते हुए जीविधा ने कहा,
"बहुत रैंडम स्टेटमेंट सुनने को मिलते थे, कि तुम में क्या खास बात है जो तुम ये सब नहीं करोगी. बाकी तो सब करती हैं. ऐसा तुम में क्या है? तुम कुछ भी नहीं हो. आप अंदर से बिखर जाते हो. खुद पर डाउट करने लगते हैं."
जब जीविधा को हिंदी फिल्मों में काम मिलना बंद हो गया, तो उन्होंने पंजाबी फिल्मों का रुख किया. फिर टीवी में भी काम किया. 2016 में ऋतिक रौशन स्टारर ‘मोहन जोदाड़ों’ से उनकी हिंदी फिल्मों में वापसी हुई. आशुतोष गोवारिकर डायरेक्टेड इस फिल्म में उन्होंने ऋतिक के किरदार की मां रामी का रोल किया था. उसके बाद वो लेख टंडन की फिल्म ‘फिर उसी मोड़ पर’ में नज़र आईं. उसके बाद से अब तक उनकी कोई भी फिल्म या शो नहीं आया है.
वीडियो: 'ये दिल आशिक़ाना' वाली एक्ट्रेस आजकल क्या कर रही हैं?