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कौन थे हरि सिंह नलवा जिसकी कहानी पर अक्षय कुमार 'केसरी 3' बनाने जा रहे हैं?

Hari Singh Nalwa, महाराजा रणजीत सिंह की सेना के कमांडर थे. 20 से ज़्यादा लड़ाइयों में उन्होंने खासला सेना को लीड किया. एक बार तो उन्होंने अकेले ही एक बाघ को मार गिराया था.

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'केसरी 3' में अक्षय कुमार फिल्म में हरी सिंह नलवा का रोल निभाएंगे.

Akshay Kumar की Kesari Chapter 2 का ट्रेलर आ चुका है. ट्रेलर लॉन्च इवेंट में अक्षय ने बताया कि वो लोग जल्द ही Kesari 3 पर भी काम शुरू करने वाले हैं. उन्होंने बताया कि 'केसरी 3' एक पीरियड ड्रामा फिल्म होगी. जो Hari Singh Nalwa की ज़िंदगी पर आधारित होगी. कौन थे हरी सिंह नलवा, क्या है उनकी कहानी, आइए जानते हैं.

साल 2019 में आई 'केसरी' ब्रिटिश इंडियन आर्मी के 21 सैनिकों की कहानी थी. इस फिल्म में अक्षय ने हवलदार ईशर सिंह का किरदार निभाया था. जिनके नेतृत्व में 21 सैनिक, 10 हज़ार आक्रमणकारियों के खिलाफ बहादुरी से लड़े थे. अब 'केसरी 2' आ रही है. ये फिल्म साल 1919 में जलियांवाला बाग हत्याकांड के बैकड्रॉप पर बनी है. कहानी है सी. शंकरन नायर की नाम के वकील की. जलियांवाला हत्याकांड में मारे गए जिन निहत्थे लोगों को ब्रिटिश सरकार ने आतंकवादी घोषित किया था, शंकरन नायर उनके हक के लिए लड़े थे. इस फिल्म में शंकरन का किरदार अक्षय ने निभाया है.

इस फ्रैंचाइज़ की पिछली दो किश्तों की ही तरह 'केसरी 3' भी एक पीरियड ड्रामा फिल्म होने वाली है. जो हरि सिंह नलवा की ज़िंदगी से प्रेरित होगी. हरि सिंह नलवा, महाराज रणजीत सिंह की सेना के कमांडर थे. उन्होंने कश्मीर, हजारा और पेशावर के गवर्रन के रूप में काम किया. मगर ये उनका बहुत अदना सा परिचय हुआ. नलवा वो योद्धा थे, जिन्होंने अपनी ज़िंदगी में 20 से ज़्यादा लड़ाइयों में खालसा सेना को लीड किया. उन्होंने 1813 में अटक, 1814 में कश्मीर, 1816 में महमूदकोट, 1818 में मुल्तान, 1822 में मनकेरा, 1823 में नौशहरा को सिख साम्राज्य में मिलाया. उनकी बहादुरी के किस्से पाकिस्तान और काबुल तक मशहूर रहे.

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महाराजा रणजीत सिंह के दरबार की फोटो.

04 अप्रैल 2025 में मनोज कुमार का निधन हुआ. उन्हीं की साल 1967 में आई फिल्म 'उपकार' का एक गाना है,

''मेरे देश की धरती सोना उगले...''

इस गाने के दूसरे अंतरे में गुलशन बावरा लिखते हैं,

''रंग हरा हरि सिंह नलवे से,
रंग लाल है लाल बहादुर से,
रंग बना बसंती भगत सिंह,
रंग अमन का वीर जवाहर से...''

इस गीत में लाल बहादुर, भगत सिंह और जवाहर के नाम से तो हम परिचित हैं. मगर नलवा के बारे में कम ही लोग जानते हैं. नलवा की बहादुरी को देखते हुए 13 साल की उम्र में ही महाराजा रणजीत सिंह ने उन्हें अपना पर्सनल बॉडीगार्ड बना लिया था. जल्द ही अपनी सूझ-बूझ और साहस से वो सिख सेना के कमांडर बन गए. 16 साल की उम्र में पहली लड़ाई लड़ते हुए हरि सिंह ने कसूर को सिख साम्राज्य में मिलाया. एक बार हरि सिंह शिकार पर निकले. वहां उनका पाला बाघ से पड़ गया. हरि सिंह ने अकेले ही बाघ को मार गिराया. इसी के बाद उनका नाम हरि सिंह नलवा पड़ गया. 

हरि सिंह की ख्याति फैल चुकी थी. 1834 में पेशावर पर कब्ज़ा करने के बाद हरि सिंह जमरूद की ओर बढ़े. 1836 में हरि सिंह ने जमरूद को भी अपने कब्ज़े में ले लिया. महाराजा रणजीत सिंह के पौत्र की शादी के वक्त हरी सिंह पेशावर में मौजूद थे. जब दोस्त मुहम्मद ने जमरूद पर कब्ज़ा करने का आदेश दिया, तो हरी सिंह भी उस किले की तरफ बढ़े. अफगान सैनिकों को जब ये पता चला कि हरी सिंह आ रहे हैं, तो उनकी फौज में पैनिक फैल गया. उन्होंने दर्जनों लड़ाइयों में उनसे मात खाई थी. दोनों सेनाओं के बीच जंग हुई. इसी लड़ाई में हरि सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए.

जब चार दिनों तक अफगान सैनिकों ने नहीं किया डायरेक्ट हमला

हरि सिंह ने घायल होने के बाद अपनी फौज को आदेश दिया कि अगर उनकी मौत हो जाए, तो इसकी खबर बाहर ना जाने पाए. अगले चार दिनों तक हरि सिंह के कपड़ों को किले के बाहर सुखाया गया. अफगान फौज इतनी घबराई हुई थी कि उन्होंने चार दिनों तक सीधा हमला नहीं किया. दूर से ही गोलाबारी करते रहे. चार दिन बाद उन्हें खबर मिली कि हरि सिंह मारे गए. मगर तब तक देर हो चुकी थी. लाहौर से सिख रिइन्फोर्समेंट जमरूद तक पहुंच चुकी थी. जिसके बाद अफगान की सेना पीछे हटी और जमरूद को बचा लिया गया.

वैसे हरि सिंह नलवा की बहादुरी के किस्से महाराजा रणजीत सिंह बड़े चाव से सुनाया करते थे. 'द डॉन' के एक पत्रकार हैं, माजिद शेख. उन्होंने अपने एक लेख में लिखा था,

''बचपन में मेरे पिता हरि सिंह नलवा की कहानियां सुनाया करते थे. कि कैसे पठान युसुफज़ई औरतें अपने बच्चों को ये कहकर डराती थी- ‘चुप सा, हरि राघले’. यानी चुप हो जा वरना हरि सिंह आ जाएगा.''

हरि सिंह नलवा सालों से अफ़ग़ान लोक कथाओ का हिस्सा रहे हैं. 2023 में रणबीर कपूर की एक फिल्म आई थी. नाम था 'एनिमल'. फिल्म का गाना 'अर्जन वैली' खूब पॉपुलर हुआ. इस गाने का कनेक्शन भी हरि सिंह नलवा से जुड़ा है. ये गाना उनके बेटे अर्जन सिंह पर आधारित था. हरि सिंह नलवा के बाद उनके बेटे अर्जन, सिख साम्राज्य के लिए अंग्रेजों के खिलाफ डटकर लड़े थे.

अब देखना होगा हरि सिंह नलवा को बड़े पर्दे पर अक्षय कुमार और मेकर्स कैसे लाते हैं. उसे कैसे ट्रीट किया जाता है. फिलहाल 'केसरी चैप्टर 2' की बात करें, तो ये फिल्म 18 अप्रैल को बड़े पर्दे पर रिलीज़ होने वाली है. इसमें आर. माधवन और अनन्या पांडे भी दिखाई देंगे. इसे Karan Singh Tyagi ने डायरेक्ट किया है. 

वीडियो: अक्षय कुमार की 'केसरी 2' के गाने 'शेरा उठ जरा' की क्या कहानी है?